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नहीं चलीं बसें, भटकते रहे लोग
पानीपत
Updated Sun, 10 Nov 2013 11:15 PM IST
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गोहाना रैली में सरकार ने भले ही कई घोषणाएं की हों, लेकिन पानीपत में रैली के कारण दिनभर लोगों को बेहाल होना पड़ा।
रैली के कारण पानीपत-गोहाना-रोहतक मार्ग पर रोडवेज की बसें नहीं चली, जिस वजह से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रैली के कारण शहर में लगभग चार हजार ऑटो भी नहीं चले।
जिससे राहगीरों की परेशानियां और बढ़ गईं। शहर में ऑटो और जीटी रोड और अन्य मार्गों पर बसें न चलने पर लोगों ने रोष जताया। वहीं, सिविल अस्पताल में भी स्वास्थ्य सेवाओं पर गोहाना रैली का असर दिखा।
यहां पर केवल एक ही डॉक्टर पर इमरजेंसी और पोस्टमार्टम वार्ड के जिम्मेदारी रही।
सबसे बुरा हाल गोहाना जाने वाले मार्ग पर
सबसे बुरा हाल गोहाना जाने वाले रास्ते को क्रास करने वाले मार्गों का रहा। यहां से कोई भी वाहन क्रास नहीं करने दिया गया। डीसी और एसपी को व्यवस्था बनाने के लिए स्वयं सड़कों पर उतरना पड़ा। बावजूद इसके लोगों को दिनभर सुविधाओं के नाम पर परेशानी मिली।
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प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी इस बारे में कुछ बोलने से बचते रहे। पानीपत उत्तर हरियाणा का गोहाना रैली में जाने के लिए टर्निंग प्वाइंट रहा। रविवार तड़के साढ़े पांच बजे से ही रैली में जाने के लिए वाहन यहां पहुंचने शुरू हो गए। यह सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहा।
गोहाना की तरफ जाने वाले वाहन रैली स्थल तक पहुंचे ही नहीं थे, इससे पहले दूसरी तरफ से वाहनों का आना शुरू हो गया। जिसके चलते सुबह से लेकर देर रात तक रैली में जाने वाले वाहनों का आनाजाना लगा रहा।
बसों के लिए मची मारमारी
जीटी रोड समेत शहर के अन्य मार्गों पर बसों के लिए मारामारी मच गई। सबसे ज्यादा मारामारी पानीपत-गोहना और रोहतक मार्ग पर रही। इस मार्ग पर रोडवेज की बसें बंद रही।
रोडवेज के जानकारों कए अनुसार पानीपत से रोहतक हर रोज बसें 40 चलती हैं, लेकिन रविवार को रैली के चलते इस मार्ग पर एक भी बस नहीं चली।
रोडवेज अधिकारियों ने चंडीगढ़ से रोहतक जाने वाली एक-दो बस को सोनीपत से होकर रोहतक भेजा। यही हाल जीटी रोड का रहा। यहां पर करनाल और दिल्ली की तरफ जाने के लिए कुछ ही बस पहुंच सकीं। यात्रियों को बसों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
शहर में आनेजाने को नहीं मिले ऑटो
शहर में चलने वाली करीब चार हजार आटो रविवार को नहीं चल सके। जिससे शहर में लोगों को आवागमन का कोई साधन नहीं मिल पाया। लोगों को अपना सामान सिर पर उठाकर गंतव्य के लिए जाना पड़ा। पैदल यात्रियों में प्रशासन और पुलिस की मनमर्जी पर काफी रोष जताया। असंध रोड और सनौली रोड पर पैदल चलने वालों के चेहरों पर गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था। पुलिसकर्मी भी ऑटो को कंट्रोल करने के लिए दिनभर शहर के चौक -चौराहों पर नजर गड़ाए रहे।
पूछने पर फूटा लोगाें का गुस्सा
संजय चौक पर सिवाह जाने के लिए बच्चों सहित वाहन का इंतजार कर रही बीरमती और रोशनी देवी ने बताया कि वह गांव जाने के लिए करीब एक घंटे से वाहन का इंतजार कर रही हैं। उसके साथ तीन बच्चे और सामान भी है। उसे यहां आकर मालूम हुआ कि आज आटो सेवा बंद है।
उसने बताया कि गांव कई किलोमीटर दूर होने के कारण रिक्शा वाले चलने को तैयार नहीं हैं। जीटी रोड पर गांव होने के कारण लंबे रूट की बसें गांव में रुकती नहीं। यह अकेली बीरमती और रोशनी की कहानी नहीं है, ऐसे कई लोग इस मार्ग पर मिले जिन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना था कि ऑटो सेवा क्यों बंद रही, यह बात उनकी समझ से परे है।
सिविल अस्पताल केवल एक डॉक्टर के सहारे
रविवार को सिविल अस्पताल की इमरजेंसी और पोस्टमार्टम वार्ड एक ही डॉक्टर के जिम्मे रहा। अकेली डॉक्टर को दोनों काम करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
डॉक्टर को रविवार के दिन एक के बाद एक चार शवों के पोस्टमार्टम करने पड़े। वहीं, डाक्टर की व्यस्तता के चलते इमरजेंसी में मरीज कराहते रहे। लोगों को एमएलसी या अन्य उपचार लेने के लिए इमरजेंसी के बजाय पोस्टमार्टम हाउस में जाना पड़ा।
बाईपास की क्रासिंग सील
पुलिस ने पानीपत से रोहतक को जाने वाले निर्माणाधीन सिवाह बाईपास को सील कर दिया था। इसको क्रास करने वाले सभी मार्गों को बंद रखा गया। चौक और चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मी वाहनों को मनमर्जी से डायवर्ट करते रहे। जिसके चलते वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह वाहन चालकों व पुलिसकर्मियों के बीच कहासुनी भी हुई।
