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इस साल दोगुनी हुई स्वास्थ्य सेवाएं, डॉक्टरों ने मरीजों को दिया ऑनलाइन परामर्श
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पानीपत। वर्ष 2021 में कोरोना संक्रमण चरम पर रहा। दूसरी लहर के दौरान संक्रमण ने 493 लोगों की जान ली। हालांकि इस बीच स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने की ओर कदम उठाए गए। इस वर्ष जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में करीब दोगुना इजाफा हुआ। पानीपत स्वास्थ्य विभाग को आठ नई एंबुलेंस मिलीं। पहली बार डॉक्टरों ने मरीजों को ऑनलाइन परामर्श दिया। मोबाइल हेल्थ यूनिट ने ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को उपचार दिया।
इसके साथ ही सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में आईसीयू एवं वेंटिलेटर की सुविधा शुरू हुई। ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की हुई दिक्कतों को देखते हुए ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण भी हुआ। इसी साल 100 बेड की मदर एंड चाइल्ड केयर विंग का निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है ।
काला पीलिया के रोगियों के लिए पहली बार सिविल अस्पताल में ही जांच शुरू की गई, लोगों को रोहतक पीजीआई जाने से निजात मिली। इसी के साथ करीब 12 महीने में 98 प्रतिशत पात्रों को कोरोना टीकाकरण की पहली खुराक देने में सफलता मिली।
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इन महत्वपूर्ण सेवाओं की सौगात:
एमसीएच विंग : पानीपत में पंचकूला की तर्ज पर 100 बेड की एमसीएच विंग का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। 2023 जून तक ये एमसीएच विंग बनकर तैयार हो जाएगी। इससे जिले की जच्चा-बच्चा को एक ही छत के नीचे इलाज मिलेगा। इस साल इस सबसे महत्वपूर्ण सेवा के कार्य का आरंभ हुआ।
आईसीयू : जिले के लोगों की आईसीयू की सुविधा की सबसे पुरानी मांग थी। जब कोरोना संक्रमण फैला तो स्वास्थ्य विभाग ने आईसीयू वार्ड को तैयार किया। इस साल जिले के सरकारी अस्पताल में आईसीयू की सुविधा भी शुरू हुई।
वेंटिलेटर : 2021 में स्वास्थ्य विभाग ने जिले के लोगों को वेंटिलेटर की सौगात दी। सिविल अस्पताल में 31 वेंटिलेटर लाए गए। इनमें से 14 वेंटिलेटर को इंस्टॉल किया गया। इस साल विभाग की यह भी महत्वपूर्ण सौगात रही।
नई एंबुलेंस : 2020 तक जिले में 20 एंबुलेंस थी। एंबुलेंस की कमी के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस साल अक्तूबर में जिले को आठ नई अत्याधुनिक एंबुलेंस की सौगात मिली।
ई- संजीवनी : जब कोरोना संक्रमण के कारण लोगों की अस्पतालों में भीड़ बढ़ रही थी। तब विभाग ने ई-संजीवनी ओपीडी शुरू की गई। इसके तहत जिले के लोगों को सरकारी डॉक्टरों ने घर बैठे बीमारियों से संबंधित परामर्श दिए।
मोबाइल हेल्थ यूनिट : 2021 में पहली बार स्वास्थ्य विभाग ने डोर-टू-डोर जाकर लोगों का इलाज शुरू किया। जो लोग अस्पताल में नहीं आ सकते थे, डॉक्टर उनके दरवाजे तक पहुंचे। लोगों की टीबी- शुगर- बीपी व कोरोना की जांच की। जिले को नई चार मोबाइल हेल्थ यूनिट मिली।
कोरोना रोधी टीकाकरण : इसी साल जिले में कोरोना रोधी टीकाकरण अभियान शुरू हुआ। अब तक 9.6 लाख लोगों का टीकाकरण हो चुका है। ये देश की सबसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में से एक है।
ऑक्सीजन प्लांट : ऑक्सीजन के अभाव में कई लोगों ने अपनी जान गंवाई। इसे देखते हुए जिले के लोगों को इस साल दो ऑक्सीजन प्लांट की सौगात मिली। एक ऑक्सीजन प्लांट सिविल अस्पताल और दूसरा समालखा में स्थापित किया गया है।
