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पानीपत: अब 5 हजार रुपये की फीस देकर दो दिन में बन सकती है प्रॉपर्टी आईडी और एनडीसी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Aug 2022 02:15 AM IST
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Immediate solution option started on property tax management system
पानीपत। अविलंब और तुरंत प्रॉपर्टी आईडी या एनडीसी बनवाने वाले लोगों को शहरी स्थानीय निकाय ने सौगात दी है। सरकार ने प्रॉपर्टी टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल पर तत्काल समाधान नाम से एक विकल्प चालू किया है। यहां शहर के लोग पांच हजार रुपये फीस देकर महज दो दिन में अपनी प्रॉपर्टी आईडी और एनडीसी प्राप्त कर सकते हैं। खास बात यह है कि अगर दो कार्य दिवस में आवेदनकर्ता को उनकी प्रॉपर्टी आईडी या एनडीसी नहीं मिली तो निगम को उसकी फीस वापस करनी होगी। इसके अलावा आवेदनकर्ता को एक हजार रुपये बतौर हर्जाना भी देना होगा। इसे लेकर सरकार ने निगम अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने और नियमानुसार काम करने की हिदायत भी दी है।
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पोर्टल पर इस विकल्प के चालू होने से जहां शहरवासियों को सुविधा मिलेेगी, वहीं निगम की आय भी बढे़गी। इसके अलावा जो दलाल और नेता एक ही दिन में प्रॉपर्टी आईडी या एनडीसी बनवाने का काम करते आ रहे हैं, उन पर भी नकेल कसी जाएगी। क्योंकि अगर एक या दो दिन में उनकी आईडी या एनडीसी बनती है तो इसका सीधा नुकसान निगम को प्रति फाइल पांच हजार रुपये का होगा। अब तक देखने में आया है कि शहर के नेताओं की ओर से रोजाना आईडी और एनडीसी की फाइलें निगम में घूमती रहती हैं। दिन भर नेताओं के कर्मचारी टैक्स ब्रांच में ये काम करवाते दिखते हैं।
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इस शुल्क में शहरवासी संपत्ति में अपना नाम, संपत्ति का पता, मोबाइल नंबर बदलवा सकते हैं। इसके अलावा बकाया शुल्क को अपडेट कराया जा सकता है। संपत्ति के साइज को भी अपडेट कराया जा सकता है। संपत्ति की कैटेगरी को बदलने के लिए भी आवेदन किया जा सकता है। अनाधिकृत से अधिकृत यानी वैध एरिया में शामिल करने के लिए भी अपील की जा सकती है। इसके अलावा किसी भी संपत्ति के लिए नई प्रॉपर्टी आईडी बनवाने के लिए भी आवेदन किया जा सकता है। यह आवेदन टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम के पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। यहीं से संबंधित फाइल पर ऑब्जेक्शन देकर इसका समाधान करवाने का विकल्प है।
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उपरोक्त सभी प्रकार की आपत्तियां निगम के अधिकारियों को उनके स्तर के हिसाब से अलग-अलग दिखाई देंगी। इनमें मेकर, चेकर, एडमिन, सीएमसी और डीएमसी के स्तर के अधिकारियों को ही शामिल किया जाएगा। दो कार्यदिवस में इन आपत्तियों का अधिकारियों को समाधान करना होगा। अगर फाइल रिजेक्ट की जाती है तो उसका उपयुक्त और सही जवाब भी देना होगा। दो दिन में समाधान न होने पर पांच हजार रुपये फीस, एक हजार रुपये हर्जाने समेत वापस करनी होगी। कुछ ही शर्तों में हर्जाना नहीं दिया जा सकेगा, जिनमें सर्वर डाउन या पोर्टल बंद रहने जैसे शर्तें होंगी। अधिकारियों को इसकी जागरूकता के लिए उपयुक्त प्रबंध भी करने होंगे।

सरकार का बेहतर विकल्प : डीएमसी
जिन आवेदकों को प्रॉपर्टी आईडी या एनडीसी जल्द से जल्द चाहिए होती है, उनके लिए सरकार ने यह व्यवस्था की है। कई बार इनके न होने से लोगों की रजिस्टरी तक रुक जाती है। ऐसे में ये लोग इस योजना का लाभ उठाकर दो दिन में प्रॉपर्टी आईडी या एनडीसी ले सकते हैं। इसके लिए सरकार ने सख्त दिशा निर्देश जारी किए हैं।
- जितेंद्र कुमार, डीएमसी, नगर निगम।
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