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Panipat News: जय, जय, जय हरियाणा... गीत लिख प्रदेश के फलक पर चमके डॉ. बालकिशन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 25 Feb 2024 02:07 AM IST
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Jai, Jai, Jai Haryana... Dr. Balkishan shone on the state's canvas by writing songs
पानीपत। हरियाणा राज्य गीत लिख डॉ. बालकिशन शर्मा प्रदेश के फलक पर चमक गए हैं। उनके गीत के बोल जय, जय, जय हरियाणा है। हरियाणा विधानसभा में इस गीत को मंजूरी मिल गई है। विधानसभा में संगीतमय गीत पर उच्च स्तरीय कमेटी ने अपनी मुहर लगाई है।
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कला एवं संस्कृति विभाग ने विद्वानों, लेखकों, गायकों व कलाकारों से हरियाणा राज्य गीत लिखवाया था। कई सौ गीतों में से विषय और संगीत की दृष्टि से सात श्रेष्ठ गीतों का चयन किया गया। उन सात गीतों को विभिन्न संगीतकारों से संगीतबद्ध कराया। सात में से भी तीन का चयन किया गया। इनको विधानसभा सत्र में सुनाया गया। इन तीन गीतों में डाॅ. बालकिशन शर्मा का गीत भी एक था। तीन में से भी एक का चयन करने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया। उच्च स्तरीय कमेटी ने डा. शर्मा के गीत पर अपनी मुहर लगाई। इसको विधानसभा सत्र में प्रस्तुत किया। विधानसभा में डा. शर्मा के गीत को हरियाणा राज्य-गीत के रूप में स्वीकृति प्रदान की गई।
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‘आठवां वचन’ फिल्म के लिखे गीत

डॉ. बालकिशन शर्मा एसडी पीजी कॉलेज के पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर हैं। वे हिंदी विभाग के अध्यक्ष रहे हैं। हिंदी व हरियाणवी लोक साहित्य के जाने-माने विद्वान हैं। डॉ. शर्मा हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य रह चुके हैं। उनकी लिखी आठ पुस्तकें प्रकाशित हैं। जिनमें से गांव की छांव, काव्य संग्रह और हरया-भरया हरियाणा हरियाणवी काव्य संग्रह विशेष रूप से चर्चित रही हैं। उन्होंने हरियाणवी फिल्म ‘आठवां वचन’ के गीत भी लिखे हैं। हरियाणवी लोक साहित्य को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में उनका विशेष योगदान रहा है। हरियाणवी लोक साहित्य के लेखन में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें पिछले दिनों जन कवि फौजी मेहर सिंह सम्मान के रूप में दो लाख रुपये का पुरस्कार हरियाणा सरकार द्वारा प्रदान किया गया था। वे सेवानिवृत्ति के पश्चात हरियाणा के गुमनाम लोक कवियों के काव्य की पांडुलिपियों का घर-घर जा कर संग्रह, संपादन व प्रकाशन द्वारा साहित्य-सेवा कर रहे हैं।
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