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Panipat News: 17 को जैन स्थानक में मनाई जाएगी भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
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प्रवचन देते उपेंद्र मुनि। संवाद
समालखा। जैन स्थानक में आयोजित धर्म सभा में उपेंद्र मुनि महाराज ने रविवार को प्रवचन किए और बताया कि 17 को कर्मयोगी भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। उपेंद्र मुनि ने बताया कि संत का श्रावक के प्रति व्यवहार कैसा होना चाहिए। अनुचित व्यवहार से साख और कामुकता से इज्जत बिगड़ती है।
इसी कामुकता वश रावण ने कुल घात करवाया था। जीवन में स्वस्थ जीवन जीने के लिए रोजाना हल्का भोजन करना चाहिए। जर्दा, गुटका खाकर दीवारों को, बीड़ी सिगरेट से फेफड़ों को, फैशन से कपड़ों को, कड़वे बोल से जुबान को, बेवकूफ बनकर जीवन को, कृत्रिम चीजों से असलियत को, नाइंसाफी से व्यवहार को और बुरी संगत करके चरित्र को मत बिगाड़ो। मानव को धन का नशा नहीं करना चाहिए। तन नहीं छूता कोई भी दम निकल जाने के बाद, फेंक देते हैं फूल को ज्यों खुशबू निकल जाने के बाद।
इस अस्थिर संसार में क्यों मग्न कुन्दन हो रहा है, हे मानव, कल पछताएगा बलहीन हो जाने के बाद। मानव अब भी समझ बूझ से काम ले और धर्म की शरण में आ जाओ क्योंकि मरने के बाद यहां पर ज्ञान किसे कब होता है। नहीं लौटती रातें बीती है जग का यह अटल विधान। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व 16 अगस्त को है। उस दिन सभी हिन्दू मंदिरों में जन्माष्टमी उत्सव मनाया जाएगा। संवाद
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इसी कामुकता वश रावण ने कुल घात करवाया था। जीवन में स्वस्थ जीवन जीने के लिए रोजाना हल्का भोजन करना चाहिए। जर्दा, गुटका खाकर दीवारों को, बीड़ी सिगरेट से फेफड़ों को, फैशन से कपड़ों को, कड़वे बोल से जुबान को, बेवकूफ बनकर जीवन को, कृत्रिम चीजों से असलियत को, नाइंसाफी से व्यवहार को और बुरी संगत करके चरित्र को मत बिगाड़ो। मानव को धन का नशा नहीं करना चाहिए। तन नहीं छूता कोई भी दम निकल जाने के बाद, फेंक देते हैं फूल को ज्यों खुशबू निकल जाने के बाद।
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इस अस्थिर संसार में क्यों मग्न कुन्दन हो रहा है, हे मानव, कल पछताएगा बलहीन हो जाने के बाद। मानव अब भी समझ बूझ से काम ले और धर्म की शरण में आ जाओ क्योंकि मरने के बाद यहां पर ज्ञान किसे कब होता है। नहीं लौटती रातें बीती है जग का यह अटल विधान। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व 16 अगस्त को है। उस दिन सभी हिन्दू मंदिरों में जन्माष्टमी उत्सव मनाया जाएगा। संवाद
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