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Panipat News: तंग गलियों में चल रहे होटल, आग लगने पर बाहर निकलने तक की जगह नहीं
Fri, 05 Jun 2026 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Fri, 05 Jun 2026 01:30 AM IST
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पानीपत। दिल्ली के एक होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत के बाद होटलों की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। एनसीआर में शामिल औद्योगिक नगरी पानीपत की स्थिति भी चिंताजनक है। जिले में बड़ी संख्या में ऐसे होटल संचालित हो रहे हैं, जहां आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। कई होटल तो घनी आबादी और संकरी गलियों में चल रहे हैं, जहां किसी आपात स्थिति में लोगों का बाहर निकलना और दमकल वाहनों का पहुंचना भी मुश्किल हो सकता है।
जिले में करीब 250 छोटे-बड़े होटल संचालित हैं, लेकिन इनमें से मात्र 25 से 30 होटलों के पास ही अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) है। यानी लगभग 90 फीसदी होटल बिना वैध फायर एनओसी के संचालित हो रहे हैं। अग्निशमन विभाग अब तक 29 होटलों को नोटिस जारी कर सुरक्षा मानक पूरे करने के निर्देश दे चुका है।
दिल्ली में हुए अग्निकांड के बाद पानीपत के होटलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण शहर में बड़ी संख्या में होटल और गेस्ट हाउस बने हुए हैं। अग्निशमन विभाग के अनुसार, अधिकांश होटलों में आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। कई प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी उपकरण या तो लगाए ही नहीं गए हैं या फिर वे अनुपयोगी स्थिति में हैं।
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शहर के कई हिस्सों में होटल संकरी गलियों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में आग लगने पर दमकल विभाग की गाड़ियां घटनास्थल तक आसानी से नहीं पहुंच पाएंगी। वहीं होटल में ठहरे लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने में भी कठिनाई हो सकती है। विभाग ने ऐसे होटलों को चिह्नित कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अग्निशमन विभाग के अनुसार, पिछले दो वर्षों में आठ होटल संचालकों ने अपनी फायर एनओसी का नवीनीकरण कराया है, जबकि छह होटलों को नई एनओसी जारी की गई है।
इन क्षेत्रों में हैं सबसे अधिक होटल
शहर के जीटी रोड, मॉडल टाउन, बिशनस्वरूप कॉलोनी, गोहाना रोड, जाटल रोड, सेक्टर-11-12 और सनौली रोड क्षेत्र में सबसे अधिक होटल संचालित हैं।
29 होटलों को जारी किए जा चुके हैं नोटिस
अग्निशमन विभाग ने करीब एक माह पहले विशेष अभियान चलाकर 26 होटलों को नोटिस जारी किए थे और उन्हें सुरक्षा मानक पूरे करने के लिए समय दिया गया था। दिल्ली में हुए हादसे के बाद विभाग ने दोबारा अभियान तेज कर दिया है। वीरवार को तीन और होटलों को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर निर्धारित मानक पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।
15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले होटल भवनों के लिए आवश्यक मानक
भवन में कम से कम दो सीढ़ियां होना अनिवार्य।
पंप हाउस की व्यवस्था आवश्यक।
फायर हाइड्रेंट सिस्टम स्थापित होना चाहिए।
फायर स्प्रिंकलर सिस्टम लगाया जाना जरूरी।
फायर अलार्म सिस्टम की उपलब्धता अनिवार्य।
स्मोक डिटेक्टर लगाए जाना आवश्यक।
शहर के होटलों को सुरक्षा मानक पूरे करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। जिन होटलों के पास फायर एनओसी नहीं है और जो निर्धारित मानकों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सीलिंग सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -गुरमेल सिंह, अग्निशमन अधिकारी
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जिले में करीब 250 छोटे-बड़े होटल संचालित हैं, लेकिन इनमें से मात्र 25 से 30 होटलों के पास ही अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) है। यानी लगभग 90 फीसदी होटल बिना वैध फायर एनओसी के संचालित हो रहे हैं। अग्निशमन विभाग अब तक 29 होटलों को नोटिस जारी कर सुरक्षा मानक पूरे करने के निर्देश दे चुका है।
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दिल्ली में हुए अग्निकांड के बाद पानीपत के होटलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण शहर में बड़ी संख्या में होटल और गेस्ट हाउस बने हुए हैं। अग्निशमन विभाग के अनुसार, अधिकांश होटलों में आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। कई प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी उपकरण या तो लगाए ही नहीं गए हैं या फिर वे अनुपयोगी स्थिति में हैं।
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शहर के कई हिस्सों में होटल संकरी गलियों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में आग लगने पर दमकल विभाग की गाड़ियां घटनास्थल तक आसानी से नहीं पहुंच पाएंगी। वहीं होटल में ठहरे लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने में भी कठिनाई हो सकती है। विभाग ने ऐसे होटलों को चिह्नित कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अग्निशमन विभाग के अनुसार, पिछले दो वर्षों में आठ होटल संचालकों ने अपनी फायर एनओसी का नवीनीकरण कराया है, जबकि छह होटलों को नई एनओसी जारी की गई है।
इन क्षेत्रों में हैं सबसे अधिक होटल
शहर के जीटी रोड, मॉडल टाउन, बिशनस्वरूप कॉलोनी, गोहाना रोड, जाटल रोड, सेक्टर-11-12 और सनौली रोड क्षेत्र में सबसे अधिक होटल संचालित हैं।
29 होटलों को जारी किए जा चुके हैं नोटिस
अग्निशमन विभाग ने करीब एक माह पहले विशेष अभियान चलाकर 26 होटलों को नोटिस जारी किए थे और उन्हें सुरक्षा मानक पूरे करने के लिए समय दिया गया था। दिल्ली में हुए हादसे के बाद विभाग ने दोबारा अभियान तेज कर दिया है। वीरवार को तीन और होटलों को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर निर्धारित मानक पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।
15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले होटल भवनों के लिए आवश्यक मानक
भवन में कम से कम दो सीढ़ियां होना अनिवार्य।
पंप हाउस की व्यवस्था आवश्यक।
फायर हाइड्रेंट सिस्टम स्थापित होना चाहिए।
फायर स्प्रिंकलर सिस्टम लगाया जाना जरूरी।
फायर अलार्म सिस्टम की उपलब्धता अनिवार्य।
स्मोक डिटेक्टर लगाए जाना आवश्यक।
शहर के होटलों को सुरक्षा मानक पूरे करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। जिन होटलों के पास फायर एनओसी नहीं है और जो निर्धारित मानकों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सीलिंग सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -गुरमेल सिंह, अग्निशमन अधिकारी