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Panipat News: फर्जी दस्तावेज पर्सनल लोन लेकर चार लोगों ने बैंक को लगाया 49 लाख का चूना
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पानीपत। एसडीएफसी बैंक से फर्जी दस्तावेज के आधार पर चार लोगों ने पर्सनल लोन लेकर 49 लाख रुपये का चूना लगा दिया। आरोपी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खुद को लालपैथ लैब और इंश्योरेंस कंपनी का अधिकारी बताया। एक किस्त भरने के बाद ही आरोपी फरार हो गए। जांच में दोनों ही कंपनी में लोन लेने वाले अधिकारियों का पता नहीं चला। शहर थाना पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है। सभी मामलों में एचडीएफसी बैंक की ओर से वकील अजीत राणा की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है।
केस नंबर-1
पुलिस को दी शिकायत में बताया गया कि जनवरी 2020 में कुरुक्षेत्र के गांव इशाक निवासी बलवान सिंह ने पर्सनल लोन के लिए आवेदन किया। खुद को बाबरपुर मंडी स्थित लालपैथ लैब का ऑफिसर बताया और इलाहाबाद बैंक की सैलरी स्लिप दी। अन्य कागजातों के आधार पर 27 जनवरी 2020 को 12 लाख रुपये का लोन दिया गया। आरोपों ने कुछ ही किस्त भरीं। लालपैथ लैब में पता करने वहां बलवान नाम का कोई ऑफिसर नहीं मिला।
केस नंबर-2
पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जनवरी 2019 में कुरुक्षेत्र के गांव इशाक निवासी रामेश्वर ने पर्सनल लोन के लिए आवेदन किया। खुद को कुरुक्षेत्र के लाडवा स्थित भारती एयरटेल लिमिटेड कंपनी का असिस्टेंट मैनेजर बताया। फर्जी दस्तावेज जमा कराकर 10 लाख का लोन लिया। कुछ किस्तें भरने के बाद बंद कर दिया। भारती एयरटेल कंपनी में रामेश्वर नाम का कोई भी व्यक्ति काम नहीं करता मिला और उसका पता भी फर्जी मिला।
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केस नंबर-3
पानीपत के गांव कालखा निवासी रोहताश ने नवंबर 2020 में लोन के लिए आवेदन किया। खुद को द न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी का विकास अधिकारी बताकर फर्जी दस्तावेजों पर 19 नवंबर 2020 को 15 लाख रुपये का लोन दिया। कुछ किस्ते भरने के बाद बंद कर दीं। न तो वह इंश्योरेंस कंपनी में काम करता था, न ही उसका पता सही था।
केस नंबर-4
पानीपत के गांव सौदापुर निवासी दुर्वेश ने फरवरी 2020 मे खुद को बाबरपुर मंडी स्थित लाल पैथ लैब का मैनेजर बताते हुए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 12 लाख रुपये का लोन लिया, जिसे वापस नहीं दिया गया। लालपैथ में पता किया गया तो बताया गया कि वहां मैनेजर की पोस्ट ही नहीं है।
वर्जन
वकील की तरफ से मिली शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, बैंक से भी जांच से जुडे़ दस्तावेज लिए जा रहे है, जांच में जो भी दोषी निकलकर सामने आएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- इंस्पेक्टर बलराज सिंह, शहर थाना प्रभारी
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केस नंबर-1
पुलिस को दी शिकायत में बताया गया कि जनवरी 2020 में कुरुक्षेत्र के गांव इशाक निवासी बलवान सिंह ने पर्सनल लोन के लिए आवेदन किया। खुद को बाबरपुर मंडी स्थित लालपैथ लैब का ऑफिसर बताया और इलाहाबाद बैंक की सैलरी स्लिप दी। अन्य कागजातों के आधार पर 27 जनवरी 2020 को 12 लाख रुपये का लोन दिया गया। आरोपों ने कुछ ही किस्त भरीं। लालपैथ लैब में पता करने वहां बलवान नाम का कोई ऑफिसर नहीं मिला।
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केस नंबर-2
पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जनवरी 2019 में कुरुक्षेत्र के गांव इशाक निवासी रामेश्वर ने पर्सनल लोन के लिए आवेदन किया। खुद को कुरुक्षेत्र के लाडवा स्थित भारती एयरटेल लिमिटेड कंपनी का असिस्टेंट मैनेजर बताया। फर्जी दस्तावेज जमा कराकर 10 लाख का लोन लिया। कुछ किस्तें भरने के बाद बंद कर दिया। भारती एयरटेल कंपनी में रामेश्वर नाम का कोई भी व्यक्ति काम नहीं करता मिला और उसका पता भी फर्जी मिला।
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केस नंबर-3
पानीपत के गांव कालखा निवासी रोहताश ने नवंबर 2020 में लोन के लिए आवेदन किया। खुद को द न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी का विकास अधिकारी बताकर फर्जी दस्तावेजों पर 19 नवंबर 2020 को 15 लाख रुपये का लोन दिया। कुछ किस्ते भरने के बाद बंद कर दीं। न तो वह इंश्योरेंस कंपनी में काम करता था, न ही उसका पता सही था।
केस नंबर-4
पानीपत के गांव सौदापुर निवासी दुर्वेश ने फरवरी 2020 मे खुद को बाबरपुर मंडी स्थित लाल पैथ लैब का मैनेजर बताते हुए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 12 लाख रुपये का लोन लिया, जिसे वापस नहीं दिया गया। लालपैथ में पता किया गया तो बताया गया कि वहां मैनेजर की पोस्ट ही नहीं है।
वर्जन
वकील की तरफ से मिली शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, बैंक से भी जांच से जुडे़ दस्तावेज लिए जा रहे है, जांच में जो भी दोषी निकलकर सामने आएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- इंस्पेक्टर बलराज सिंह, शहर थाना प्रभारी