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Panipat News: विजयादशमी पर भव्य पथ संचलन व शस्त्र पूजन, 101वें वर्ष में पंच परिवर्तन से समाज बदलने का आह्वान
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यमुना एंक्लेव में शस्त्र पूजन करते स्वयंसेवक। स्रोत : संघ
-पानीपत नगर के सात उपनगरों और ग्रामीण क्षेत्रों के 20 मंडलों समेत जिले में 40 स्थानों पर निकले अनुशासित स्वयंसेवक
-कुरुक्षेत्र विभाग प्रचार प्रमुख केदार दत्त बोले- सशक्त, समरस और संस्कारित भारत निर्माण के लिए नागरिक कर्तव्य जरूरीमाई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 101वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में मंगलवार को विजयदशमी पर पानीपत नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में संघ द्वारा शस्त्र पूजन व पथ संचलन किया गया। स्वयंसेवकों ने पथ संचलन कर अनुशासन, संगठन और राष्ट्रभक्ति का अनूठा संदेश दिया। इस बार आरएसएस ने अपनी कार्यपद्धति में बदलाव करते हुए व्यक्तिगत शाखाओं के स्थान पर कॉलोनियों और बड़े क्षेत्रों को मिलाकर कॉलोनी व गांव स्तर पर आयोजन किए। जिले में 40 स्थानों पर कार्यक्रम संपन्न हुए।
पानीपत नगर के केशव, लव-कुश, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, राजगुरु, डॉ. आंबेडकर और शिवाजी सहित विभिन्न उपनगरों में बस्ती स्तर पर कार्यक्रम आयोजित हुए। ग्रामीण क्षेत्र के छह खंडों के 20 मंडलों में कार्यक्रमकिए। इनमें शिमला गुजरान, बापौली, खोजकीपुर, छाजपुर, बबैल, शेरा, थर्मल, इसराना, मांडी, परढ़ाना, पट्टीकल्याणा, चुलकाना और नारायणा गांव शामिल रहे। इनमें शस्त्र पूजन व पथ संचलन पूरे उत्साह के साथ संपन्न हुआ। केशव क्षेत्र का मुख्य कार्यक्रम स्थानीय पार्वती स्कूल में गरिमामय वातावरण में हुआ। लव-कुश उपनगर का कार्यक्रम यमुना एंक्लेव स्थित 12 एकड़ पार्क में आयोजित किया गया। मुख्यातिथि सरदार सुरजन सिंह रहे।
पंच परिवर्तन'' से समाज परिवर्तन का आह्वान
लव-कुश उपनगर के सेक्टर-18 क्षेत्र में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र विभाग प्रचार प्रमुख केदार दत्त मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने कहा कि संघ की सौ वर्षों की यात्रा अनुशासन, सेवा और राष्ट्र समर्पण का प्रतीक रही है। 101वें वर्ष में प्रवेश के साथ हमारी जिम्मेदारियां और अधिक बढ़ जाती हैं। उन्होंने समाज को जोड़ने और सशक्त बनाने के लिए संघ के पंच परिवर्तन सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी भाव और नागरिक कर्तव्य के पालन का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने बल दिया कि सेवा हमारा संस्कार और समरसता हमारा स्वभाव बनना चाहिए। डॉ. आंबेडकर उपनगर के ग्लोबल स्कूल अर्जुन नगर में आयोजित कार्यक्रम में प्रांत गौ सेवा प्रमुख महेंद्र कंसल मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा एवं सुरक्षा के लिए शक्ति का महत्व हमेशा से रहा है। बापौली मंडल में आयोजित कार्यक्रम में पानीपत जिला कार्यवाह धर्मेंद्र देशवाल ने कहा कि संगठित समाज ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज वसुधैव कुटुम्बकम् के विचार का पोषक है और हम और वे की संकीर्ण मानसिकता से ऊपर उठकर विश्व कल्याण में योगदान दे रहा है।
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संघ के पंच परिवर्तन
संघ के 101वें वर्ष में समाज परिवर्तन के लिए पांच मुख्य सिद्धांतों को अपनाने पर जोर दिया। इनमें स्वदेशी भाव, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण व नागरिक कर्तव्यों का पालन रहे।
बच्चों और युवाओं में दिखा भारी उत्साह, जगह-जगह पुष्पवर्षा
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण शस्त्र पूजन और उसके बाद निकला आकर्षक पथ संचलन रहा। कदम से कदम मिलाते स्वयंसेवकों के संचलन का नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। इस वर्ष आयोजित कार्यक्रमों में बाल और तरुण स्वयंसेवकों की भारी भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली। हाथों में दंड और मन में राष्ट्रभक्ति का भाव लिए युवाओं की इस फौज ने संचलन में अभूतपूर्व ऊर्जा का संचार किया।
