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Panipat News: हर दिन जा रही जान, फिर भी लगा रहे मौत की छलांग
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पानीपत। गर्मी से तंग युवा नहर में मौत की छलांग लगा रहे हैं। आए दिन हादसे के बाद भी न तो पुलिस-प्रशासन की ओर से आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं और न ही युवा ही बाज आ रहे हैं। यहीं नहीं नहर किनारे अवैध खुर्दे पर बिक रही शराब भी आग में घी का काम कर रही है। कारण कि नशा कर नहर में कूदने पर जान का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।
नहर में नहाते समय डूबने से मौत के आकड़ों पर गौर करें तो एक सप्ताह में छह की मौत हो चुकी है, यानी हर 27 घंटे में एक हादसा हो रहा है। यह स्थिति तब है जबकि प्रशासन की ओर से धारा-144 लगाई गई है, लेकिन इस पर अमल कराने का न तो पुलिस को समय है और न ही युवाओं को इससे खास फर्क पड़ रहा है। गांवों व शहर की आबादी के आसपास युवा सबसे अधिक नहर में छलांग लगा रहे हैं।
अमर उजाला ने रविवार को गढ़ी सिकंदरपुर से गोहाना रोड तक दिल्ली नहर का लाइव किया, जिसमें सैकड़ों युवा नहर में नहाते मिले। इनमें ज्यादातर किशोर थे। इस दौरान पुलिस कहीं पर भी नजर नहीं आई। बतरा कॉलोनी के पास 50 से अधिक किशोर नहर में छलांग लगाते और एक किनारे से दूसरे किनारे तक तैरकर जाते दिखे।
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नहर किनारे ठेकों और अवैध खुर्दों पर शराब और पार्टी का सारा सामान मिलता है। युवा यहां से शराब व अन्य सामान खरीदते हैं और नहर किनारे बैठकर शराब पार्टी करते हैं। इनमें से कुछ बीच में उठकर नहर में छलांंग भी लगा देते हैं, जो कई बार मौत की छलांग साबित होती है।
गढ़ी सिकंदरपुर, जींद रेलवे लाइन, बत्रा कॉलोनी, गोपाल कॉलोनी, शनि मंदिर, शांति नगर पुल, जाटल रोड कश्यप कॉलोनी, गोहाना रेलवे लाइन, गोहाना रोड, सरकारी म्यूजियम, महाराना पुल, सिवाह, पानीपत-रोहतक बाईपास रोड, बुड़शाम, नारायण, ढोड़पुर, नामुंडा व ढिंडार। शहर में संवेदनशील प्वाइंट बन गए है, जहां पर नहाने वालों की सबसे ज्यादा संख्या होती है और डूबने वालों की भी। बत्रा कॉलोनी के महज एक से डेढ़ किलोमीटर के दायरे में पुराना औद्योगिक क्षेत्र आता है, इसके बावजूद कोई गश्त नहीं होती।
बता दें कि हर साल गर्मी के दिनों में 70 से 90 लोग अपनी जान से हाथ धो बैठते है, इन आंकडों में सबसे ज्यादा मौत किशोर व युवाओं की है। पुलिस प्रशासन हर बार नहर किनारे धारा 144 लागू की जाती है, लेकिन इसके बावजूद कोई असर नहीं होता।
सोशल मीडिया पर नहर में छलांग लगाते वक्त की रील बनाना एक नया ट्रेंड चला हुआ है। हर कोई ऊंचाई से नहर में छलांग लगा रहा है और इसकी रील बना रहा है। पानीपत में भी कई किशोर रील बनाते दिखे, लेकिन यह उनके लिए कितना खतरनाक हो सकता है, शायद इसका आभास उन्हें नहीं है।
-12 मई को मतलौडा निवासी अजीत कुमार गर्मी लगने पर नहर किनारे बैठकर पैर धो रहा था, इसी बीच वह बह गया, तीसरे दिन बडवासनी के पास उसका शव मिला था।
-15 मई को जन्मदिन पार्टी के बाद नहर में नहा रहे चार में दो दोस्त शुभम और सुखविंद्र नहर में बह गए थे, जिनका तीसरे दिन खुबडू झाल व बडवासनी के पास शव मिला था।
-17 मई को एनएफएल के पास एक युवक का शव मिला था।
-17 मई को दोस्तों संग दिल्ली पैरलल नहर में दोस्तों संग नहाने गया शिवम बह गया, जिसका 19 मई को नारायणा के पास शव मिला था
- 19 मई को सचिना नहर में बह गई थी। नामुंडा गांव के पास तीसरे दिन रविवार देर शाम को उसका शव बरामद किया गया है।
होगी कार्रवाई, जाल लगाकर बनाया जाएगा सुरक्षित एरियानहर पर धारा 144 लागू की गई है, साथ ही पुलिस को गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस नहर में नहाने वाले लोगों पर शिंकजा कस रही है। इसके अलावा नहर किनारे किसी भी ठेके को लाइसेंस नहीं देने के लिए संबंधित विभाग को कहा गया है। अगर कोई खुर्दा चल रहा है तो उस पर निश्चित कार्रवाई की जाएगी। नहर में जगह सुनिश्चित की जा रही है, उसमें एक जाल लगाकर सुरक्षित एरिया बनाया जाएगा। प्रशासन को जाल व रस्से के लिए पत्र लिखा गया है, ताकि डूबने वाले व्यक्ति को बचाया जा सके।
