{"_id":"687ab8be9951df5386016969","slug":"irregularities-found-in-the-registry-and-map-of-private-hospital-panipat-news-c-244-1-pnp1001-140521-2025-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: निजी अस्पताल की रजिस्ट्री और नक्शे में मिली गड़बड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: निजी अस्पताल की रजिस्ट्री और नक्शे में मिली गड़बड़ी
विज्ञापन
समालखा। जीटी रोड स्थित एक निजी अस्पताल की रजिस्ट्री से लेकर नक्शा पास करने में गड़बड़ी मिली है। जिला नगर आयुक्त एवं अतिरिक्त आयुक्त की प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया कि नक्शा और एनओसी में दिखाया किल्ला नंबर जीटी रोड पर नहीं लगता है।
एडीसी ने एसडीएम समालखा को कब्जा हटाने और रजिस्ट्री रद्द करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही नगरपालिका अधिकारियों और अस्पताल निदेशक को भी फटकार लगाई है। अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. पंकज ने शुक्रवार को जिला सचिवालय स्थित कार्यालय में जांच की।
जांच में नगरपालिका सचिव मनीष शर्मा, जेई गौरव, तीनों प्रॉपर्टी टैक्स क्लर्क प्रिंस, गौरव, रविंद्र, हलका पटवारी दीपक, अस्पताल निदेशक धीरेंद्र, प्लॉट विक्रेता बबिता जिंदल व रितिक जिंदल उपस्थित हुए।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर ने जांच के दौरान एडीसी डा. पंकज को नक्शा बनाकर जालसाजी के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में पालिका की जमीन को अपनी बताकर राजस्व विभाग के अधिकारी से मिलकर फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करा ली।
पालिका अधिकारियों ने धांधली कर प्रॉपर्टी आईडी व एनडीसी बना दी। निजी आर्किटेक्ट ने अपनी गारंटी पर पालिका भूमि पर कब्जे सहित अस्पताल का नक्शा स्वीकृत करा दिया। अस्पताल को कोई रास्ता नहीं लगता। गौरतलब है कि जीटी रोड पर पालिका की जमीन पर कब्जा कर रास्ता बना लिया गया। बिजली के खंभों को भी हटा दिया गया। पालिका सचिव मनीष शर्मा ने भी इन आरोपों को सही बताया। एडीसी पालिका सचिव का जवाब सुनते ही भड़क उठे।
उन्होंने सबको कड़ी फटकार लगाई। अस्पताल के निदेशक धीरेंद्र ने एडीसी को बताया कि उन्होंने पालिका भूमि पर कब्जा नहीं किया है। हलका पटवारी दीपक ने बताया कि अस्पताल की रजिस्ट्री किल्ला नंबर 20/25/2 की है और रिकॉर्ड मुताबिक इसको जीटी रोड नहीं लगता। बल्कि इसके साथ लगते किला नंबर 19/21 की पालिका भूमि को ही जीटी रोड लगता है।
विज्ञापन
एडीसी ने एसडीएम समालखा को कब्जा हटाने और रजिस्ट्री रद्द करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही नगरपालिका अधिकारियों और अस्पताल निदेशक को भी फटकार लगाई है। अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. पंकज ने शुक्रवार को जिला सचिवालय स्थित कार्यालय में जांच की।
विज्ञापन
जांच में नगरपालिका सचिव मनीष शर्मा, जेई गौरव, तीनों प्रॉपर्टी टैक्स क्लर्क प्रिंस, गौरव, रविंद्र, हलका पटवारी दीपक, अस्पताल निदेशक धीरेंद्र, प्लॉट विक्रेता बबिता जिंदल व रितिक जिंदल उपस्थित हुए।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर ने जांच के दौरान एडीसी डा. पंकज को नक्शा बनाकर जालसाजी के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में पालिका की जमीन को अपनी बताकर राजस्व विभाग के अधिकारी से मिलकर फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करा ली।
पालिका अधिकारियों ने धांधली कर प्रॉपर्टी आईडी व एनडीसी बना दी। निजी आर्किटेक्ट ने अपनी गारंटी पर पालिका भूमि पर कब्जे सहित अस्पताल का नक्शा स्वीकृत करा दिया। अस्पताल को कोई रास्ता नहीं लगता। गौरतलब है कि जीटी रोड पर पालिका की जमीन पर कब्जा कर रास्ता बना लिया गया। बिजली के खंभों को भी हटा दिया गया। पालिका सचिव मनीष शर्मा ने भी इन आरोपों को सही बताया। एडीसी पालिका सचिव का जवाब सुनते ही भड़क उठे।
उन्होंने सबको कड़ी फटकार लगाई। अस्पताल के निदेशक धीरेंद्र ने एडीसी को बताया कि उन्होंने पालिका भूमि पर कब्जा नहीं किया है। हलका पटवारी दीपक ने बताया कि अस्पताल की रजिस्ट्री किल्ला नंबर 20/25/2 की है और रिकॉर्ड मुताबिक इसको जीटी रोड नहीं लगता। बल्कि इसके साथ लगते किला नंबर 19/21 की पालिका भूमि को ही जीटी रोड लगता है।