{"_id":"65d7b5817b95be51920fccbc","slug":"instructions-to-give-information-related-to-seema-haider-and-sachin-to-gautam-buddha-nagar-police-panipat-news-c-244-1-pnp1003-114126-2024-02-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: गौतमबुद्धनगर पुलिस को सीमा हैदर और सचिन से संबंधित जानकारी देने के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: गौतमबुद्धनगर पुलिस को सीमा हैदर और सचिन से संबंधित जानकारी देने के निर्देश
विज्ञापन
पानीपत। पाकिस्तान का गुलाम हैदर अपनी पत्नी सीमा हैदर से चारों बच्चे वापस लेने के लिए पानीपत के वकील मोमिन मलिक से संपर्क किया है। उन्होंने इस संबंध में गौतमबुद्ध नगर के इलाका मजिस्ट्रेट को अपील कर इस केस से जुड़े दस्तावेजों की मांग की है, जिसमें सचिन व सीमा हैदर पर हुई एफआईआर की कॉपी भी शामिल है। इलाका मजिस्ट्रेट ने 26 फरवरी तक जांच अधिकारी को सभी दस्तावेज वकील मोमिन मलिक को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
वकील मोमिन मलिक ने बताया कि पाकिस्तान के जाकोदाबाद क्षेत्र के गांव जानी निवासी गुलाम हैदर सऊदी अरब में नौकरी करता था। उसकी पत्नी सीमा हैदर का पबजी गेम के जरिए गौतमबुद्ध जिले के सचिन से संपर्क हुआ था। इसके बाद सीमा हैदर चार बच्चों को लेकर नेपाल के रास्ते भारत में सचिन के पास आ गई थी। इसके बाद सचिन के पिता नेत्रपाल ने 30 जून 2023 को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक वकील के माध्यम से उनकी कोर्ट मैरिज करवाने की कोशिश की, लेकिन वकील ने पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज देखकर कहा कि सीमा पाकिस्तान की रहने वाली है, इसलिए शादी नहीं हो सकती। इसके बाद सीमा, उसके बच्चों, सचिन व उसके पिता को हरियाणा में फरीदाबाद के बल्लभगढ़ से गिरफ्तार किया गया था। इस संबंध में एफआईआर जिला गौतम बुद्ध नगर के रबूपुरा थाने में दर्ज की गई, जबकि इस मामले की कानूनी प्रक्रिया फरीदाबाद में बनती है। मुकदमा भी वहीं दर्ज होना चाहिए था। चार जुलाई 2023 को यूपी के जिला गौतम बुद्ध नगर के रबूपुरा थाने में ही सीमा हैदर पर 120 बी आइपीसी, फार्नर एक्ट 1946 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में सीमा के पाकिस्तानी पति गुलाम हैदर की ओर से पानीपत के वकील पैरवी कर रहे हैं, जिसमें उसने चारों बच्चों को वापस पाकिस्तान भेजने की गुहार लगाई है। गुलाम हैदर ने इस संबंध में अपना वकालतनामा पाकिस्तान की मानवाधिकार एवं पूर्व फेडरेशन मिनिस्टर व यूएनओ के हुमन राइट एडवाइजर अंसार बर्नी ट्रस्ट के माध्यम से वकील मोमिन मलिक को दिया है।
इसके लिए वो 17 फरवरी को गौतमबुद्ध नगर थाने में सीमा हैदर और सचिन पर हुई एफआईआर व अन्य कागजातों को लेने गए थे, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने कागजात उपलब्ध नहीं करवाए। इसके बाद उन्होंने वहां के इलाका मजिस्ट्रेट के सामने दलील पेश की। इलाका मजिस्ट्रेट ने मामले के जांच अधिकारी को 26 फरवरी तक सारे कागजात उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
पुलिस ने चार्जशीट भी फाइल नहीं की : वकील