एसपी, अजीत सिंह शेखावत
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नहर में नहाते समय डूबने से मौत के आकड़ों पर गौर करें तो एक सप्ताह में छह की मौत हो चुकी है, यानी हर 27 घंटे में एक हादसा हो रहा है। यह स्थिति तब है जबकि प्रशासन की ओर से धारा-144 लगाई गई है, लेकिन इस पर अमल कराने का न तो पुलिस को समय है और न ही युवाओं को इससे खास फर्क पड़ रहा है। गांवों व शहर की आबादी के आसपास युवा सबसे अधिक नहर में छलांग लगा रहे हैं।
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अमर उजाला ने रविवार को गढ़ी सिकंदरपुर से गोहाना रोड तक दिल्ली नहर का लाइव किया, जिसमें सैकड़ों युवा नहर में नहाते मिले। इनमें ज्यादातर किशोर थे। इस दौरान पुलिस कहीं पर भी नजर नहीं आई। बतरा कॉलोनी के पास 50 से अधिक किशोर नहर में छलांग लगाते और एक किनारे से दूसरे किनारे तक तैरकर जाते दिखे।
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नहर किनारे ठेकों और अवैध खुर्दों पर शराब और पार्टी का सारा सामान मिलता है। युवा यहां से शराब व अन्य सामान खरीदते हैं और नहर किनारे बैठकर शराब पार्टी करते हैं। इनमें से कुछ बीच में उठकर नहर में छलांंग भी लगा देते हैं, जो कई बार मौत की छलांग साबित होती है।
गढ़ी सिकंदरपुर, जींद रेलवे लाइन, बत्रा कॉलोनी, गोपाल कॉलोनी, शनि मंदिर, शांति नगर पुल, जाटल रोड कश्यप कॉलोनी, गोहाना रेलवे लाइन, गोहाना रोड, सरकारी म्यूजियम, महाराना पुल, सिवाह, पानीपत-रोहतक बाईपास रोड, बुड़शाम, नारायण, ढोड़पुर, नामुंडा व ढिंडार। शहर में संवेदनशील प्वाइंट बन गए है, जहां पर नहाने वालों की सबसे ज्यादा संख्या होती है और डूबने वालों की भी। बत्रा कॉलोनी के महज एक से डेढ़ किलोमीटर के दायरे में पुराना औद्योगिक क्षेत्र आता है, इसके बावजूद कोई गश्त नहीं होती।
बता दें कि हर साल गर्मी के दिनों में 70 से 90 लोग अपनी जान से हाथ धो बैठते है, इन आंकडों में सबसे ज्यादा मौत किशोर व युवाओं की है। पुलिस प्रशासन हर बार नहर किनारे धारा 144 लागू की जाती है, लेकिन इसके बावजूद कोई असर नहीं होता।
सोशल मीडिया पर नहर में छलांग लगाते वक्त की रील बनाना एक नया ट्रेंड चला हुआ है। हर कोई ऊंचाई से नहर में छलांग लगा रहा है और इसकी रील बना रहा है। पानीपत में भी कई किशोर रील बनाते दिखे, लेकिन यह उनके लिए कितना खतरनाक हो सकता है, शायद इसका आभास उन्हें नहीं है।
-12 मई को मतलौडा निवासी अजीत कुमार गर्मी लगने पर नहर किनारे बैठकर पैर धो रहा था, इसी बीच वह बह गया, तीसरे दिन बडवासनी के पास उसका शव मिला था।
-15 मई को जन्मदिन पार्टी के बाद नहर में नहा रहे चार में दो दोस्त शुभम और सुखविंद्र नहर में बह गए थे, जिनका तीसरे दिन खुबडू झाल व बडवासनी के पास शव मिला था।
-17 मई को एनएफएल के पास एक युवक का शव मिला था।
-17 मई को दोस्तों संग दिल्ली पैरलल नहर में दोस्तों संग नहाने गया शिवम बह गया, जिसका 19 मई को नारायणा के पास शव मिला था
- 19 मई को सचिना नहर में बह गई थी। नामुंडा गांव के पास तीसरे दिन रविवार देर शाम को उसका शव बरामद किया गया है।
होगी कार्रवाई, जाल लगाकर बनाया जाएगा सुरक्षित एरियानहर पर धारा 144 लागू की गई है, साथ ही पुलिस को गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस नहर में नहाने वाले लोगों पर शिंकजा कस रही है। इसके अलावा नहर किनारे किसी भी ठेके को लाइसेंस नहीं देने के लिए संबंधित विभाग को कहा गया है। अगर कोई खुर्दा चल रहा है तो उस पर निश्चित कार्रवाई की जाएगी। नहर में जगह सुनिश्चित की जा रही है, उसमें एक जाल लगाकर सुरक्षित एरिया बनाया जाएगा। प्रशासन को जाल व रस्से के लिए पत्र लिखा गया है, ताकि डूबने वाले व्यक्ति को बचाया जा सके।
एसपी, अजीत सिंह शेखावत