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Panipat News: जिले में पांच फायर सेंटर को मंजूरी, जल्द आग की घटनाओं पर पाया जाएगा काबू
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पानीपत अब आग की घटनाओं पर जल्द काबू पाने के लिए प्रशासन अपनी दमकल की सेवाओं का विस्तार कर रहा है। दमकल विभाग की सेवाओं को जिले के हर कोने में जल्द से जल्द पहुंचाने के लिए जिले में पांच नए अल्ट्रा मॉर्डन फायर स्टेशन बनेंगे। सेक्टर 25 पार्ट टू में अल्ट्रा मॉर्डन स्टेशन को पहले ही हरी झंडी मिल चुकी है। उस पर काम भी चल रहा है। अब सरकार ने मतलौडा, बापौली, कुराड़ व रिफाइनरी के पास एचएसआईआईडी की भूमि पर फायर स्टेशन लगाने की अनुमति दे दी है। एचएसआईआईडी व मतलौडा में जमीन चिह्नित भी कर ली है।
मंत्री कृष्णलाल पंवार ने मतलौडा में फायर स्टेशन के लिए ढाई एकड़ व एचएसआईआईडीसी में दो एकड़ भूमि दिलाई है। कुराड़ व बापौली में जमीन तलाशी जा रही है। इनके लिए फिलहाल मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली हाई परचेजिंग कमेटी से बजट पास होने का इंतजार है। इन पांचों फायर स्टेशन के लिए 65 करोड़ रुपये का बजट मांगा गया है। सेक्टर-25 में जिमखाना क्लब के पास 23.22 कराेड़ में बनने वाले फायर स्टेशन का टेंडर हाे चुका है। यहां 52 मीटर हाइड्रॉलिक प्लेटफॉर्म, गैस और फोम टेंडर जैसे उन्नत और आधुनिक उपकरण आएंगे।
इन फायर स्टेशन का महत्व समझें:
एचएसआईआईडीसी:
एचएसआईआईडी की ढाई एकड़ भूमि पर फायर स्टेशन लगेगा। यहां से दमकल विभाग पूरे रिफाइनरी क्षेत्र को कवर करेगा। एचएसआईआईडीसी यहां औद्योगिक क्षेत्र को डेवलेप कर रहा है। आने वाले समय में यहां हजारों उद्योग लगेंगे। उनको देखते हुए यहां फायर स्टेशन लगाने का निर्णय लिया गया है, ताकि आग की घटनाओं पर जल्द काबू पाया जा सके।
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मतलौडा:
पानीपत से सींक गांव 40 किलोमीटर दूर है। सींक के आसपास अहर कुराना, छिछड़ाना समेत कई बड़े गांव हैं। वहां आग की घटनाएं होने पर रिफाइनरी व पानीपत से गाड़ियां भेजनी पड़ती है। वहां गाड़ियां पहुंचने में एक घंटा लग जाता है तब तक काबू बेकाबू हो चुकी होती है। मतलौडा से जींद के नजदीक लगते सभी गांव कवर किए जाएंगे। यहीं से इसराना क्षेत्र भी कवर होगा।
बापौली:
समालखा फायर स्टेशन पर गाड़ियों की किल्लत है। अब बापौली क्षेत्र औद्योगिक क्षेत्र के रूप में डेवलेप हो चुका है। वहां लगभग 80 उद्योग स्थापित हैं। वहां आग की घटनाएं होने पर पानीपत से गाड़ियां भेजनी पड़ती है। जब तक करोड़ों का माल राख हो जाता है। जल्द घटनाओं में काबू पाने के लिए वहां फायर स्टेशन लगेगा।
कुराड़:
कुराड़ गांव सनौली रोड पर स्थित है। कुराड़, सनौली, छाजपुर, निंबरी व बापौली रोड पर लगभग 150 उद्योग लगे हैं। कुराड़ गांव से इस पूरे क्षेत्र को कवर किया जाएगा। पानीपत से गाड़ियां मंगवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सरकार का बेहतरीन कदम: धमीजा
उद्यमी सालों से अल्ट्रा मार्डन फायर स्टेशन की मांग कर रहे हैं। अगर जिले में यह पांच अल्ट्रा मॉर्डन फायर स्टेशन लगते हैं तो यह अच्छा कदम है। जहां पर आग की घटनाएं होंगी जल्द गाड़ियां पहुंचेगी। पानीपत दमकल विभाग पर भी काम का भार कम होगा। इस प्रोजेक्ट से काफी उद्योग बच जाएंगे।