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-कुरुक्षेत्र विभाग प्रचार प्रमुख केदार दत्त बोले- सशक्त, समरस और संस्कारित भारत निर्माण के लिए नागरिक कर्तव्य जरूरीमाई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 101वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में मंगलवार को विजयदशमी पर पानीपत नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में संघ द्वारा शस्त्र पूजन व पथ संचलन किया गया। स्वयंसेवकों ने पथ संचलन कर अनुशासन, संगठन और राष्ट्रभक्ति का अनूठा संदेश दिया। इस बार आरएसएस ने अपनी कार्यपद्धति में बदलाव करते हुए व्यक्तिगत शाखाओं के स्थान पर कॉलोनियों और बड़े क्षेत्रों को मिलाकर कॉलोनी व गांव स्तर पर आयोजन किए। जिले में 40 स्थानों पर कार्यक्रम संपन्न हुए।
पानीपत नगर के केशव, लव-कुश, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, राजगुरु, डॉ. आंबेडकर और शिवाजी सहित विभिन्न उपनगरों में बस्ती स्तर पर कार्यक्रम आयोजित हुए। ग्रामीण क्षेत्र के छह खंडों के 20 मंडलों में कार्यक्रमकिए। इनमें शिमला गुजरान, बापौली, खोजकीपुर, छाजपुर, बबैल, शेरा, थर्मल, इसराना, मांडी, परढ़ाना, पट्टीकल्याणा, चुलकाना और नारायणा गांव शामिल रहे। इनमें शस्त्र पूजन व पथ संचलन पूरे उत्साह के साथ संपन्न हुआ। केशव क्षेत्र का मुख्य कार्यक्रम स्थानीय पार्वती स्कूल में गरिमामय वातावरण में हुआ। लव-कुश उपनगर का कार्यक्रम यमुना एंक्लेव स्थित 12 एकड़ पार्क में आयोजित किया गया। मुख्यातिथि सरदार सुरजन सिंह रहे।
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पंच परिवर्तन'' से समाज परिवर्तन का आह्वान
लव-कुश उपनगर के सेक्टर-18 क्षेत्र में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र विभाग प्रचार प्रमुख केदार दत्त मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने कहा कि संघ की सौ वर्षों की यात्रा अनुशासन, सेवा और राष्ट्र समर्पण का प्रतीक रही है। 101वें वर्ष में प्रवेश के साथ हमारी जिम्मेदारियां और अधिक बढ़ जाती हैं। उन्होंने समाज को जोड़ने और सशक्त बनाने के लिए संघ के पंच परिवर्तन सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी भाव और नागरिक कर्तव्य के पालन का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने बल दिया कि सेवा हमारा संस्कार और समरसता हमारा स्वभाव बनना चाहिए। डॉ. आंबेडकर उपनगर के ग्लोबल स्कूल अर्जुन नगर में आयोजित कार्यक्रम में प्रांत गौ सेवा प्रमुख महेंद्र कंसल मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा एवं सुरक्षा के लिए शक्ति का महत्व हमेशा से रहा है। बापौली मंडल में आयोजित कार्यक्रम में पानीपत जिला कार्यवाह धर्मेंद्र देशवाल ने कहा कि संगठित समाज ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज वसुधैव कुटुम्बकम् के विचार का पोषक है और हम और वे की संकीर्ण मानसिकता से ऊपर उठकर विश्व कल्याण में योगदान दे रहा है।
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संघ के पंच परिवर्तन
संघ के 101वें वर्ष में समाज परिवर्तन के लिए पांच मुख्य सिद्धांतों को अपनाने पर जोर दिया। इनमें स्वदेशी भाव, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण व नागरिक कर्तव्यों का पालन रहे।
बच्चों और युवाओं में दिखा भारी उत्साह, जगह-जगह पुष्पवर्षा
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण शस्त्र पूजन और उसके बाद निकला आकर्षक पथ संचलन रहा। कदम से कदम मिलाते स्वयंसेवकों के संचलन का नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। इस वर्ष आयोजित कार्यक्रमों में बाल और तरुण स्वयंसेवकों की भारी भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली। हाथों में दंड और मन में राष्ट्रभक्ति का भाव लिए युवाओं की इस फौज ने संचलन में अभूतपूर्व ऊर्जा का संचार किया।
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यमुना एंक्लेव में शस्त्र पूजन करते स्वयंसेवक। स्रोत : संघ