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पात्रों के आय प्रमाणपत्र फिर जांचे जाएंगे
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पानीपत। नियम 134ए के तहत दाखिला की मांग को लेकर धरने-प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों की शिक्षा विभाग के नए फरमान ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शिक्षा विभाग ने जारी आदेशों में कहा है कि सभी पात्र विद्यार्थियों के आय प्रमाणपत्रों की दोबारा जांच की जाए। जिस विद्यार्थी के प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी मिलती है, उसका दाखिला निरस्त किया जाए। हैरानी की बात तो यह है कि प्रमाणपत्रों की जांच के बाद दाखिले संबंधी कोई आदेश नहीं दिए गए जिससे दाखिले की बाट जोह रहे विद्यार्थियों की समस्या ज्यों की त्यों ही बनी हुई है।
नियम 134ए के तहत मूल्यांकन परीक्षा का परिणाम 16 दिसंबर को घोषित किया गया था। इसके साथ ही पहला ड्रा जारी करते हुए 2069 विद्यार्थियों को स्कूल भी अलॉट कर दिए थे। सभी पात्र विद्यार्थियों को अलॉट स्कूल में 24 दिसंबर तक उपस्थिति दर्ज करवाने के आदेश दिए गए, लेकिन कुछ निजी विद्यालयों ने दाखिला देने से मना कर दिया। शिक्षा विभाग ने तीन बार अंतिम तिथि बढ़ाई, लेकिन निजी स्कूल दाखिला देने पर राजी नहीं हुए।
शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की मांग पर उनकी प्रतिपूर्ति भी जारी कर दी, लेकिन निजी स्कूलों की मनमानी जारी रही। अभिभावकों के रोष प्रदर्शन, अधिकारियों के प्रयास के बाद आखिरकार निजी स्कूल बच्चों का दाखिला करने को तैयार हुए लेकिन कुछ बच्चों के दाखिले दस्तावेजों में कमी अथवा आय से अधिक संपति जैसे कारणों के कारण करीब 694 बच्चों के दाखिले निरस्त भी किए गए। हालांकि करीब 213 विद्यार्थियों ने अलॉट स्कूलों में दाखिला ही नहीं लिया।
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दोबारा जांच के आदेश ने अभिभावको की बढ़ाई चिंता
बच्चों का दाखिला न होने से अभिभावकों में रोष बना हुआ है। गुस्साए अभिभावकों का कहना है कि निममों की अवमानना करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय सरकार व शिक्षा विभाग बच्चों का भविष्य खराब करने पर उतारू है। यही कारण है कि अब जिन विद्यार्थियों का इस नियम के तहत दाखिला हो चुका है, उन सहित सभी विद्यार्थियों के आय प्रमाणपत्रों की दोबारा जांच करने के आदेश दिए हैं। नए आदेश से जहां दाखिले की बाट जोह रहे विद्यार्थियों को झटका लगा है। वहीं अभिभावकों ने इस आदेश को बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बताया है।
- 213 विद्यार्थियों का नहीं हुआ दाखिला
पहले ड्रा में 2069 विद्यार्थियों को स्कूल अलॉट किए गए थे। दाखिले की अंतिम तिथि तीन बार बढ़ाने के बाद भी इनमें से महज 1162 विद्यार्थियों का ही दाखिला सुनिश्चित हो पाया है। जबकि 694 विद्यार्थियों के दाखिले निरस्त किए गए हैं। हालांकि एक माह से अभिभावकों के साथ विद्यार्थी कार्यालयों के चक्कर काट रहे थे। आखिर अभिभावकों की मेहनत और अधिकारियों के प्रयास रंग लाए और अधिकतर बच्चों का दाखिला सुनिश्चित हुआ। करीब 213 विद्यार्थी ऐसे रहे जिन्होंने अलॉट स्कूलों में दाखिले में रूचि नहीं दिखाई।
नियम 134ए के तहत जिले में दाखिलों की स्थिति
पहले ड्रा में उत्तीर्ण विद्यार्थी- 2069
अब तक हुए दाखिले - 1162
निरस्त हुए दाखिले- 694
दाखिले से वंचित- 213
