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Panipat News: पुस्तक मेले में जगाई प्रदूषण नियंत्रण के लिए अलख
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पानीपत। एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में राज्य स्तरीय सात दिवसीय पानीपत महोत्सव-तृतीय पुस्तक मेले के तीसरे दिन थीम ‘प्रदूषण मुक्त हो शहर हमारा’ और ‘प्राकृतिक सुंदरता को सुरक्षित बनाएं, भविष्य को उज्ज्वल बनाएं’ रहा। इस अवसर पर इस अवसर पर राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण हरियाणा के चेयरमैन पीके दास ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण के लिए लोगों में अलख जगाई। वहीं पीएमश्री स्कूल मॉडल टाउन की छात्राओं ने हरियाणवी नृत्य और आएगा-आएगा नया जमाना जरूर गीत की प्रस्तुति देकर सबका मन मोह लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने की।
कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल और प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने पौधे भेंटकर मेहमानों का स्वागत किया। मंच संचालन डॉ. संगीता गुप्ता और जनसंपर्क अधिकारी राजीव रंजन ने किया।पीके दास ने कहा कि। मानव जीवन का उद्देश्य पैसा कमाना नहीं होना चाहिए बल्कि इंसान को साहित्यिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक तौर पर खुद को समृद्ध करना होना चाहिए। हमें अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में सामंजस्य बनाना सीखना चाहिए। हरियाणा में संस्कृति और सभ्यता का निरंतर विकास आ रहा है। युवा पीढ़ी को पुस्तक पढ़ने की आदत डालनी चाहिए। पानीपत महोत्सव और पुस्तक मेला इसी उद्देश्य की प्राप्ति का साधन बनेगा। हमें अपने ज्ञान को खुद तक सीमित न रखकर दूसरों को भी बांटना चाहिए।
प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने रक्षाबंधन पर प्रकृति और पुस्तकों के साथ भी इस डोर को बांधने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोगों को अब अपने बौद्धिक विकास और पर्यावरण बोध के प्रति सचेत होना होगा। बढ़ता पर्यावरण चिंता के साथ चुनौती भी हैं। उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि पुस्तक व्यक्ति की सबसे अच्छी मित्र होती हैं। हमें पुस्तकों को पढ़कर उनमें लिखी बातों को जीवन में धारण करना चाहिए। इस मौके पर इंडियन ऑयल के डीजीएमसी सुरेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा और समाजसेवी हरिओम तायल मौजूद रहे।
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पुस्तक मेले में लगी रही भीड़
पुस्तक मेले में सोमवार को तीसरे दिन भी किताबें देखने और खरीदने वालों की भीड़ बनी रही। प्रथम दिन ही लगभग तीन लाख रुपये की पुस्तकों की बिक्री हुई। पुस्तक मेला प्रतिदिन सुबह 10 से सायं सात बजे तक चलता है
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कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल और प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने पौधे भेंटकर मेहमानों का स्वागत किया। मंच संचालन डॉ. संगीता गुप्ता और जनसंपर्क अधिकारी राजीव रंजन ने किया।पीके दास ने कहा कि। मानव जीवन का उद्देश्य पैसा कमाना नहीं होना चाहिए बल्कि इंसान को साहित्यिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक तौर पर खुद को समृद्ध करना होना चाहिए। हमें अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में सामंजस्य बनाना सीखना चाहिए। हरियाणा में संस्कृति और सभ्यता का निरंतर विकास आ रहा है। युवा पीढ़ी को पुस्तक पढ़ने की आदत डालनी चाहिए। पानीपत महोत्सव और पुस्तक मेला इसी उद्देश्य की प्राप्ति का साधन बनेगा। हमें अपने ज्ञान को खुद तक सीमित न रखकर दूसरों को भी बांटना चाहिए।
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प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने रक्षाबंधन पर प्रकृति और पुस्तकों के साथ भी इस डोर को बांधने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोगों को अब अपने बौद्धिक विकास और पर्यावरण बोध के प्रति सचेत होना होगा। बढ़ता पर्यावरण चिंता के साथ चुनौती भी हैं। उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि पुस्तक व्यक्ति की सबसे अच्छी मित्र होती हैं। हमें पुस्तकों को पढ़कर उनमें लिखी बातों को जीवन में धारण करना चाहिए। इस मौके पर इंडियन ऑयल के डीजीएमसी सुरेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा और समाजसेवी हरिओम तायल मौजूद रहे।
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पुस्तक मेले में लगी रही भीड़
पुस्तक मेले में सोमवार को तीसरे दिन भी किताबें देखने और खरीदने वालों की भीड़ बनी रही। प्रथम दिन ही लगभग तीन लाख रुपये की पुस्तकों की बिक्री हुई। पुस्तक मेला प्रतिदिन सुबह 10 से सायं सात बजे तक चलता है