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मानवाधिकार आयोग ने लगाया सीएस पर 25 हजार का जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Wed, 07 Sep 2016 11:33 PM IST
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हरियाणा गोशाला संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष आजाद सिंह आर्य की पुलिसकर्मियों ने सरेआम पिटाई कर दी थी। इस पर मानवाधिकार आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने मुख्य सचिव पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग के आदेशानुसार पीड़ित आजाद सिंह आर्य को यह राशि दी जाएगी।
आजाद सिंह आर्य बुधवार को लघु सचिवालय स्थित एसपी कार्यालय के अकाउंट विभाग में पहुंचे। उन्होंने अपनी बैंक की पासबुक और पैन कार्ड समेत अन्य जरूरी कागज शाखा को सौंपे। यह राशि पुलिस के माध्यम आजाद सिंह आर्य के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। आजाद सिंह आर्य ने बताया कि पुलिस ने छह निर्दोष लोगों पर डकैती का मुकदमा दर्ज कर लिया था। वे इसका विरोध कर रहे थे। तत्कालीन एसपी ने उनकी सुनवाई करने की बजाय उल्टे उन पर ही कार्रवाई करने के आदेश दे दिए।
इसके बाद डीएसपी और एसएचओ के आदेश पर कुछ पुलिस कर्मचारियों ने सरेआम जीटी रोड पर उनकी पिटाई की। उनका इलाज भी नहीं करवाया गया। आर्य ने बताया कि उन्हीं आरोपी छह युवकों को करीब 40 दिन जेल में रखने के बाद डीएसपी ने निर्दोष बताकर छोड़ दिया था। उसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में इंसाफ दिलवाने की गुहार लगाई थी। इस अवसर पर सुभाष गढी छाजु, प्रदीप भापरा, गौरव, रिंकू आर्य, सन्नी, अशोक बराना मौजूद रहे।
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यह है मामला
विदित है कि गोरक्षकों पर पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज करने के मामले में हरियाणा गोशाला संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष आजाद सिंह आर्य व अन्य गोरक्षों ने पुलिस के खिलाफ 23 सितंबर 2014 को रोष प्रकट किया था। पुलिस अधिकारियों के आदेश पर कर्मियों ने जीटी रोड स्थित लाल बत्ती चौक के पास आजाद सिंह आर्य की बुरी तरह से पिटाई की थी। आयोग ने डीजीपी हरियाणा को मामले के आरोपी संबंधित पुलिस अधिकारियों व संबंधित मेडिकल अधिकारियों पर कार्रवाई करने के आदेश गत वर्ष मार्च में दिया था।
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आजाद सिंह आर्य बुधवार को लघु सचिवालय स्थित एसपी कार्यालय के अकाउंट विभाग में पहुंचे। उन्होंने अपनी बैंक की पासबुक और पैन कार्ड समेत अन्य जरूरी कागज शाखा को सौंपे। यह राशि पुलिस के माध्यम आजाद सिंह आर्य के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। आजाद सिंह आर्य ने बताया कि पुलिस ने छह निर्दोष लोगों पर डकैती का मुकदमा दर्ज कर लिया था। वे इसका विरोध कर रहे थे। तत्कालीन एसपी ने उनकी सुनवाई करने की बजाय उल्टे उन पर ही कार्रवाई करने के आदेश दे दिए।
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इसके बाद डीएसपी और एसएचओ के आदेश पर कुछ पुलिस कर्मचारियों ने सरेआम जीटी रोड पर उनकी पिटाई की। उनका इलाज भी नहीं करवाया गया। आर्य ने बताया कि उन्हीं आरोपी छह युवकों को करीब 40 दिन जेल में रखने के बाद डीएसपी ने निर्दोष बताकर छोड़ दिया था। उसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में इंसाफ दिलवाने की गुहार लगाई थी। इस अवसर पर सुभाष गढी छाजु, प्रदीप भापरा, गौरव, रिंकू आर्य, सन्नी, अशोक बराना मौजूद रहे।
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यह है मामला
विदित है कि गोरक्षकों पर पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज करने के मामले में हरियाणा गोशाला संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष आजाद सिंह आर्य व अन्य गोरक्षों ने पुलिस के खिलाफ 23 सितंबर 2014 को रोष प्रकट किया था। पुलिस अधिकारियों के आदेश पर कर्मियों ने जीटी रोड स्थित लाल बत्ती चौक के पास आजाद सिंह आर्य की बुरी तरह से पिटाई की थी। आयोग ने डीजीपी हरियाणा को मामले के आरोपी संबंधित पुलिस अधिकारियों व संबंधित मेडिकल अधिकारियों पर कार्रवाई करने के आदेश गत वर्ष मार्च में दिया था।