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Panipat News: असंध रोड फ्लाईओवर पर बदली जाएगी फैंसी लाइटों की फाउंडेशन
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पानीपत। असंध रोड फ्लाईओवर पर फैंसी लाइटों के लिए निगम की ओर से लगाई गई फाउंडेशन अब बदलने की तैयारी की जा रही है। नगर निगम अधिकारियों ने गलत तरीके से रखी इन फाउंडेशन पर पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से एक्सपर्ट के तौर पर भी रायशुमारी की है। वहीं मौके पर रखी गई फाउंडेशन की जगह एक नई फांउडेशन तैयार की गई है।
उल्लेखनीय है कि उक्त फाउंडेशन को सैंपल के तौर पर अधिकारियों को दिखाया जाएगा। इसके बाद इसी के आधार पर अब निगम सोनीपत के मुरथल की डीक्रस्ट विश्वविदया्लय के इंजीनियरों से एक्सपर्ट के तौर पर इसके सुधार के लिए रायशुमारी की जाएगी। अंत में सभी ओर से फाउंडेशन के संतोषजनक होने पर इस पर फैंसी पोल और लाइटें लगाई जाएंगी। अगर इसकी मजबूती संतोषजनक नहीं मिली तो इन फाउंडेशन को दोबारा से बनाया जाएगा।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि सैंपल के तौर पर बनाई गई फाउंडेशन को क्रैश बेरियर के साथ रखे दो बैरिकेड के बीच में लगाया गया है। अब फाउंडेशन को अधिक चौड़ा और मजबूत रूप दिया गया है। दोनों बैरिकेड का कुछ हिस्सा फाउंडेशन में शामिल कर दिया गया है। ताकि कंक्रीट की इन बैरिकेड की सपोर्ट फाउंडेशन को मिले और पुल के ऊपर से गुजरने वाले भारी भरकम वाहनों की कंपन से फैंसी लाइटों पर कोई असर न पड़े।
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बॉक्स
ये था मामला:
गौरतलब है कि असंध रोड फ्लाईओवर के ऊपर नगर निगम ने डेकोरेटिव पोल और फैंसी लाइटें लगाने के लिए फाउंडेशन को गलत बना दिया था। 87 लाख से पुल की मरम्मत के बाद दोनों ओर लगाए गए क्रैश बैरियर के बीच ही बिना बुनियाद के कंक्रीट की फाउंडेशन को लगाया गया। पुल से गुजरने वाले वाहनों से होने वाली कंपन से दुर्घटना का अंदेशा बनने लगा। निगम ने काम रुकवाकर इसकी रिपोर्ट स्ट्रक्चल इंजीनियर्स से मांगी। भविष्य में इससे कोई दुर्घटना न हो इसकी पड़ताल करने निगम के अधिकारी वीरवार को पीडब्लयूडी बीएंडआर कार्यालय में भी पहुंचे। अधिकारियों ने माना कि ऐसे मामलों में स्ट्रक्चलरल इंजीनियर की राय लेनी जरूरी है। यहां करीब 35 लाख से सात मीटर ऊंची 68 लाइटें लगाई जानी है। जिनके के लिए फाउंडेशन बनाई गई थी।
बॉक्स
यह है खतरा
इन बे बुनियाद फाउंडेशन, कंक्रीट का एक पत्थर है। इसी पर भारी भरकम डेकोरिटव पोल को लगाया जाएगा। इस पर फैंसी लाइटें लगेंगी। जो आंधी तूफान या किसी वाहन की टक्कर से पलटकर लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। वहीं, केवल पुल पर गुजरने वाले वाहनों की कंपन की वजह से इनके गिरने का खतरा बन सकता है। गलत फाउंडेशन की वजह से इन पर लगने वाली पोल और लाइटें के गिरने का डर बना होने की संभावना प्रबल हो चुकी है। जैसे ही ये मामला निगम अधिकारियों के जैसे ही संज्ञान में पहुंचा उन्होंने काम को बीच में ही रुकवा दिया।
वर्जन:
