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तीन महीने में ही जमींदोज होने लगे हैं हार्वेस्टिंग सिस्टम
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। वार्ड नंबर 18 के अंतर्गत आने वाले छह पार्कों में कृषि विभाग की ओर से बनाए गए रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम जमींदोज होने लगे हैं। यहां के बोरवेल जमीन में धंस चुुके हैं और अब यहां गहरे गड्ढ़े बनते जा रहे हैं। जिससे हर समय हादसे होने का डर बना रहता है। कॉलोनिवासियों का कहना है कि ये हार्वेस्टिंग सिस्टम करीब तीन लाख रुपये से बनाए गए थे।
जिनके लिए कोई टेंडर प्रक्रिया तक अमल में नहीं लाई गई। ये सिर्फ एक नेता की सिफारिश पर बनाए गए थे। जिन ठेकेदारों ने इनको बनाया था वे काम बीच में छोड़कर ही भाग गए। जिस वजह से ये अधूरा सिस्टम अब बरसाती पानी को जमीन में पहुंचाने के काम की बजाए हादसों को बुलावा दे रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि आठ मरला और सतकरतार कॉलोनी समेत आसपास के एरिया के छह पार्कों में ये हार्वेस्टिंग सिस्टम कृषि विभाग की ओर से लगाए गए थे। इनको इसलिए बनवाया गया था ताकि बारिश के मौसम में बरसाती पानी इनके माध्यम से जमीन में जाता रहे और भू-जल स्तर बढ़ सके।
सावन भादौ पार्क वेलफेयर सोसाइटी प्रधान सुरेश आहुजा ने बताया कि ये सारे रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम करीब तीन महीने पहले ही लगाए गए हैं। सावन भादो पार्क, श्री राधाकृष्ण मंदिर के सामने और आठ मरला वाले पार्क समेत सभी जगह इनके लगाते समय घोर लापरवाही बरती गई है। इसके लिए ठेकेदार ने पार्क का ग्राउंड पूरी तरह से अस्त-व्यस्त किया। जिसके बाद सोसायटी सदस्यों ने खुद चंदा इकट्ठा कर पार्क का ग्राउंड लेवल सही करवाया। अब मानूसन की पहली बारिश आते ही ये रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम जमीन में धंस गए।
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पानीपत। वार्ड नंबर 18 के अंतर्गत आने वाले छह पार्कों में कृषि विभाग की ओर से बनाए गए रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम जमींदोज होने लगे हैं। यहां के बोरवेल जमीन में धंस चुुके हैं और अब यहां गहरे गड्ढ़े बनते जा रहे हैं। जिससे हर समय हादसे होने का डर बना रहता है। कॉलोनिवासियों का कहना है कि ये हार्वेस्टिंग सिस्टम करीब तीन लाख रुपये से बनाए गए थे।
जिनके लिए कोई टेंडर प्रक्रिया तक अमल में नहीं लाई गई। ये सिर्फ एक नेता की सिफारिश पर बनाए गए थे। जिन ठेकेदारों ने इनको बनाया था वे काम बीच में छोड़कर ही भाग गए। जिस वजह से ये अधूरा सिस्टम अब बरसाती पानी को जमीन में पहुंचाने के काम की बजाए हादसों को बुलावा दे रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि आठ मरला और सतकरतार कॉलोनी समेत आसपास के एरिया के छह पार्कों में ये हार्वेस्टिंग सिस्टम कृषि विभाग की ओर से लगाए गए थे। इनको इसलिए बनवाया गया था ताकि बारिश के मौसम में बरसाती पानी इनके माध्यम से जमीन में जाता रहे और भू-जल स्तर बढ़ सके।
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सावन भादौ पार्क वेलफेयर सोसाइटी प्रधान सुरेश आहुजा ने बताया कि ये सारे रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम करीब तीन महीने पहले ही लगाए गए हैं। सावन भादो पार्क, श्री राधाकृष्ण मंदिर के सामने और आठ मरला वाले पार्क समेत सभी जगह इनके लगाते समय घोर लापरवाही बरती गई है। इसके लिए ठेकेदार ने पार्क का ग्राउंड पूरी तरह से अस्त-व्यस्त किया। जिसके बाद सोसायटी सदस्यों ने खुद चंदा इकट्ठा कर पार्क का ग्राउंड लेवल सही करवाया। अब मानूसन की पहली बारिश आते ही ये रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम जमीन में धंस गए।
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