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Panipat News: न्यूजीलैंड भेजने के नाम पर दो युवकों से चार कबूतरबाजों ने ठगे 18 लाख
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पानीपत। चंदौली गांव के दो युवकों को न्यूजीलैंड भेजने और वहां नौकरी लगवाने के नाम पर सोनीपत के चार कबूतरबाजों ने 18 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने फर्जी वीजा देकर उन्हें पहले सिंगापुर, वहां से न्यूजीलैंड भेजा। दो युवकों में से एक युवक को तो सिंगापुर ही रोक लिया गया, जबकि दूसरे को न्यूजीलैंड से वापस भेज दिया गया। दिल्ली एयरपोर्ट पर उसे पुलिस ने हिरासत में लिया। किसी तरह वहां से छूटा और आरोपियों से रुपये वापस मांगे, लेकिन उन्होंने रुपये देने से इंकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत सेक्टर 13-17 थाने की पुलिस को दी।
चंदौली गांव के सचिन व बिजेंद्र ने बताया कि सूर्यप्रकाश उनका जानकार है। जिसने अप्रैल 2023 में लैट जौली गांव, सोनीपत निवासी रमेश, नरेश व गोरड़ गांव निवासी राकेश और सोनीपत के बायपुर खुर्द गावं निवासी पंकज से मिलवाया। उन्होंने कहा कि वह लोगों को विदेश भेजने का काम करते हैं। काफी बच्चों को विदेश भेज चुके हैं। वह न्यूजीलैंड जाना चाहते थे तो उन्होंने न्यूजीलैंड के लिए बात की। आरोपियों ने कहा कि वह काफी बच्चों को न्यूजीलैंड भी भेज चुके है और वहां पर नौकरी भी लगवा रखी है। उन्होंने आरोपियों की बातों पर विश्वास कर लिया। आरोपियों ने दोनों के 18 लाख रुपये मांगे। उन्होंने 18 अप्रैल को दो लाख रुपये मांगे, कहा कि रुपये मिलने के बाद काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने दो लाख रुपये आरोपियों के खाते में भेज दिए। आरोपी बोले कि अब तुम्हारा जल्द वीजा लग जाएगा। बकाया राशि 16 लाख रुपये भी जमा करा दो। उन्होंने 23 जून को बस अड्डे पर जनता स्वीट्स में बुलाया। जहां पर खाना खाते वक्त आश्वासन दिया कि 15 दिन में वह न्यूजीलैंड पहुंच जाएंगे और 16 लाख रुपये उनसे नकद ले लिए। एक जुलाई को आरोपियों ने उनको फर्जी वीजा दिया। चार जुलाई की उनकी न्यूजीलैंड की टिकट थी, लेकिन जब वह सिंगापुर पहुंचे तो वहां पर चेकिंग के बाद सचिन को वापस सिंगापुर भेज दिया। चेकिंग न होने पर बिजेंद्र न्यूजीलैंड पहुंच गया। जहां पर बिजेंद्र की दोबारा चेकिंग हुई तो उन्होंने बताया कि वीजा फर्जी है। बिजेंद्र को वहां पर हिरासत में ले लिया। उसके बाद बिजेंद्र को न्यूजीलैंड से वापस सिंगापुर भेज दिया।
बिजेंद्र ने पुलिस को बताया कि न्यूजीलैंड से उसे सिंगापुर भेज दिया। जब वह सिंगापुर पहुंचा तो वहां पर उसे डिटेन कर लिया गया। वह किसी तरह सिंगापुर से दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचा तो दिल्ली पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। आरोपियों से जब उनके परिवार ने बात की तो आरोपियों ने कहा कि वह जल्द पैसे लौटा देंगे, लेकिन उन्होंने रुपये नहीं लौटाए।
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पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी होगा, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- बिलासा राम, प्रभारी, सेक्टर 13-17 थाना
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चंदौली गांव के सचिन व बिजेंद्र ने बताया कि सूर्यप्रकाश उनका जानकार है। जिसने अप्रैल 2023 में लैट जौली गांव, सोनीपत निवासी रमेश, नरेश व गोरड़ गांव निवासी राकेश और सोनीपत के बायपुर खुर्द गावं निवासी पंकज से मिलवाया। उन्होंने कहा कि वह लोगों को विदेश भेजने का काम करते हैं। काफी बच्चों को विदेश भेज चुके हैं। वह न्यूजीलैंड जाना चाहते थे तो उन्होंने न्यूजीलैंड के लिए बात की। आरोपियों ने कहा कि वह काफी बच्चों को न्यूजीलैंड भी भेज चुके है और वहां पर नौकरी भी लगवा रखी है। उन्होंने आरोपियों की बातों पर विश्वास कर लिया। आरोपियों ने दोनों के 18 लाख रुपये मांगे। उन्होंने 18 अप्रैल को दो लाख रुपये मांगे, कहा कि रुपये मिलने के बाद काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने दो लाख रुपये आरोपियों के खाते में भेज दिए। आरोपी बोले कि अब तुम्हारा जल्द वीजा लग जाएगा। बकाया राशि 16 लाख रुपये भी जमा करा दो। उन्होंने 23 जून को बस अड्डे पर जनता स्वीट्स में बुलाया। जहां पर खाना खाते वक्त आश्वासन दिया कि 15 दिन में वह न्यूजीलैंड पहुंच जाएंगे और 16 लाख रुपये उनसे नकद ले लिए। एक जुलाई को आरोपियों ने उनको फर्जी वीजा दिया। चार जुलाई की उनकी न्यूजीलैंड की टिकट थी, लेकिन जब वह सिंगापुर पहुंचे तो वहां पर चेकिंग के बाद सचिन को वापस सिंगापुर भेज दिया। चेकिंग न होने पर बिजेंद्र न्यूजीलैंड पहुंच गया। जहां पर बिजेंद्र की दोबारा चेकिंग हुई तो उन्होंने बताया कि वीजा फर्जी है। बिजेंद्र को वहां पर हिरासत में ले लिया। उसके बाद बिजेंद्र को न्यूजीलैंड से वापस सिंगापुर भेज दिया।
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बिजेंद्र ने पुलिस को बताया कि न्यूजीलैंड से उसे सिंगापुर भेज दिया। जब वह सिंगापुर पहुंचा तो वहां पर उसे डिटेन कर लिया गया। वह किसी तरह सिंगापुर से दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचा तो दिल्ली पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। आरोपियों से जब उनके परिवार ने बात की तो आरोपियों ने कहा कि वह जल्द पैसे लौटा देंगे, लेकिन उन्होंने रुपये नहीं लौटाए।
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पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी होगा, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- बिलासा राम, प्रभारी, सेक्टर 13-17 थाना