निगम जेई गौरव कुमार ने बताया कि पूरा मामला निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में है। सैंपल के तौर पर एक नई फाउंडेशन बनाई है। अगर ये सुरक्षा मानकों के नियमों पर खरी उतरती है तो ठीक वरना इसको बदला जाएगा।
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उल्लेखनीय है कि उक्त फाउंडेशन को सैंपल के तौर पर अधिकारियों को दिखाया जाएगा। इसके बाद इसी के आधार पर अब निगम सोनीपत के मुरथल की डीक्रस्ट विश्वविदया्लय के इंजीनियरों से एक्सपर्ट के तौर पर इसके सुधार के लिए रायशुमारी की जाएगी। अंत में सभी ओर से फाउंडेशन के संतोषजनक होने पर इस पर फैंसी पोल और लाइटें लगाई जाएंगी। अगर इसकी मजबूती संतोषजनक नहीं मिली तो इन फाउंडेशन को दोबारा से बनाया जाएगा।
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नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि सैंपल के तौर पर बनाई गई फाउंडेशन को क्रैश बेरियर के साथ रखे दो बैरिकेड के बीच में लगाया गया है। अब फाउंडेशन को अधिक चौड़ा और मजबूत रूप दिया गया है। दोनों बैरिकेड का कुछ हिस्सा फाउंडेशन में शामिल कर दिया गया है। ताकि कंक्रीट की इन बैरिकेड की सपोर्ट फाउंडेशन को मिले और पुल के ऊपर से गुजरने वाले भारी भरकम वाहनों की कंपन से फैंसी लाइटों पर कोई असर न पड़े।
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ये था मामला:
गौरतलब है कि असंध रोड फ्लाईओवर के ऊपर नगर निगम ने डेकोरेटिव पोल और फैंसी लाइटें लगाने के लिए फाउंडेशन को गलत बना दिया था। 87 लाख से पुल की मरम्मत के बाद दोनों ओर लगाए गए क्रैश बैरियर के बीच ही बिना बुनियाद के कंक्रीट की फाउंडेशन को लगाया गया। पुल से गुजरने वाले वाहनों से होने वाली कंपन से दुर्घटना का अंदेशा बनने लगा। निगम ने काम रुकवाकर इसकी रिपोर्ट स्ट्रक्चल इंजीनियर्स से मांगी। भविष्य में इससे कोई दुर्घटना न हो इसकी पड़ताल करने निगम के अधिकारी वीरवार को पीडब्लयूडी बीएंडआर कार्यालय में भी पहुंचे। अधिकारियों ने माना कि ऐसे मामलों में स्ट्रक्चलरल इंजीनियर की राय लेनी जरूरी है। यहां करीब 35 लाख से सात मीटर ऊंची 68 लाइटें लगाई जानी है। जिनके के लिए फाउंडेशन बनाई गई थी।
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यह है खतरा
इन बे बुनियाद फाउंडेशन, कंक्रीट का एक पत्थर है। इसी पर भारी भरकम डेकोरिटव पोल को लगाया जाएगा। इस पर फैंसी लाइटें लगेंगी। जो आंधी तूफान या किसी वाहन की टक्कर से पलटकर लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। वहीं, केवल पुल पर गुजरने वाले वाहनों की कंपन की वजह से इनके गिरने का खतरा बन सकता है। गलत फाउंडेशन की वजह से इन पर लगने वाली पोल और लाइटें के गिरने का डर बना होने की संभावना प्रबल हो चुकी है। जैसे ही ये मामला निगम अधिकारियों के जैसे ही संज्ञान में पहुंचा उन्होंने काम को बीच में ही रुकवा दिया।
वर्जन:
निगम जेई गौरव कुमार ने बताया कि पूरा मामला निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में है। सैंपल के तौर पर एक नई फाउंडेशन बनाई है। अगर ये सुरक्षा मानकों के नियमों पर खरी उतरती है तो ठीक वरना इसको बदला जाएगा।