{"_id":"660a231df2faaae2f10f5f8a","slug":"gunny-bags-did-not-reach-the-markets-there-was-no-tender-for-lifting-and-transportation-panipat-news-c-244-1-pnp1001-116062-2024-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: मंडियों में नहीं पहुंचा बारदाना, उठान और ट्रांसपोर्ट का भी टेंडर नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: मंडियों में नहीं पहुंचा बारदाना, उठान और ट्रांसपोर्ट का भी टेंडर नहीं
विज्ञापन
पानीपत। मंडियों में गेहूं खरीद को लेकर अभी तक कोई तैयारी धरातल पर नजर नहीं आ रही है। मंडियों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। किसानों के लिए सुविधा तो दूर यहां गेहूं उतारने के लिए फड़ पर सफाई तक नहीं की जा सकी है। मंड़ियों में आढ़तियों के पास अब तक बारदाना भी नहीं पहुंचा है। गेहूं उठान और ट्रांसपोर्ट का टेंडर भी सिरे नहीं चढ़ पाया है। इसको मंजूर होने में भी अभी दो तीन दिन का समय लग सकता है। इन सबके बीच विभागों से लेकर प्रशासनिक अधिकारी केवल खरीद से लेकर उठान तक के दावे कर रहे हैं।
गेहूं की सरकारी खरीद सोमवार एक अप्रैल को शुरू होगी। जिले में 12 मंडी और खरीद केंद्र बनाए गए हैं। तीनों एसडीएम के नेतृत्व में मंडियों में गेहूं खरीद को लेकर व्यापक तैयारी की बात कही जा रही है। जिला से लेकर निदेशालय तक के अधिकारी कई बार वीडियो कॉन्फ्रेंस और सीधे बैठक ले चुके हैं। बावजूद इसके मंडियों में अब तक कोई तैयारी नहीं है। पानीपत अनाज मंडी समेत जिले की मंडियों व केंद्रों पर गेहूं खरीद को लेकर तैयारियों को जाना तो यहां सब दावे साफ मिले। हम बता दें कि जिले में इस बार ढाई लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों की इस स्तर पर अनदेखी सबकी चिंता बढ़ा रहे हैं। पिछले कई दिन से मौसम बदलने से फसल आने में अभी समय लग रहा है। मौसम साफ होता तो किसान सोमवार को फसल लेकर पहुंचते तो उनको खरीदने वाला तक नहीं मिलता।
मंडियों में व्यवस्था का जिम्मा मार्केट कमेटी का है। यहां अब तक किसानों के लिए पेयजल समेत अन्य मूलभूत सुविधा तो दूर झाडू़ तक नहीं लग पाया है। पानीपत अनाज मंडी की ही बात करें तो यहां अव्यवस्थाओं का आलम है। मंडी में बिजली के तार तक ढीले पड़े हैं। इसके अलावा कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इसके अलावा किसानों के लिए पेयजल के कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। मंडियों में अब तक बारदाना नहीं पहुंचा है। उठान को लेकर लेबर और ट्रांसपोर्ट का टेंडर निदेशालय स्तर पर अटका हुआ है।
विज्ञापन
बॉक्स
इन मंडियों में होगी खरीद
पानीपत, अहर, बबैल, बाबरपुर, बापौली, छिछड़ाना, इसराना, मतलौडा, नौल्था, समालखा, सनौली व उरलाना कलां।
आढ़तियों की हड़ताल की चेतावनी ने बढ़ाई चिंता
बॉक्स
आढ़तियों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को गेहूं की खरीद शुरू होने के पहले दिन ही हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान धर्मबीर मलिक ने बताया कि सरसों की खरीद सीधे हैफेड एजेंसी कर रही है। आढ़ती को ढाई प्रतिशत आढ़त भी नहीं दी जा रही है। अभी उन्होंने पांच दिन की हड़ताल रखी है। उनकी मांगों को नहीं माना तो वे 15 मार्च को फिर से लंबी हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
