{"_id":"6a189bf2a887aced090eb667","slug":"intercity-bus-fares-will-be-rs-115-for-singhu-border-and-rs-95-for-sonepat-panipat-news-c-244-1-pnp1001-158029-2026-05-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: सिटी बस में इंटरसिटी का सफर, सिंघू बॉर्डर का 115 और सोनीपत का 95 रुपये होगा किराया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: सिटी बस में इंटरसिटी का सफर, सिंघू बॉर्डर का 115 और सोनीपत का 95 रुपये होगा किराया
Fri, 29 May 2026 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Fri, 29 May 2026 01:18 AM IST
विज्ञापन
पानीपत। पुराना बस स्टैंड पर करीब सात करोड़ रुपये की लागत से तैयार इलेक्ट्रिक बस डिपो का वीरवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने पानीपत की 40 सहित प्रदेश की 80 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही रोडवेज ने 45 ई-बसों के रूट तैयार कर लिए हैं, जिनमें अब सिटी के साथ-साथ इंटरसिटी सेवा भी शामिल होगी।
अब तक केवल सिटी बस सेवा के रूप में चल रही ई-बसें अब इंटरसिटी सफर भी करेंगी। पानीपत से करनाल, सोनीपत, सिंघू बॉर्डर और उत्तर प्रदेश के शामली तक ई-बसों का संचालन होगा। पानीपत शहर में सिटी सर्विस में नए बस स्टैंड से टोल प्लाजा के बीच तीन बस और लगाई हैं। इनकी संख्या अब आठ कर दी है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वीरवार की दोपहर करीब 1:10 बजे इलेक्ट्रिक डिपो पहुंचे। उन्होंने चार्जिंग प्वॉइंट्स की जानकारी ली और फिर हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया। इसके बाद वे आर्य पीजी कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए और 1:53 से 2:40 तक सभा को संबोधित किया। परिवहन मंत्री अनिल विज उद्घाटन और बसों के संचालन कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
विज्ञापन
पंवार ने डिपो का पंप सिवाह ले जाने की मांग रखी
विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने पुराना बस स्टैंड पर रोडवेज के पेट्रोल पंप को सिवाह बस स्टैंड पर शिफ्ट करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि अब बसों को सिवाह से पुराना बस स्टैंड पर तेल डलवाने आना पड़ता है। सिवाह में पेट्रोल पंप जाने के बाद इस दूरी का तेल बचाया जा सकेगा। उन्होंने सेक्टर-13-17 में परिवहन विभाग की पांच एकड़ जमीन पर रोडवेज डिपो का वर्कशाप बनाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि पहले यहां बस स्टैंड बनाया जाना था। अब यह जमीन खाली पड़ी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा रोडवेज की बस देश में सबसे तेज और सुरक्षित सफर वाली मानी जाती हैं।
बसों को स्वच्छ रखना और चालक दल का सम्मान हमारी जिम्मेदारी
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों का संचालन पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल है। इन बसों के संचालन से लाखों किलो कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और प्रदूषण नियंत्रण को मजबूती मिलेगी। इलेक्ट्रिक बस में लोगों को आरामदायक, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा सुविधा मिलेगी। खासकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए बेहतर हाेंगी। इन बसों को साफ रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी होनी चाहिए और चालक दल का सम्मान करना चाहिए। सरकार युवाओं को अच्छी शिक्षा और स्वच्छ हवा देने के प्रयास कर रही है। प्रदेश व देश में चौथ युद्ध पर्यावरण संरक्षण के लिए लड़ना पड़ेगा। सरकार इसके लिए काम कर रही है।
सरकार ने पानीपत में सुविधा बढ़ाई
राज्यसभा सदस्य संजय भाटिया ने कहा कि पानीपत में इंटरसिटी इलेक्ट्रिक बस सेवा की शुरुआत बड़ी बात है। पूर्व की सरकारों में लोगों की शिकायत रहती थी कि पानीपत से राजस्व अधिक जाता है, लेकिन सुविधा अपेक्षाकृत नहीं हैं। भाजपा की सरकार के समय राजस्व से अधिक खर्च किया जा रहा है। वैश्विक स्तर पर अब तेल संकट बढ़ सकता है। ऐसे में इलेक्टि्रक बसों का संचालन बढ़ाना समय की मांग है। पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज ने कहा कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल और वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में पानीपत में विकास कार्यों की नई इबारत लिखी हैं। परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजशेखर वुंडरु ने परिवहन विभाग की योजनाओं की जानकारी दी।
