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Panipat News: औद्योगिक सेक्टरों को दी गई ग्रीन बेल्ट गंदगी में तबदील
Sat, 13 Sep 2025 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sat, 13 Sep 2025 01:31 AM IST
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सेक्टर-25 के औद्योगिक क्षेत्र में खस्ताहालत में सड़क। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। औद्योगिक सेक्टरों में मूलभूत सुविधाओं के साथ सौंदर्यीकरण भी नहीं किया जा रहा है। एचएसवीपी अपने बसाए सेक्टरों में भी इसको पूरा नहीं कर पा रही है। सेक्टरों के प्लान में ग्रीन बेल्ट तो दे दी लेकिन उन्हें विकसित नहीं किया गया। ऐसे में ग्रीन बेल्ट गंदगी में तबदील हो गई है। इससे सेक्टरों की सड़कों से गुजर पाना भी मुश्किल हो गया है।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से उद्योगों के लिए सेक्टर-25-वन, टू, 29-वन और टू को बसाया गया है। प्राधिकरण ने आखिरी बार 2002 में सेक्टर-28-टू बसाया था। इन 23 सालों में सेक्टरों को मूलभूत सुविधा तक नहीं मिली हैं। प्राधिकरण इन सालों में यहां पर ग्रीन बेल्ट तक विकसित नहीं कर पाया है। अब इन सेक्टरों काे एचएसआईआईडी को दे दिए हैं। एसएसवीपी भी सेक्टरों को विकसित करने की ठोस योजना नहीं बना पाया है। ऐसे में सेक्टराें की स्थिति में कोई सुधर नहीं हुआ है। यहां पर कई जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।
उद्यमी नीरज अग्रवाल ने बताया कि सेक्टरों में सौंदर्यीकरण की तरफ कोई ध्यान नहीं है। अधिकारी ये करना तो दूर सफाई तक नहीं करा पा रहे हैं। सेक्टरों में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। इसका खामियाजा उद्यमियों को उठाना पड़ता है। वे अपने प्रतिष्ठानों पर खरीदारों को लेकर भी नहीं आ पाते।
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प्रवीण गुप्ता ने बताया कि एसएसवीपी ने सेक्टरों का काटा। इसके कुछ साल बाद नगर निगम को दे दिया। अब इनको एसएसआईआईडीसी को दे दिया। अब तक सेक्टरों में ग्रीन बेल्ट नहीं बन पाई है। उद्यमी सामाजिक तौर पर भी अपना हर संभव सहयोग देते हैं।
जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन एवं उद्यमी जितेंद्र अहलावत ने बताया कि औद्योगिक सेक्टरों व दूसरी प्रमुख सड़कों पर सौंदर्यीकरण की कोई योजना नहीं है। इनकी विस्तृत योजना बनाकर काम करना चाहिए। इससे एक्यूआई भी कम होगा। इसके साथ एनजीटी की हर साल लगने वाली पाबंदियों से भी छूट मिलेगी।
अरुण गोयल ने कहा कि सेक्टर ही नहीं पूरे शहर में सौंदर्यीकरण की जरूरत है। प्रशासन को इस कार्य को प्रमुखता से करना चाहिए। पौधरोपण के साथ उनका संरक्षण भी जरूरी है। इसमें औद्योगिक संगठन हर सहयोग करने को तैयार रहते हैं। शहर के सुंदर होने पर बायर्स को ला सकेंगे।
एचचएसआईआईडीसी ने पिछले दिनों ही सेक्टर लिए हैं। इनकी वर्तमान स्थिति देखी गई है। अब इनका प्रस्ताव बनाया जा रहा है। इसमें सौंदर्यीकरण को भी शामिल किया गया है।
गुलशन, एजीएम, एचआईआईडीसी।
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पानीपत। औद्योगिक सेक्टरों में मूलभूत सुविधाओं के साथ सौंदर्यीकरण भी नहीं किया जा रहा है। एचएसवीपी अपने बसाए सेक्टरों में भी इसको पूरा नहीं कर पा रही है। सेक्टरों के प्लान में ग्रीन बेल्ट तो दे दी लेकिन उन्हें विकसित नहीं किया गया। ऐसे में ग्रीन बेल्ट गंदगी में तबदील हो गई है। इससे सेक्टरों की सड़कों से गुजर पाना भी मुश्किल हो गया है।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से उद्योगों के लिए सेक्टर-25-वन, टू, 29-वन और टू को बसाया गया है। प्राधिकरण ने आखिरी बार 2002 में सेक्टर-28-टू बसाया था। इन 23 सालों में सेक्टरों को मूलभूत सुविधा तक नहीं मिली हैं। प्राधिकरण इन सालों में यहां पर ग्रीन बेल्ट तक विकसित नहीं कर पाया है। अब इन सेक्टरों काे एचएसआईआईडी को दे दिए हैं। एसएसवीपी भी सेक्टरों को विकसित करने की ठोस योजना नहीं बना पाया है। ऐसे में सेक्टराें की स्थिति में कोई सुधर नहीं हुआ है। यहां पर कई जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।
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उद्यमी नीरज अग्रवाल ने बताया कि सेक्टरों में सौंदर्यीकरण की तरफ कोई ध्यान नहीं है। अधिकारी ये करना तो दूर सफाई तक नहीं करा पा रहे हैं। सेक्टरों में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। इसका खामियाजा उद्यमियों को उठाना पड़ता है। वे अपने प्रतिष्ठानों पर खरीदारों को लेकर भी नहीं आ पाते।
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प्रवीण गुप्ता ने बताया कि एसएसवीपी ने सेक्टरों का काटा। इसके कुछ साल बाद नगर निगम को दे दिया। अब इनको एसएसआईआईडीसी को दे दिया। अब तक सेक्टरों में ग्रीन बेल्ट नहीं बन पाई है। उद्यमी सामाजिक तौर पर भी अपना हर संभव सहयोग देते हैं।
जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन एवं उद्यमी जितेंद्र अहलावत ने बताया कि औद्योगिक सेक्टरों व दूसरी प्रमुख सड़कों पर सौंदर्यीकरण की कोई योजना नहीं है। इनकी विस्तृत योजना बनाकर काम करना चाहिए। इससे एक्यूआई भी कम होगा। इसके साथ एनजीटी की हर साल लगने वाली पाबंदियों से भी छूट मिलेगी।
अरुण गोयल ने कहा कि सेक्टर ही नहीं पूरे शहर में सौंदर्यीकरण की जरूरत है। प्रशासन को इस कार्य को प्रमुखता से करना चाहिए। पौधरोपण के साथ उनका संरक्षण भी जरूरी है। इसमें औद्योगिक संगठन हर सहयोग करने को तैयार रहते हैं। शहर के सुंदर होने पर बायर्स को ला सकेंगे।
एचचएसआईआईडीसी ने पिछले दिनों ही सेक्टर लिए हैं। इनकी वर्तमान स्थिति देखी गई है। अब इनका प्रस्ताव बनाया जा रहा है। इसमें सौंदर्यीकरण को भी शामिल किया गया है।
गुलशन, एजीएम, एचआईआईडीसी।