शिक्षा विभाग को नियम 134ए के तहत पात्र विद्यार्थियों के आय संबंधी प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही थी। मुख्यालय ने पात्र विद्यार्थियों के आय प्रमाणपत्रों की दोबारा जांच के आदेश दिए हैं। जिन विद्यार्थियों के प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी मिलेगी, उनका दाखिला निरस्त किया जाएगा। प्रमाणपत्रों की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेजी जाएगी। - रमेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
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नियम 134ए के तहत मूल्यांकन परीक्षा का परिणाम 16 दिसंबर को घोषित किया गया था। इसके साथ ही पहला ड्रा जारी करते हुए 2069 विद्यार्थियों को स्कूल भी अलॉट कर दिए थे। सभी पात्र विद्यार्थियों को अलॉट स्कूल में 24 दिसंबर तक उपस्थिति दर्ज करवाने के आदेश दिए गए, लेकिन कुछ निजी विद्यालयों ने दाखिला देने से मना कर दिया। शिक्षा विभाग ने तीन बार अंतिम तिथि बढ़ाई, लेकिन निजी स्कूल दाखिला देने पर राजी नहीं हुए।
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शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की मांग पर उनकी प्रतिपूर्ति भी जारी कर दी, लेकिन निजी स्कूलों की मनमानी जारी रही। अभिभावकों के रोष प्रदर्शन, अधिकारियों के प्रयास के बाद आखिरकार निजी स्कूल बच्चों का दाखिला करने को तैयार हुए लेकिन कुछ बच्चों के दाखिले दस्तावेजों में कमी अथवा आय से अधिक संपति जैसे कारणों के कारण करीब 694 बच्चों के दाखिले निरस्त भी किए गए। हालांकि करीब 213 विद्यार्थियों ने अलॉट स्कूलों में दाखिला ही नहीं लिया।
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दोबारा जांच के आदेश ने अभिभावको की बढ़ाई चिंता
बच्चों का दाखिला न होने से अभिभावकों में रोष बना हुआ है। गुस्साए अभिभावकों का कहना है कि निममों की अवमानना करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय सरकार व शिक्षा विभाग बच्चों का भविष्य खराब करने पर उतारू है। यही कारण है कि अब जिन विद्यार्थियों का इस नियम के तहत दाखिला हो चुका है, उन सहित सभी विद्यार्थियों के आय प्रमाणपत्रों की दोबारा जांच करने के आदेश दिए हैं। नए आदेश से जहां दाखिले की बाट जोह रहे विद्यार्थियों को झटका लगा है। वहीं अभिभावकों ने इस आदेश को बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बताया है।
- 213 विद्यार्थियों का नहीं हुआ दाखिला
पहले ड्रा में 2069 विद्यार्थियों को स्कूल अलॉट किए गए थे। दाखिले की अंतिम तिथि तीन बार बढ़ाने के बाद भी इनमें से महज 1162 विद्यार्थियों का ही दाखिला सुनिश्चित हो पाया है। जबकि 694 विद्यार्थियों के दाखिले निरस्त किए गए हैं। हालांकि एक माह से अभिभावकों के साथ विद्यार्थी कार्यालयों के चक्कर काट रहे थे। आखिर अभिभावकों की मेहनत और अधिकारियों के प्रयास रंग लाए और अधिकतर बच्चों का दाखिला सुनिश्चित हुआ। करीब 213 विद्यार्थी ऐसे रहे जिन्होंने अलॉट स्कूलों में दाखिले में रूचि नहीं दिखाई।
नियम 134ए के तहत जिले में दाखिलों की स्थिति
पहले ड्रा में उत्तीर्ण विद्यार्थी- 2069
अब तक हुए दाखिले - 1162
निरस्त हुए दाखिले- 694
दाखिले से वंचित- 213
शिक्षा विभाग को नियम 134ए के तहत पात्र विद्यार्थियों के आय संबंधी प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही थी। मुख्यालय ने पात्र विद्यार्थियों के आय प्रमाणपत्रों की दोबारा जांच के आदेश दिए हैं। जिन विद्यार्थियों के प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी मिलेगी, उनका दाखिला निरस्त किया जाएगा। प्रमाणपत्रों की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेजी जाएगी। - रमेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।