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जिला प्रशासन की आंखों में धूल झोंक सालों से चला रहे अवैध कारोबार
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जाटल रोड स्थित मुखीजा कॉलोनी में लगी आग ने जिला प्रशासन की भी आंख खोल दी है। आग की घटना के बाद प्रशासन ने पड़ताल की तो पता चला कि फैक्टरी के पास फायर एनओसी तक नहीं है। केवल खानापूर्ति के लिए अग्निशमक सिलिंडर रखे थे, उसमें भी पूरे उपकरण नहीं थे। मौजूदा लोगों ने बताया कि फैक्टरी संचालक के पास ट्रेड लाइसेंस तक नहीं था, जबकि यहां कारोबार सालों से चलाया जा रहा था।
शहर के रिहायशी क्षेत्र में इस समय एक आंकड़े के हिसाब से 30 हजार से अधिक वाणिज्यिक, औद्योगिक, शैक्षणिक, चिकित्सकीय प्रणाली से संबंधित इमारतें हैं, जिनको निगम से फायर एनओसी लेना अनिवार्य है। लेकिन अब तक महज 400 ने ही निगम से एनओसी ली है। ऐसे में जाटल रोड मुखीजा कॉलोनी की फैक्टरी में लगी आग से व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
विदित हो कि पूर्व में कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान इस तरह की एक शिकायत पर संज्ञान लेते हुए डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने संबंधित इमारत को तत्काल सील करने के आदेश दिए थे। साथ ही बाकी शहर में भी ऐसी इमारतों की जांच के निर्देश दिए गए थे, लेकिन डिप्टी सीएम के आदेशों को भी प्रशासन ने नजरअंदाज कर दिया।
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शहर के रिहायशी क्षेत्र में इस समय एक आंकड़े के हिसाब से 30 हजार से अधिक वाणिज्यिक, औद्योगिक, शैक्षणिक, चिकित्सकीय प्रणाली से संबंधित इमारतें हैं, जिनको निगम से फायर एनओसी लेना अनिवार्य है। लेकिन अब तक महज 400 ने ही निगम से एनओसी ली है। ऐसे में जाटल रोड मुखीजा कॉलोनी की फैक्टरी में लगी आग से व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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विदित हो कि पूर्व में कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान इस तरह की एक शिकायत पर संज्ञान लेते हुए डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने संबंधित इमारत को तत्काल सील करने के आदेश दिए थे। साथ ही बाकी शहर में भी ऐसी इमारतों की जांच के निर्देश दिए गए थे, लेकिन डिप्टी सीएम के आदेशों को भी प्रशासन ने नजरअंदाज कर दिया।
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