काला पीलिया की जांच शुरू : मई में सिविल अस्पताल में काला पीलिया की जांच शुरू की गई। यहां पर 2018 में इस बीमारी का इलाज शुरू हो गया था लेकिन इसकी जांच के लिए मरीजों को रोहतक पीजीआई भेजा जाता था। वहां से रिपोर्ट आने के बाद यहां इलाज शुरू होता था।
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इसके साथ ही सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में आईसीयू एवं वेंटिलेटर की सुविधा शुरू हुई। ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की हुई दिक्कतों को देखते हुए ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण भी हुआ। इसी साल 100 बेड की मदर एंड चाइल्ड केयर विंग का निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है ।
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काला पीलिया के रोगियों के लिए पहली बार सिविल अस्पताल में ही जांच शुरू की गई, लोगों को रोहतक पीजीआई जाने से निजात मिली। इसी के साथ करीब 12 महीने में 98 प्रतिशत पात्रों को कोरोना टीकाकरण की पहली खुराक देने में सफलता मिली।
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इन महत्वपूर्ण सेवाओं की सौगात:
एमसीएच विंग : पानीपत में पंचकूला की तर्ज पर 100 बेड की एमसीएच विंग का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। 2023 जून तक ये एमसीएच विंग बनकर तैयार हो जाएगी। इससे जिले की जच्चा-बच्चा को एक ही छत के नीचे इलाज मिलेगा। इस साल इस सबसे महत्वपूर्ण सेवा के कार्य का आरंभ हुआ।
आईसीयू : जिले के लोगों की आईसीयू की सुविधा की सबसे पुरानी मांग थी। जब कोरोना संक्रमण फैला तो स्वास्थ्य विभाग ने आईसीयू वार्ड को तैयार किया। इस साल जिले के सरकारी अस्पताल में आईसीयू की सुविधा भी शुरू हुई।
वेंटिलेटर : 2021 में स्वास्थ्य विभाग ने जिले के लोगों को वेंटिलेटर की सौगात दी। सिविल अस्पताल में 31 वेंटिलेटर लाए गए। इनमें से 14 वेंटिलेटर को इंस्टॉल किया गया। इस साल विभाग की यह भी महत्वपूर्ण सौगात रही।
नई एंबुलेंस : 2020 तक जिले में 20 एंबुलेंस थी। एंबुलेंस की कमी के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस साल अक्तूबर में जिले को आठ नई अत्याधुनिक एंबुलेंस की सौगात मिली।
ई- संजीवनी : जब कोरोना संक्रमण के कारण लोगों की अस्पतालों में भीड़ बढ़ रही थी। तब विभाग ने ई-संजीवनी ओपीडी शुरू की गई। इसके तहत जिले के लोगों को सरकारी डॉक्टरों ने घर बैठे बीमारियों से संबंधित परामर्श दिए।
मोबाइल हेल्थ यूनिट : 2021 में पहली बार स्वास्थ्य विभाग ने डोर-टू-डोर जाकर लोगों का इलाज शुरू किया। जो लोग अस्पताल में नहीं आ सकते थे, डॉक्टर उनके दरवाजे तक पहुंचे। लोगों की टीबी- शुगर- बीपी व कोरोना की जांच की। जिले को नई चार मोबाइल हेल्थ यूनिट मिली।
कोरोना रोधी टीकाकरण : इसी साल जिले में कोरोना रोधी टीकाकरण अभियान शुरू हुआ। अब तक 9.6 लाख लोगों का टीकाकरण हो चुका है। ये देश की सबसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में से एक है।
ऑक्सीजन प्लांट : ऑक्सीजन के अभाव में कई लोगों ने अपनी जान गंवाई। इसे देखते हुए जिले के लोगों को इस साल दो ऑक्सीजन प्लांट की सौगात मिली। एक ऑक्सीजन प्लांट सिविल अस्पताल और दूसरा समालखा में स्थापित किया गया है।
काला पीलिया की जांच शुरू : मई में सिविल अस्पताल में काला पीलिया की जांच शुरू की गई। यहां पर 2018 में इस बीमारी का इलाज शुरू हो गया था लेकिन इसकी जांच के लिए मरीजों को रोहतक पीजीआई भेजा जाता था। वहां से रिपोर्ट आने के बाद यहां इलाज शुरू होता था।