- जमीन पर कब्जे के लिए पत्र लिखे : फायर ऑफिसर
एचएसआईआईडीसी के औद्याेगिक सेक्टर में दो एकड़ जमीन अलाॅट हाे चुकी है। यहां पर कब्जा पाने के लिए विभाग के अधिकारियों काे पत्र इसी सप्ताह लिखे हैं। मंत्री कृष्णलाल पंवार ने ढाई एकड़ जमीन दिलवाई है। दाेनाें जगह कब्जा मिलते ही निर्माण प्रक्रिया शुरू करेंगे।
- गुरमैल सिंह, फायर ऑफिसर दमकल विभाग।
मंत्री कृष्णलाल पंवार ने मतलौडा में फायर स्टेशन के लिए ढाई एकड़ व एचएसआईआईडीसी में दो एकड़ भूमि दिलाई है। कुराड़ व बापौली में जमीन तलाशी जा रही है। इनके लिए फिलहाल मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली हाई परचेजिंग कमेटी से बजट पास होने का इंतजार है। इन पांचों फायर स्टेशन के लिए 65 करोड़ रुपये का बजट मांगा गया है। सेक्टर-25 में जिमखाना क्लब के पास 23.22 कराेड़ में बनने वाले फायर स्टेशन का टेंडर हाे चुका है। यहां 52 मीटर हाइड्रॉलिक प्लेटफॉर्म, गैस और फोम टेंडर जैसे उन्नत और आधुनिक उपकरण आएंगे।
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इन फायर स्टेशन का महत्व समझें:
एचएसआईआईडीसी:
एचएसआईआईडी की ढाई एकड़ भूमि पर फायर स्टेशन लगेगा। यहां से दमकल विभाग पूरे रिफाइनरी क्षेत्र को कवर करेगा। एचएसआईआईडीसी यहां औद्योगिक क्षेत्र को डेवलेप कर रहा है। आने वाले समय में यहां हजारों उद्योग लगेंगे। उनको देखते हुए यहां फायर स्टेशन लगाने का निर्णय लिया गया है, ताकि आग की घटनाओं पर जल्द काबू पाया जा सके।
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मतलौडा:
पानीपत से सींक गांव 40 किलोमीटर दूर है। सींक के आसपास अहर कुराना, छिछड़ाना समेत कई बड़े गांव हैं। वहां आग की घटनाएं होने पर रिफाइनरी व पानीपत से गाड़ियां भेजनी पड़ती है। वहां गाड़ियां पहुंचने में एक घंटा लग जाता है तब तक काबू बेकाबू हो चुकी होती है। मतलौडा से जींद के नजदीक लगते सभी गांव कवर किए जाएंगे। यहीं से इसराना क्षेत्र भी कवर होगा।
बापौली:
समालखा फायर स्टेशन पर गाड़ियों की किल्लत है। अब बापौली क्षेत्र औद्योगिक क्षेत्र के रूप में डेवलेप हो चुका है। वहां लगभग 80 उद्योग स्थापित हैं। वहां आग की घटनाएं होने पर पानीपत से गाड़ियां भेजनी पड़ती है। जब तक करोड़ों का माल राख हो जाता है। जल्द घटनाओं में काबू पाने के लिए वहां फायर स्टेशन लगेगा।
कुराड़:
कुराड़ गांव सनौली रोड पर स्थित है। कुराड़, सनौली, छाजपुर, निंबरी व बापौली रोड पर लगभग 150 उद्योग लगे हैं। कुराड़ गांव से इस पूरे क्षेत्र को कवर किया जाएगा। पानीपत से गाड़ियां मंगवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सरकार का बेहतरीन कदम: धमीजा
उद्यमी सालों से अल्ट्रा मार्डन फायर स्टेशन की मांग कर रहे हैं। अगर जिले में यह पांच अल्ट्रा मॉर्डन फायर स्टेशन लगते हैं तो यह अच्छा कदम है। जहां पर आग की घटनाएं होंगी जल्द गाड़ियां पहुंचेगी। पानीपत दमकल विभाग पर भी काम का भार कम होगा। इस प्रोजेक्ट से काफी उद्योग बच जाएंगे।
- जमीन पर कब्जे के लिए पत्र लिखे : फायर ऑफिसर
एचएसआईआईडीसी के औद्याेगिक सेक्टर में दो एकड़ जमीन अलाॅट हाे चुकी है। यहां पर कब्जा पाने के लिए विभाग के अधिकारियों काे पत्र इसी सप्ताह लिखे हैं। मंत्री कृष्णलाल पंवार ने ढाई एकड़ जमीन दिलवाई है। दाेनाें जगह कब्जा मिलते ही निर्माण प्रक्रिया शुरू करेंगे।
- गुरमैल सिंह, फायर ऑफिसर दमकल विभाग।