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मनुष्य का जन्म निराकार परमात्मा के गुणगान को : तेजपाल
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
Updated Mon, 21 Dec 2015 12:25 AM IST
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निरंकारी तेजपाल ने कहा कि परमात्मा निरंकार है और मनुष्य जन्म उसका प्रचार करने के लिए ही हुआ है, लेकिन व्यक्ति अपने सांसारिक सुखों को पाने में लग गया।
जिसके चलते भगवान से दूरी बनती चली जा रही है। उन्होंने ये प्रवचन रविवार को संत निरंकारी सत्संग भवन समालखा में संगत को संबोधित करते हुए कहे।
उन्होंने कहा कि हमें मनुष्य चोला प्रभु परमात्मा को जानने के लिए मिला है। मनुष्य भौतिकता के पीछे भागते हुए परमात्मा से दूर हो गया है।
उन्होंने कहा कि सत्संग परमात्मा को पाने का एक मार्ग है। हमें व्यस्त समय में से कुछ वक्त इसके लिए निकालना चाहिए। सत्संग सुनने से मन का भटकाव नहीं होता।
अगर हम सत्संग में जाएंगे तो संसार के सारे सुख हमारे पीछे स्वयं ही चले आएंगे। उन्होंने कहा कि तन-मन धन परमात्मा का है और हमें इसे परमात्मा का समझकर ही प्रयोग करना चाहिए। सत्संग के बाद भंडारे में संगत ने प्रसाद ग्रहण किया।
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जिसके चलते भगवान से दूरी बनती चली जा रही है। उन्होंने ये प्रवचन रविवार को संत निरंकारी सत्संग भवन समालखा में संगत को संबोधित करते हुए कहे।
उन्होंने कहा कि हमें मनुष्य चोला प्रभु परमात्मा को जानने के लिए मिला है। मनुष्य भौतिकता के पीछे भागते हुए परमात्मा से दूर हो गया है।
उन्होंने कहा कि सत्संग परमात्मा को पाने का एक मार्ग है। हमें व्यस्त समय में से कुछ वक्त इसके लिए निकालना चाहिए। सत्संग सुनने से मन का भटकाव नहीं होता।
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अगर हम सत्संग में जाएंगे तो संसार के सारे सुख हमारे पीछे स्वयं ही चले आएंगे। उन्होंने कहा कि तन-मन धन परमात्मा का है और हमें इसे परमात्मा का समझकर ही प्रयोग करना चाहिए। सत्संग के बाद भंडारे में संगत ने प्रसाद ग्रहण किया।
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