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जमीन की निशानदेही के लिए 11 हजार रिश्वत लेते कानूनगो समेत तीन काबू

Thu, 16 Jun 2016 12:38 AM IST
beauro panipat
beauro panipat Updated Thu, 16 Jun 2016 12:38 AM IST
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पानीपत तहसील में भ्रष्टाचार चरम पर है, इस पर अब सरकारी मुहर भी लग गई है। विजिलेंस ने बुधवार को पानीपत तहसील से तीन कर्मियों को एक साथ 11 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
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छापा विजिलेंस प्रभारी इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार के नेतृत्व में बुधवार दोपहर करीब सवा एक बजे लघु सचिवालय के मैदानी तल स्थित तहसील कार्यालय में मारा गया। रिश्वत लेते काबू कर्मियों में हलका कानूनगो सतबीर निवासी उझा, ट्रेनी पटवारी सुशील निवासी पसीना खुर्द व कंप्यूटर ऑपरेटर मनोज निवासी सैनीपुरा जाटल रोड शामिल हैं। विजिलेंस ने तीनों पर भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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निशानदेही के लिए मांगे थे 25 हजार
मुकेश निवासी सिवाह ने विजिलेंस को शिकायत दी थी कि उसके पिता व चाचा चार भाई हैं। उनकी सिवाह गांव में दो एकड़ जमीन की निशादेही करनी है। उसने हलका कानूनगो सतबीर सिंह को अर्जी लगाई। लेकिन हलका कानूनगो निशानदेही की एवज में 25 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। उसके कहने-सुनने के बाद वे 16 हजार रुपये में निशानदेही को राजी हुए। हलका कानूनगो का कहना था कि वह चारों से चार-चार हजार रुपये दे दे। उन्होंने तय किया कि 11 हजार रुपये पहले और बाकी पांच हजार रुपये निशानदेही के वक्त दिए जाएं।
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विजिलेंस की रेड में ऐसे फंसे तीनों
विजिलेंस पानीपत ब्यूरो प्रभारी इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार ने शिकायत के बाद पूरा मामला उपायुक्त के संज्ञान में लाया। डीसी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी अश्विनी कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट व उसी कार्यालय के अकाउंटेंट सतबीर को छाया गवाह बनाया। इंस्पेक्टर ने बताया कि  एक-एक हजार के 11 नोटों पर खास पाउडर लगा कर मुकेश को दिए। मुकेश ने हलका कानूनगो सतबीर सिंह को करीब 12:36 बजे फोन किया। मुकेश के अनुसार सतबीर ने उसको पानीपत तहसील में ही बुला लिया। वह 11 हजार रुपये लेकर तहसील में पहुंचा। वह सतबीर सिंह को पैसे देने लगा तो उसने ट्रेनी पटवारी सुशील कुमार से परिचय कराया। उसने सुशील कुमार को 11 हजार रुपये पकड़वा दिए। सुशील कुमार ने रिश्वत के 11 हजार रुपये लेकर कंप्यूटर ऑपरेटर मनोज को सुरक्षित स्थान पर रखने को दे दिए। इसी समय इंस्पेक्टर विजिलेंस नरेंद्र कुमार की अगुवाई में गठित टीम सदस्य एसआई सुभाष चंद, एएसआई सतबीर व ईएएसआई जगबीर के साथ दबिश दे दी। विजिलेंस टीम ने तीनों को करीब डेढ़ बजे तहसील कार्यालय से रंगे हाथों दबोच लिया।

तहसील समेत दूसरे विभागों में हड़कंप
विजिलेंस की तहसील में रेड व हलका कानूनगो समेत तीन को काबू कर ले जाते ही तहसील समेत दूसरे विभागों में हड़कंप मच गया। तहसील के अधिकतर कर्मचारी अपनी सीटों से उठकर चले गए। जिसके चलते लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं साथ लगते एसडीएम कार्यालय के कर्मचारी भी बाहर निकल आए।


अमर उजाला ने उठाया था मामला
अमर उजाला ने पानीपत तहसील में भ्रष्टाचार का एक मामला पकड़ा था और बुधवार के अंक में प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया है। खबर में बताया गया था कि किस तरह से बैंक के एक डिफाल्टर ने तहसील से अपनी रजिस्ट्री व अन्य डॉक्यूमेंट को निकाल लिया और बैंक द्वारा नीलाम किए गए प्लाट को किसी दूसरे व्यक्ति को बेच दिया गया। हालांकि जिला राजस्व अधिकारी द्वारा इस मामले को लेकर एसपी को शिकायत लिखकर कार्रवाई को कहा है।
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