वकील मोमिन मलिक ने बताया कि 19 फरवरी 2024 तक सात माह 15 दिन गुजर जाने के बाद भी इस मामले में चार्जशीट फाइल नहीं की गई है। इस बारे में कोई भी सूचना सीमा के पति गुलाम हैदर को भी नहीं दी गई है। सीमा की गिरफ्तारी के दौरान उसके चार बच्चे भी साथ थे, जिनके नाम अर्जी में दिए गए हैं। जिस वक्त सीमा हैदर को गिरफ्तार किया गया, उस वक्त उसकी तीन नाबालिग लड़कियों व छह साल के बेटे को भी पुलिस ने कस्टडी में रखा। पुलिस की ओर से इन नाबालिग बच्चों को कस्टडी में लेने की सूचना पिता गुलाम हैदर को नहीं दी गई। सीमा से बरामद सभी दस्तावेजों में उसके पति का नाम गुलाम हैदर लिखा हुआ है और अभी तक वह गुलाम हैदर की पत्नी है व उनका तलाक नहीं हुआ है।
विज्ञापन
वकील मोमिन मलिक ने बताया कि पाकिस्तान के जाकोदाबाद क्षेत्र के गांव जानी निवासी गुलाम हैदर सऊदी अरब में नौकरी करता था। उसकी पत्नी सीमा हैदर का पबजी गेम के जरिए गौतमबुद्ध जिले के सचिन से संपर्क हुआ था। इसके बाद सीमा हैदर चार बच्चों को लेकर नेपाल के रास्ते भारत में सचिन के पास आ गई थी। इसके बाद सचिन के पिता नेत्रपाल ने 30 जून 2023 को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक वकील के माध्यम से उनकी कोर्ट मैरिज करवाने की कोशिश की, लेकिन वकील ने पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज देखकर कहा कि सीमा पाकिस्तान की रहने वाली है, इसलिए शादी नहीं हो सकती। इसके बाद सीमा, उसके बच्चों, सचिन व उसके पिता को हरियाणा में फरीदाबाद के बल्लभगढ़ से गिरफ्तार किया गया था। इस संबंध में एफआईआर जिला गौतम बुद्ध नगर के रबूपुरा थाने में दर्ज की गई, जबकि इस मामले की कानूनी प्रक्रिया फरीदाबाद में बनती है। मुकदमा भी वहीं दर्ज होना चाहिए था। चार जुलाई 2023 को यूपी के जिला गौतम बुद्ध नगर के रबूपुरा थाने में ही सीमा हैदर पर 120 बी आइपीसी, फार्नर एक्ट 1946 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में सीमा के पाकिस्तानी पति गुलाम हैदर की ओर से पानीपत के वकील पैरवी कर रहे हैं, जिसमें उसने चारों बच्चों को वापस पाकिस्तान भेजने की गुहार लगाई है। गुलाम हैदर ने इस संबंध में अपना वकालतनामा पाकिस्तान की मानवाधिकार एवं पूर्व फेडरेशन मिनिस्टर व यूएनओ के हुमन राइट एडवाइजर अंसार बर्नी ट्रस्ट के माध्यम से वकील मोमिन मलिक को दिया है।
विज्ञापन
इसके लिए वो 17 फरवरी को गौतमबुद्ध नगर थाने में सीमा हैदर और सचिन पर हुई एफआईआर व अन्य कागजातों को लेने गए थे, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने कागजात उपलब्ध नहीं करवाए। इसके बाद उन्होंने वहां के इलाका मजिस्ट्रेट के सामने दलील पेश की। इलाका मजिस्ट्रेट ने मामले के जांच अधिकारी को 26 फरवरी तक सारे कागजात उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
पुलिस ने चार्जशीट भी फाइल नहीं की : वकील
वकील मोमिन मलिक ने बताया कि 19 फरवरी 2024 तक सात माह 15 दिन गुजर जाने के बाद भी इस मामले में चार्जशीट फाइल नहीं की गई है। इस बारे में कोई भी सूचना सीमा के पति गुलाम हैदर को भी नहीं दी गई है। सीमा की गिरफ्तारी के दौरान उसके चार बच्चे भी साथ थे, जिनके नाम अर्जी में दिए गए हैं। जिस वक्त सीमा हैदर को गिरफ्तार किया गया, उस वक्त उसकी तीन नाबालिग लड़कियों व छह साल के बेटे को भी पुलिस ने कस्टडी में रखा। पुलिस की ओर से इन नाबालिग बच्चों को कस्टडी में लेने की सूचना पिता गुलाम हैदर को नहीं दी गई। सीमा से बरामद सभी दस्तावेजों में उसके पति का नाम गुलाम हैदर लिखा हुआ है और अभी तक वह गुलाम हैदर की पत्नी है व उनका तलाक नहीं हुआ है।