113 में दो महिला परिचालक शामिल
नई इलेक्ट्रिक बसों को इमरजेंसी अलार्म, सीसीटीवी कैमरे और हर सीट पर पैनिक बटन जैसी सुविधाओं से लैस किया गया है। जेबीएम कंपनी ने 110 चालक और 113 परिचालकों की भर्ती की है, जिनमें दो महिला परिचालक भी शामिल हैं।
इस रूट पर इतने ठहराव किए
पानीपत-बापौली रूट पर ई-बस के आठ जगह ठहराव किए हैं। इसमें उग्राखेड़ी, निंबरी, छाजपुर कलां, बहरामपुर और बापौली के मुख्य ठहराव हेँ। पानीपत से घरौंडा रूट पर सात जगह ठहराव होंगे। इनमें बाबरपुर मंडी, गांजबड़, बड़ौली, कोहंड और घरौंडा का मुख्य ठहराव होगा। पानीपत से मतलौडा रूट पर छह ठहराव निर्धारित किए गए हैं। इनमें लालबत्ती, रामलाल चौक, असंध नाका, सेंट मैरी स्कूल, सौदापुर, खुखराना, थर्मल, ऊंटला, भालसी और मतलौडा हैं। पानीपत से डाहर बस के लिए छह जगह ठहराव किए हैं। इसमें गोहाना रोड, पुराना शुगर मिल, एनएफएल नाका, बिंझौल चौक, महराना और डाहर गांव होंगे। पानीपत से बरसत पर छह जगह ठहराव किए हैं। पानीपत से सिंघु बार्डर तक नौ और पानीपत से सोनीपत आठ ठहराव निर्धारित किए हैं।
यहां लगेगा इतना होगा किराया :
यहां से यहां किराया
ई-डिपो से टोल 15
पानीपत-सोनीपत 95
पानीपत-सिंघू बॉर्डर 115
पानीपत-करनाल 80
पानीपत-घरौंडा 35
पानीपत-बाबरपुर मंडी 30
पानीपत-गोहाना 85
पानीपत-जाटल 30
पानीपत-बरसत 30
पानीपत-शामली 75
पानीपत-सफीदों 60
पानीपत-मतलौडा 35
पानीपत-बापौली 30
पानीपत-समालखा 30
पानीपत-उग्राखेड़ी 20
पानीपत-बबैल 20
पानीपत-इसराना 40
पानीपत-डाहर 20
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
यात्री बोले-किराया ज्यादा पर आरामदायक
यात्रियों को ई-बसों में रास्ता तय कर सामान्य बसों से अधिक किराया देने में भी परेशानी नहीं दिखी। रमेश ने बताया कि पानीपत से सोनीपत का सामान्य बस में किराया 60 रुपये किराया है। ई-बस में 95 रुपये है। सिंघू बॉर्डर तक ई-बस में 115 रुपये किराया है जबकि सामान्य 90 रुपये किराया है। गर्मी के मौसम में एसी बस में सफर आरामदायक लगता है।
इनसो ने कहा कि बस पास मान्य धरातल पर लागू किया जाएं
इनसो के छात्र नेता बलराज देशवाल ने बताया कि ई- बसों में स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए बस पास धरातल पर लागू किया जाना चाहिए। इनसो ने इसकी मांग सबसे पहले उठाई थी और जिला प्रशासन से लेकर परिवहन मंत्री, शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दे चुके हैं। सरकार को इसका नोटिफिकेशन जल्द जारी करना चाहिए। यह केवल जुमले तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
विज्ञापन
अब तक केवल सिटी बस सेवा के रूप में चल रही ई-बसें अब इंटरसिटी सफर भी करेंगी। पानीपत से करनाल, सोनीपत, सिंघू बॉर्डर और उत्तर प्रदेश के शामली तक ई-बसों का संचालन होगा। पानीपत शहर में सिटी सर्विस में नए बस स्टैंड से टोल प्लाजा के बीच तीन बस और लगाई हैं। इनकी संख्या अब आठ कर दी है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वीरवार की दोपहर करीब 1:10 बजे इलेक्ट्रिक डिपो पहुंचे। उन्होंने चार्जिंग प्वॉइंट्स की जानकारी ली और फिर हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया। इसके बाद वे आर्य पीजी कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए और 1:53 से 2:40 तक सभा को संबोधित किया। परिवहन मंत्री अनिल विज उद्घाटन और बसों के संचालन कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
विज्ञापन
पंवार ने डिपो का पंप सिवाह ले जाने की मांग रखी
विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने पुराना बस स्टैंड पर रोडवेज के पेट्रोल पंप को सिवाह बस स्टैंड पर शिफ्ट करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि अब बसों को सिवाह से पुराना बस स्टैंड पर तेल डलवाने आना पड़ता है। सिवाह में पेट्रोल पंप जाने के बाद इस दूरी का तेल बचाया जा सकेगा। उन्होंने सेक्टर-13-17 में परिवहन विभाग की पांच एकड़ जमीन पर रोडवेज डिपो का वर्कशाप बनाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि पहले यहां बस स्टैंड बनाया जाना था। अब यह जमीन खाली पड़ी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा रोडवेज की बस देश में सबसे तेज और सुरक्षित सफर वाली मानी जाती हैं।
