इसराना। राजकीय कॉलेज में रविवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के तत्वावधान में तीन दिवसीय 44वें जोनल यूथ फेस्टिवल का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने नृत्य, गायन, प्रश्नोत्तरी, नाटक समेत विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के कुलपति डॉ. राजबीर सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि बिना संघर्ष के उपलब्धि नहीं मिलती। इतिहास गवाह है, जिसने भी मुकाम हासिल किया है, उसने संघर्ष किया है। शिक्षा वह हथियार है, जिससे आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। शिक्षा का मकसद सिर्फ नौकरी पाना नहीं है, बल्कि जीवन में कुछ बेहतर करने के लिए लगातार आगे बढ़ना है। जीवन एक ऐसी यात्रा है, जिसके हर पड़ाव पर कुछ सीखने को मिलता है। इस मौके पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एके चावला, केयूके में डीवाईसीए के निदेशक डॉ. महासिंह पुनिया और चेयरपर्सन डॉ. सौरभ चौधरी विशिष्ट अतिथि रहे। आयोजन की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. संदीप कंधवाल ने की। कार्यकम में सरनजीत कौर, डॉ. जगदीश गुप्ता, डॉ. रामनिवास, ज्यूरी मेंबर मेजर दिनेश कुमार, डॉ. संदीप कंधवाल, डॉ. आरपी कौशिक, डॉ. बलिंद्र गुलिया, सुनील कुमार, संगीता रानी, सहायक प्रोफेसर पवन कालिया, डॉ. कुलबीर कादियान, खुशीराम जागलान, सुरेंद्र अहलावत एवं राज सिंह आर्य आदि मौजूद रहे।