पानीपत। समागम स्थल पर लंगर के साथ अलग-अलग प्रकार के 40 व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए थे लेकिन इनमें सबसे ज्यादा धूम करनाल की नमकीन और मीठी लस्सी समेत पानीपत की आइस्क्रीम की रही। गर्मी में आने वाली संगत को सेवादार पानी की बोतल देते रहे और स्टॉल पर गुलाब जामुन आदि का भी प्रसाद अतिथियों ने ग्रहण किया।
करनाल की निर्मल कुटिया से तीन बड़े टैंकर लस्सी के लाए गए थे। इनमें करीब 28 हजार लीटर लस्सी भरी थी। इसे बांटने के लिए स्वयंसेवकों को बाल्टी, जग आदि का सहारा लेना पड़ा। भीड़ बेकाबू होते देख स्वयंसेवकों ने लोगों को कतार लगाकर लस्सी लेने का कहा। इसी प्रकार नगर निगम की ओर से दो स्टॉल आइस्क्रीम के लगाए गए थे। हिमगिरी फूड सप्लायर के हरीश भाटिया ने बताया कि उन्होंने यहां शाम तक दो स्टॉल लगाए थे। इनमें 30 हजार आइस्क्रीम मंगवाई गई थी। उधर, गुरु का अटूट लंगर तो देर शाम तक चलता रहा लेकिन बाहर लगी स्टॉल से व्यंजन शाम तक समाप्त हो गए थे।

भीड़ बढ़ने पर कतार में खड़े लोग- फोटो : Panipat

पानीपत। संगत के लिए टेंकर में भर कर लाए लस्सी।- फोटो : Panipat

पानीपत। टेंकर से लस्सी को बालटी में निकालकर संगत को देते हुए।- फोटो : Panipat