बसों को स्वच्छ रखना और चालक दल का सम्मान हमारी जिम्मेदारी
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों का संचालन पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल है। इन बसों के संचालन से लाखों किलो कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और प्रदूषण नियंत्रण को मजबूती मिलेगी। इलेक्ट्रिक बस में लोगों को आरामदायक, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा सुविधा मिलेगी। खासकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए बेहतर हाेंगी। इन बसों को साफ रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी होनी चाहिए और चालक दल का सम्मान करना चाहिए। सरकार युवाओं को अच्छी शिक्षा और स्वच्छ हवा देने के प्रयास कर रही है। प्रदेश व देश में चौथ युद्ध पर्यावरण संरक्षण के लिए लड़ना पड़ेगा। सरकार इसके लिए काम कर रही है।
सरकार ने पानीपत में सुविधा बढ़ाई
राज्यसभा सदस्य संजय भाटिया ने कहा कि पानीपत में इंटरसिटी इलेक्ट्रिक बस सेवा की शुरुआत बड़ी बात है। पूर्व की सरकारों में लोगों की शिकायत रहती थी कि पानीपत से राजस्व अधिक जाता है, लेकिन सुविधा अपेक्षाकृत नहीं हैं। भाजपा की सरकार के समय राजस्व से अधिक खर्च किया जा रहा है। वैश्विक स्तर पर अब तेल संकट बढ़ सकता है। ऐसे में इलेक्टि्रक बसों का संचालन बढ़ाना समय की मांग है। पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज ने कहा कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल और वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में पानीपत में विकास कार्यों की नई इबारत लिखी हैं। परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजशेखर वुंडरु ने परिवहन विभाग की योजनाओं की जानकारी दी।
113 में दो महिला परिचालक शामिल
नई इलेक्ट्रिक बसों को इमरजेंसी अलार्म, सीसीटीवी कैमरे और हर सीट पर पैनिक बटन जैसी सुविधाओं से लैस किया गया है। जेबीएम कंपनी ने 110 चालक और 113 परिचालकों की भर्ती की है, जिनमें दो महिला परिचालक भी शामिल हैं।
इस रूट पर इतने ठहराव किए
पानीपत-बापौली रूट पर ई-बस के आठ जगह ठहराव किए हैं। इसमें उग्राखेड़ी, निंबरी, छाजपुर कलां, बहरामपुर और बापौली के मुख्य ठहराव हेँ। पानीपत से घरौंडा रूट पर सात जगह ठहराव होंगे। इनमें बाबरपुर मंडी, गांजबड़, बड़ौली, कोहंड और घरौंडा का मुख्य ठहराव होगा। पानीपत से मतलौडा रूट पर छह ठहराव निर्धारित किए गए हैं। इनमें लालबत्ती, रामलाल चौक, असंध नाका, सेंट मैरी स्कूल, सौदापुर, खुखराना, थर्मल, ऊंटला, भालसी और मतलौडा हैं। पानीपत से डाहर बस के लिए छह जगह ठहराव किए हैं। इसमें गोहाना रोड, पुराना शुगर मिल, एनएफएल नाका, बिंझौल चौक, महराना और डाहर गांव होंगे। पानीपत से बरसत पर छह जगह ठहराव किए हैं। पानीपत से सिंघु बार्डर तक नौ और पानीपत से सोनीपत आठ ठहराव निर्धारित किए हैं।
यहां लगेगा इतना होगा किराया :
यहां से यहां किराया
ई-डिपो से टोल 15
पानीपत-सोनीपत 95
पानीपत-सिंघू बॉर्डर 115
पानीपत-करनाल 80
पानीपत-घरौंडा 35
पानीपत-बाबरपुर मंडी 30
पानीपत-गोहाना 85
पानीपत-जाटल 30
पानीपत-बरसत 30
पानीपत-शामली 75
पानीपत-सफीदों 60
पानीपत-मतलौडा 35
पानीपत-बापौली 30
पानीपत-समालखा 30
पानीपत-उग्राखेड़ी 20
पानीपत-बबैल 20
पानीपत-इसराना 40
पानीपत-डाहर 20
यात्री बोले-किराया ज्यादा पर आरामदायक
यात्रियों को ई-बसों में रास्ता तय कर सामान्य बसों से अधिक किराया देने में भी परेशानी नहीं दिखी। रमेश ने बताया कि पानीपत से सोनीपत का सामान्य बस में किराया 60 रुपये किराया है। ई-बस में 95 रुपये है। सिंघू बॉर्डर तक ई-बस में 115 रुपये किराया है जबकि सामान्य 90 रुपये किराया है। गर्मी के मौसम में एसी बस में सफर आरामदायक लगता है।
इनसो ने कहा कि बस पास मान्य धरातल पर लागू किया जाएं
इनसो के छात्र नेता बलराज देशवाल ने बताया कि ई- बसों में स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए बस पास धरातल पर लागू किया जाना चाहिए। इनसो ने इसकी मांग सबसे पहले उठाई थी और जिला प्रशासन से लेकर परिवहन मंत्री, शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दे चुके हैं। सरकार को इसका नोटिफिकेशन जल्द जारी करना चाहिए। यह केवल जुमले तक सीमित नहीं रहना चाहिए।