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रैली के कारण पानीपत-गोहाना-रोहतक मार्ग पर रोडवेज की बसें नहीं चली, जिस वजह से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रैली के कारण शहर में लगभग चार हजार ऑटो भी नहीं चले।
जिससे राहगीरों की परेशानियां और बढ़ गईं। शहर में ऑटो और जीटी रोड और अन्य मार्गों पर बसें न चलने पर लोगों ने रोष जताया। वहीं, सिविल अस्पताल में भी स्वास्थ्य सेवाओं पर गोहाना रैली का असर दिखा।
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यहां पर केवल एक ही डॉक्टर पर इमरजेंसी और पोस्टमार्टम वार्ड के जिम्मेदारी रही।
सबसे बुरा हाल गोहाना जाने वाले मार्ग पर
सबसे बुरा हाल गोहाना जाने वाले रास्ते को क्रास करने वाले मार्गों का रहा। यहां से कोई भी वाहन क्रास नहीं करने दिया गया। डीसी और एसपी को व्यवस्था बनाने के लिए स्वयं सड़कों पर उतरना पड़ा। बावजूद इसके लोगों को दिनभर सुविधाओं के नाम पर परेशानी मिली।
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प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी इस बारे में कुछ बोलने से बचते रहे। पानीपत उत्तर हरियाणा का गोहाना रैली में जाने के लिए टर्निंग प्वाइंट रहा। रविवार तड़के साढ़े पांच बजे से ही रैली में जाने के लिए वाहन यहां पहुंचने शुरू हो गए। यह सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहा।
गोहाना की तरफ जाने वाले वाहन रैली स्थल तक पहुंचे ही नहीं थे, इससे पहले दूसरी तरफ से वाहनों का आना शुरू हो गया। जिसके चलते सुबह से लेकर देर रात तक रैली में जाने वाले वाहनों का आनाजाना लगा रहा।
बसों के लिए मची मारमारी
जीटी रोड समेत शहर के अन्य मार्गों पर बसों के लिए मारामारी मच गई। सबसे ज्यादा मारामारी पानीपत-गोहना और रोहतक मार्ग पर रही। इस मार्ग पर रोडवेज की बसें बंद रही।
रोडवेज के जानकारों कए अनुसार पानीपत से रोहतक हर रोज बसें 40 चलती हैं, लेकिन रविवार को रैली के चलते इस मार्ग पर एक भी बस नहीं चली।
रोडवेज अधिकारियों ने चंडीगढ़ से रोहतक जाने वाली एक-दो बस को सोनीपत से होकर रोहतक भेजा। यही हाल जीटी रोड का रहा। यहां पर करनाल और दिल्ली की तरफ जाने के लिए कुछ ही बस पहुंच सकीं। यात्रियों को बसों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
शहर में आनेजाने को नहीं मिले ऑटो
शहर में चलने वाली करीब चार हजार आटो रविवार को नहीं चल सके। जिससे शहर में लोगों को आवागमन का कोई साधन नहीं मिल पाया। लोगों को अपना सामान सिर पर उठाकर गंतव्य के लिए जाना पड़ा। पैदल यात्रियों में प्रशासन और पुलिस की मनमर्जी पर काफी रोष जताया। असंध रोड और सनौली रोड पर पैदल चलने वालों के चेहरों पर गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था। पुलिसकर्मी भी ऑटो को कंट्रोल करने के लिए दिनभर शहर के चौक -चौराहों पर नजर गड़ाए रहे।
पूछने पर फूटा लोगाें का गुस्सा
संजय चौक पर सिवाह जाने के लिए बच्चों सहित वाहन का इंतजार कर रही बीरमती और रोशनी देवी ने बताया कि वह गांव जाने के लिए करीब एक घंटे से वाहन का इंतजार कर रही हैं। उसके साथ तीन बच्चे और सामान भी है। उसे यहां आकर मालूम हुआ कि आज आटो सेवा बंद है।
उसने बताया कि गांव कई किलोमीटर दूर होने के कारण रिक्शा वाले चलने को तैयार नहीं हैं। जीटी रोड पर गांव होने के कारण लंबे रूट की बसें गांव में रुकती नहीं। यह अकेली बीरमती और रोशनी की कहानी नहीं है, ऐसे कई लोग इस मार्ग पर मिले जिन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना था कि ऑटो सेवा क्यों बंद रही, यह बात उनकी समझ से परे है।
सिविल अस्पताल केवल एक डॉक्टर के सहारे
रविवार को सिविल अस्पताल की इमरजेंसी और पोस्टमार्टम वार्ड एक ही डॉक्टर के जिम्मे रहा। अकेली डॉक्टर को दोनों काम करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
डॉक्टर को रविवार के दिन एक के बाद एक चार शवों के पोस्टमार्टम करने पड़े। वहीं, डाक्टर की व्यस्तता के चलते इमरजेंसी में मरीज कराहते रहे। लोगों को एमएलसी या अन्य उपचार लेने के लिए इमरजेंसी के बजाय पोस्टमार्टम हाउस में जाना पड़ा।
बाईपास की क्रासिंग सील
पुलिस ने पानीपत से रोहतक को जाने वाले निर्माणाधीन सिवाह बाईपास को सील कर दिया था। इसको क्रास करने वाले सभी मार्गों को बंद रखा गया। चौक और चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मी वाहनों को मनमर्जी से डायवर्ट करते रहे। जिसके चलते वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह वाहन चालकों व पुलिसकर्मियों के बीच कहासुनी भी हुई।