वर्जन :
जिले की 12 मंडियों व केंद्रों पर गेहूं की खरीद की जाएगी। एजेंसी के पास पर्याप्त मात्रा में बारदाना है। जल्द ही मंडियों में पहुंचाया जाएगा। उठान और ट्रासंपोर्ट का टेंडर का प्रस्ताव निदेशालय भेजा गया है। इस जल्द ही जारी कर दिया जाएगा। मंडी में गेहूं खरीद और उठान को लेकर किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
आदित्य कौशिक, नियंत्रक, खाद्य एवं आपर्ति नियंत्रण।
विज्ञापन
गेहूं की सरकारी खरीद सोमवार एक अप्रैल को शुरू होगी। जिले में 12 मंडी और खरीद केंद्र बनाए गए हैं। तीनों एसडीएम के नेतृत्व में मंडियों में गेहूं खरीद को लेकर व्यापक तैयारी की बात कही जा रही है। जिला से लेकर निदेशालय तक के अधिकारी कई बार वीडियो कॉन्फ्रेंस और सीधे बैठक ले चुके हैं। बावजूद इसके मंडियों में अब तक कोई तैयारी नहीं है। पानीपत अनाज मंडी समेत जिले की मंडियों व केंद्रों पर गेहूं खरीद को लेकर तैयारियों को जाना तो यहां सब दावे साफ मिले। हम बता दें कि जिले में इस बार ढाई लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों की इस स्तर पर अनदेखी सबकी चिंता बढ़ा रहे हैं। पिछले कई दिन से मौसम बदलने से फसल आने में अभी समय लग रहा है। मौसम साफ होता तो किसान सोमवार को फसल लेकर पहुंचते तो उनको खरीदने वाला तक नहीं मिलता।
विज्ञापन
मंडियों में व्यवस्था का जिम्मा मार्केट कमेटी का है। यहां अब तक किसानों के लिए पेयजल समेत अन्य मूलभूत सुविधा तो दूर झाडू़ तक नहीं लग पाया है। पानीपत अनाज मंडी की ही बात करें तो यहां अव्यवस्थाओं का आलम है। मंडी में बिजली के तार तक ढीले पड़े हैं। इसके अलावा कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इसके अलावा किसानों के लिए पेयजल के कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। मंडियों में अब तक बारदाना नहीं पहुंचा है। उठान को लेकर लेबर और ट्रांसपोर्ट का टेंडर निदेशालय स्तर पर अटका हुआ है।
विज्ञापन
बॉक्स
इन मंडियों में होगी खरीद
पानीपत, अहर, बबैल, बाबरपुर, बापौली, छिछड़ाना, इसराना, मतलौडा, नौल्था, समालखा, सनौली व उरलाना कलां।
आढ़तियों की हड़ताल की चेतावनी ने बढ़ाई चिंता
बॉक्स
आढ़तियों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को गेहूं की खरीद शुरू होने के पहले दिन ही हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान धर्मबीर मलिक ने बताया कि सरसों की खरीद सीधे हैफेड एजेंसी कर रही है। आढ़ती को ढाई प्रतिशत आढ़त भी नहीं दी जा रही है। अभी उन्होंने पांच दिन की हड़ताल रखी है। उनकी मांगों को नहीं माना तो वे 15 मार्च को फिर से लंबी हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
वर्जन :
जिले की 12 मंडियों व केंद्रों पर गेहूं की खरीद की जाएगी। एजेंसी के पास पर्याप्त मात्रा में बारदाना है। जल्द ही मंडियों में पहुंचाया जाएगा। उठान और ट्रासंपोर्ट का टेंडर का प्रस्ताव निदेशालय भेजा गया है। इस जल्द ही जारी कर दिया जाएगा। मंडी में गेहूं खरीद और उठान को लेकर किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
आदित्य कौशिक, नियंत्रक, खाद्य एवं आपर्ति नियंत्रण।