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कार नहीं ट्रेन और बसों से लेकर आते थे अवैध हथियार
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पानीपत। पत्रकार वार्ता कर जानकारी देते हुए एसपी शशांक कुमार सावन साथ में मौजूद सीआईए-थ्री की टीम
- फोटो : Panipat
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पानीपत। मध्य प्रदेश में अवैध हथियारों की फैक्टरी चलाने वाला बच्चन सिंह यादव हथियारों की डिलिवरी कराने के लिए कार का प्रयोग नहीं करता था। हथियारों की तस्करी के लिए ट्रेन और बस का प्रयोग किया जाता था, क्योंकि इनमें चेकिंग का भय नहीं रहता था। इस प्रकार आसानी से ये अवैध हथियार मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और पंजाब भेजे जा रहे थे। राज्यों बार्डर के साथ ही जिले के बार्डरों पर भी पुलिस वाहनों की चेकिंग करती थी, ऐसे में उनके पकड़े जाने का खतरा अधिक था।
बच्चन सिंह यादव को कॉल कर गुर्गे हथियारों की मांग भेजते थे। इसी तरह 30 पिस्तौल का ऑर्डर देकर पुलिस ने मध्य प्रदेश के जिले धार के निवासी हीरालाल, संतोष और राय सिंह को दबोचा है। हालांकि इस दौरान संतोष और राय सिंह भाग गए थे, लेकिन उन्हें सोमवार को मध्यप्रदेश के मंसौर में दबिश देकर पकड़ लिया गया। अब ऑर्डर मिलने के बाद हथियारों की डिलिवरी के लिए बच्चन सिंह अपने गुर्गों को भेजता था। इन्हें हाथियारों के साथ ऐसे रेलवे स्टेशन से ट्रेन में बैठाया जाता था, जहां चेकिंग होती ही नहीं थी। ये छोटे-छोटे स्टेशनों को चुनते थे, जहां मेटल डिटेक्टर और पुलिस कर्मी तक नहीं होते थे। वहीं बस स्टेशनों पर चेकिंग सबसे बदतर है, जिसका वे फायदा उठाते थे।
जल्द अमीर बनने के लिए एक साल पहले जुड़ गया था टैक्सी चालक महफूज
पुलिस महफूज के जरिए ही गिरोह तक पहुंची है। मूलरूप से सहारनपुर और हाल में पानीपत के बलजीत नगर निवासी महफूज पेशे से टैक्सी चालक था और एक साल बुकिंग लेकर गंदवानी, जिला धार मध्य प्रदेश गया था । इस दौरान उसकी मुलाकात बच्चन सिंह यादव उर्फ बच्ची यादव निवासी गंदवानी, जिला धार से हुई । बच्चन सिंह ने महफूज से कहा कि टैक्सी चलाकर अमीर नहीं बन सकते हो। वह अवैध पिस्तौल बेचने का कारोबार करता है। उसकी यहां पर फैक्टरी है। अगर वह अवैध हथियार को वह यूपी, हरियाणा, पंजाब व दिल्ली में बेचता है तो उसे मोटे पैसे मिलेंगे। इससे वह जल्द अमीर बन सकता है। तब वह बच्चन सिंह से जुड़ गया और अब तक उत्तर भारत में 500 पिस्तौलों की डिलिवरी कर चुका है।
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देखने में विदेशी लगते हैं हथियार, बदमाश करते हैं पसंद
पुलिस ने जो पिस्तौल बरामद की हैं। उन सभी में मैग्जीन लगती है और देखने में विदेशी लगती हैं। इसके साथ ही आकर में छोटी माउजर की सबसे ज्यादा मांग थी। विदेशी हथियार लगने की वजह से इनकी मांग थी और पसंद किए जा रहे थे।
कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद
इस मामले में चार आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। अभी इसमें कई और लोगों के गिरफ्तार होने की उम्मीद है। रिमांड के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ की ऱ्जा रही है।
- अनिल छिल्लर, प्रभारी सीआईए-3 पानीपत।
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बच्चन सिंह यादव को कॉल कर गुर्गे हथियारों की मांग भेजते थे। इसी तरह 30 पिस्तौल का ऑर्डर देकर पुलिस ने मध्य प्रदेश के जिले धार के निवासी हीरालाल, संतोष और राय सिंह को दबोचा है। हालांकि इस दौरान संतोष और राय सिंह भाग गए थे, लेकिन उन्हें सोमवार को मध्यप्रदेश के मंसौर में दबिश देकर पकड़ लिया गया। अब ऑर्डर मिलने के बाद हथियारों की डिलिवरी के लिए बच्चन सिंह अपने गुर्गों को भेजता था। इन्हें हाथियारों के साथ ऐसे रेलवे स्टेशन से ट्रेन में बैठाया जाता था, जहां चेकिंग होती ही नहीं थी। ये छोटे-छोटे स्टेशनों को चुनते थे, जहां मेटल डिटेक्टर और पुलिस कर्मी तक नहीं होते थे। वहीं बस स्टेशनों पर चेकिंग सबसे बदतर है, जिसका वे फायदा उठाते थे।
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जल्द अमीर बनने के लिए एक साल पहले जुड़ गया था टैक्सी चालक महफूज
पुलिस महफूज के जरिए ही गिरोह तक पहुंची है। मूलरूप से सहारनपुर और हाल में पानीपत के बलजीत नगर निवासी महफूज पेशे से टैक्सी चालक था और एक साल बुकिंग लेकर गंदवानी, जिला धार मध्य प्रदेश गया था । इस दौरान उसकी मुलाकात बच्चन सिंह यादव उर्फ बच्ची यादव निवासी गंदवानी, जिला धार से हुई । बच्चन सिंह ने महफूज से कहा कि टैक्सी चलाकर अमीर नहीं बन सकते हो। वह अवैध पिस्तौल बेचने का कारोबार करता है। उसकी यहां पर फैक्टरी है। अगर वह अवैध हथियार को वह यूपी, हरियाणा, पंजाब व दिल्ली में बेचता है तो उसे मोटे पैसे मिलेंगे। इससे वह जल्द अमीर बन सकता है। तब वह बच्चन सिंह से जुड़ गया और अब तक उत्तर भारत में 500 पिस्तौलों की डिलिवरी कर चुका है।
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देखने में विदेशी लगते हैं हथियार, बदमाश करते हैं पसंद
पुलिस ने जो पिस्तौल बरामद की हैं। उन सभी में मैग्जीन लगती है और देखने में विदेशी लगती हैं। इसके साथ ही आकर में छोटी माउजर की सबसे ज्यादा मांग थी। विदेशी हथियार लगने की वजह से इनकी मांग थी और पसंद किए जा रहे थे।
कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद
इस मामले में चार आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। अभी इसमें कई और लोगों के गिरफ्तार होने की उम्मीद है। रिमांड के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ की ऱ्जा रही है।
- अनिल छिल्लर, प्रभारी सीआईए-3 पानीपत।