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Panipat News: पत्नी की आत्महत्या में पति को सात साल की कैद
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पानीपत। सिवाह गांव में पति की प्रताड़ना से तंग आकर अपनी छह वर्षीय बेटी संग ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार वर्मा की अदालत ने पति को दोषी करार देते हुए उसे सात साल की सजा सुनाई है। वहीं उस पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। पुलिस ने इसमें शुरुआत में हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस जांच के बाद हत्या की धारा हटाकर आत्महत्या के लिए प्रताड़ित करने की धारा में कार्रवाई की थी।
अतिरिक्त जिला न्यायवादी कुलदीप ढुल ने बताया कि इस मामले में 17 गवाह थे। इस मामले में मृतका मीनू के खुद के दो बेटों ने अपने पिता जयपाल के हक में गवाही दी थी। शिकायतकर्ता पिता राजपाल व अन्य भी दामाद जयपाल के हक में गवाही देते हुए पीछे हट गए थे। ऐसे में उन्होंने मजबूत पैरवी करते हुए अदालत के सामने जांच अधिकारी, मौके से जुटाए गए साक्ष्य, एफएलएल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आदि रिपोर्ट को न्यायाधीश के सामने पेश किया। इसके आधार पर अब न्यायाधीश अजय कुमार वर्मा ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धारा आईपीसी 306 के तहत जयपाल को सात साल की सजा सुनाई।
सिवाह गांव निवासी मीनू और उसकी छह वर्षीय बेटी राशि का गांव दीवाना के पास रेलवे ट्रैक पर शव मिला था। दिल्ली के नरेला निवासी राजपाल ने जीआरपी पुलिस को शिकायत में बताया था कि उसने अपनी बेटी जयपाल के साथ शादी की थी। दामाद शादी के बाद से ही उसकी बेटी के साथ मारपीट करता था। उसने बेटी व नाती की हत्या कर शव को ट्रैक पर डाला है। पुलिस ने पिता की शिकायत पर 302 की धारा में मुकदमा दर्ज किया था और पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया था। इसके बाद पुलिस ने मीनू की बहन ममता और चचेरी बहन कुसुम ने बताया था कि जयपाल मीनू के साथ शराब पीकर मारपीट करता था, जिस बारे में मीनू उन्हें बताती रहती थी। मीनू ने जयपाल की प्रताड़ना से तंग आकर अपनी बेटी संग मिलकर आत्महत्या की।
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अतिरिक्त जिला न्यायवादी कुलदीप ढुल ने बताया कि इस मामले में 17 गवाह थे। इस मामले में मृतका मीनू के खुद के दो बेटों ने अपने पिता जयपाल के हक में गवाही दी थी। शिकायतकर्ता पिता राजपाल व अन्य भी दामाद जयपाल के हक में गवाही देते हुए पीछे हट गए थे। ऐसे में उन्होंने मजबूत पैरवी करते हुए अदालत के सामने जांच अधिकारी, मौके से जुटाए गए साक्ष्य, एफएलएल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आदि रिपोर्ट को न्यायाधीश के सामने पेश किया। इसके आधार पर अब न्यायाधीश अजय कुमार वर्मा ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धारा आईपीसी 306 के तहत जयपाल को सात साल की सजा सुनाई।
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सिवाह गांव निवासी मीनू और उसकी छह वर्षीय बेटी राशि का गांव दीवाना के पास रेलवे ट्रैक पर शव मिला था। दिल्ली के नरेला निवासी राजपाल ने जीआरपी पुलिस को शिकायत में बताया था कि उसने अपनी बेटी जयपाल के साथ शादी की थी। दामाद शादी के बाद से ही उसकी बेटी के साथ मारपीट करता था। उसने बेटी व नाती की हत्या कर शव को ट्रैक पर डाला है। पुलिस ने पिता की शिकायत पर 302 की धारा में मुकदमा दर्ज किया था और पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया था। इसके बाद पुलिस ने मीनू की बहन ममता और चचेरी बहन कुसुम ने बताया था कि जयपाल मीनू के साथ शराब पीकर मारपीट करता था, जिस बारे में मीनू उन्हें बताती रहती थी। मीनू ने जयपाल की प्रताड़ना से तंग आकर अपनी बेटी संग मिलकर आत्महत्या की।
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