{"_id":"571bc4c84f1c1ba06e8b63f4","slug":"heat-stroke-panipat-dehidration-panipat-summar-panipat","type":"story","status":"publish","title_hn":"झुलसती गर्मी से बढ़ा शहर पर डी-हाइड्रेशन का खतरा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झुलसती गर्मी से बढ़ा शहर पर डी-हाइड्रेशन का खतरा
panipat
Updated Sun, 24 Apr 2016 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तापमान के 40 पार पहुंचते ही शहर में डी-हाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है। अब से पहले सैकड़ों मामले सामने आ चुके हैं। सिविल अस्पताल में डी-हाइड्रेशन से पीड़ितों की लंबी लाइन लगी हुई है। इसका अधिक खतरा दो से दस साल के बच्चों में अधिक पाया जा रहा है। ऐसे में डॉक्टर मरीजों को डी-हाइड्रेशन की जानकारी गहराई के साथ दे रहे हैं।
तेज धूप और तपतपाती गर्मी ने जनजीवन को अब से पहले प्रभावित कर दिया है। शरीर से पसीने के रूप में निकलने वाले पानी से शरीर को पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे शरीर को डी-हाइड्रेशन बढ़ गया है। डॉक्टरों के मुताबिक डी-हाइड्रेशन एक बेहद खतरनाक बीमारी है। समय पर इलाज न मिलने पर मरीज की जान भी ले सकता है। अप्रैल माह में सिविल अस्पताल में सैकड़ों मरीज डी-हाइड्रेशन के आ चुके हैं। मरीजों में अधिकतर दो से दस साल के बच्चों की संख्या अधिक है।
क्या होता है डी-हाइड्रेशन
डी-हाइड्रेशन यानि शरीर में पानी की कमी होना। शरीर से पसीने, उल्टी व दस्त के जरिये शरीर से पानी निकलता है। जिस कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है। मरीज को कमजोरी महसूस होती है और चक्कर आते है। मरीज का बार-बार मुंह सूखता है।
विज्ञापन
नींबू और नारियल पानी से दे सकते है डी-हाइड्रेशन को मात
सिविल अस्पताल के एमओ डॉ. अमित दहिया ने बताया कि डी-हाइड्रेशन जैसी खतरनाक बीमारी है। इसमें नींबू व नारियल पानी दिया जा सकता है। दोनों की प्रकार के पानी शरीर में पानी की कमी को पूर्ण करते है और गर्मियों में शरीर के लिए अंत्यत लाभदायक होते हैं। व्यक्ति बाहर का खाना व समय पर पानी की पूर्ति कर डी-हाइड्रेशन से आराम से बच सकता है।
गर्मी के मौसम में डी-हाइड्रेशन के मरीज अब से पहले आने शुरू हो गए हैं। यह चिंता का विषय है और लोगों को इससे बचने के उपाय अपनाने होंगे। सिविल अस्पताल में आने वाले मरीजों को पर्याप्त इलाज दिया जा रहा है।
डॉ. एसके गुप्ता, एमएस, सिविल अस्पताल पानीपत।
विज्ञापन
तेज धूप और तपतपाती गर्मी ने जनजीवन को अब से पहले प्रभावित कर दिया है। शरीर से पसीने के रूप में निकलने वाले पानी से शरीर को पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे शरीर को डी-हाइड्रेशन बढ़ गया है। डॉक्टरों के मुताबिक डी-हाइड्रेशन एक बेहद खतरनाक बीमारी है। समय पर इलाज न मिलने पर मरीज की जान भी ले सकता है। अप्रैल माह में सिविल अस्पताल में सैकड़ों मरीज डी-हाइड्रेशन के आ चुके हैं। मरीजों में अधिकतर दो से दस साल के बच्चों की संख्या अधिक है।
विज्ञापन
क्या होता है डी-हाइड्रेशन
डी-हाइड्रेशन यानि शरीर में पानी की कमी होना। शरीर से पसीने, उल्टी व दस्त के जरिये शरीर से पानी निकलता है। जिस कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है। मरीज को कमजोरी महसूस होती है और चक्कर आते है। मरीज का बार-बार मुंह सूखता है।
विज्ञापन
नींबू और नारियल पानी से दे सकते है डी-हाइड्रेशन को मात
सिविल अस्पताल के एमओ डॉ. अमित दहिया ने बताया कि डी-हाइड्रेशन जैसी खतरनाक बीमारी है। इसमें नींबू व नारियल पानी दिया जा सकता है। दोनों की प्रकार के पानी शरीर में पानी की कमी को पूर्ण करते है और गर्मियों में शरीर के लिए अंत्यत लाभदायक होते हैं। व्यक्ति बाहर का खाना व समय पर पानी की पूर्ति कर डी-हाइड्रेशन से आराम से बच सकता है।
गर्मी के मौसम में डी-हाइड्रेशन के मरीज अब से पहले आने शुरू हो गए हैं। यह चिंता का विषय है और लोगों को इससे बचने के उपाय अपनाने होंगे। सिविल अस्पताल में आने वाले मरीजों को पर्याप्त इलाज दिया जा रहा है।
डॉ. एसके गुप्ता, एमएस, सिविल अस्पताल पानीपत।