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कृषि कानूनों की वापसी पर झूमे किसान, बोले- हमारी हुई जीत
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कानून वापस के ऐलान के बाद पानीपत टोल प्लाजा पर नाचते हुए किसान।
- फोटो : Panipat
पानीपत। प्रधानमंत्री की ओर से तीन कृषि कानूनों वापस लेने के एलान के बाद जिले के किसान झूम उठे। नाचे और खुशी मनाई। उन्होंने कहा कि आखिर हमारी जीत हुई। पानीपत टोल प्लाजा पर किसानों ने एकजुट होकर एक दूसरे को मिठाई खिलाकर मुंह मीठा किया और कहा कि हमारा आंदोलन अहिंसक और सही था। सरकार ने हमारी मांगों को माना है और कृषि कानून वापस ले लिया है।
अपनी मांग पूरी होने पर शुक्रवार को पानीपत टोल प्लाजा पर किसान जमकर नाचे। टोल प्लाजा पर हिंदू, मुस्लिम और सिख किसानों ने मिलकर कानून वापस होने पर खुशी जाहिर की। किसानों का कहना था कि पिछले 11 महीने से ज्यादा टोल प्लाजा पर वे डटे रहे । इस बीच उन्हें काफी परेशानियां आईं, लेकिन उन्होंने धरना नहीं छोड़ा।
धरना स्थल पर अभी भी डटे रहेंगे किसान
तीनों कृषि कानून वापस लेने के ऐलान के बाद भी जिले के किसान धरना स्थल पर डटे रहेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा की मीटिंग के बाद आदेश आया कि किसानों को धरना स्थल से उठना नहीं है। जिले के किसानों ने कहा कि जैसे ही संसद में कानून वापस हो जाएंगे, वे तुरंत अपने धरना स्थल से तंबू हटाकर घर लौट जाएंगे।
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जयकरण कादियान, पूर्व प्रधान भाकियू
हमारा किसान आंदोलन जायज था, जिसकी वजह से हमारी मांग पूरी की हैं। हम किसान वापसी नहीं करेंगे, जब तक लिखित में एमएसपी गारंटी कानून और संसद में कानून वापस नहीं ले लिए जाते हैं। - सुधीर जाखड़, जिला प्रधान, भाकियू चढू़नी
तीन कृषि कानून वापस लेने से न केवल किसानों को लाभ मिलेगा बल्कि आम जनता को भी लाभ मिलेगा। जिले के किसान काफी खुश हैं, अब बस संसद में कानून वापस होने का इंतजार है। - सोनू मालपुरिया, जिला प्रधान, भाकियू
प्रधानमंत्री ने तीनों कृषि कानून वापस लेकर किसानों के आत्मसम्मान को बढ़ाया है और हम किसानों की जीत हुई है। संयुक्त किसान मोर्चा का जो भी आदेश आएगा, उनको माना जाएगा। - कुलदीप बलाना, पूर्व प्रधान, भाकियू
कानून वापस कराने के लिए हम किसानों ने काफी मुसीबतों का सामना किया। 26 नवंबर को दिल्ली कूच के दौरान मुझे पुलिस ने धरना स्थल से उठा लिया था और बलजीत नगर चौकी में नजरबंद कर दिया था। हमने हार नहीं मानी और अब जीत हुई। - बिंटू मलिक, पूर्व उपप्रधान, भाकियू
सरकार को काफी लंबे समय बाद समझ आया कि यह कानून किसानों के लिए ठीक नहीं है। सरकार के इस फैसले से हम सभी काफी खुश हैं। इस फैसले से किसानों को राहत मिली है। यदि पहले ही यह फैसला ले लिया होता तो इतनी परेशानी नहीं होती। - सुनील दत्त,सह संयोजक,सीटू
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अपनी मांग पूरी होने पर शुक्रवार को पानीपत टोल प्लाजा पर किसान जमकर नाचे। टोल प्लाजा पर हिंदू, मुस्लिम और सिख किसानों ने मिलकर कानून वापस होने पर खुशी जाहिर की। किसानों का कहना था कि पिछले 11 महीने से ज्यादा टोल प्लाजा पर वे डटे रहे । इस बीच उन्हें काफी परेशानियां आईं, लेकिन उन्होंने धरना नहीं छोड़ा।
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धरना स्थल पर अभी भी डटे रहेंगे किसान
तीनों कृषि कानून वापस लेने के ऐलान के बाद भी जिले के किसान धरना स्थल पर डटे रहेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा की मीटिंग के बाद आदेश आया कि किसानों को धरना स्थल से उठना नहीं है। जिले के किसानों ने कहा कि जैसे ही संसद में कानून वापस हो जाएंगे, वे तुरंत अपने धरना स्थल से तंबू हटाकर घर लौट जाएंगे।
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जयकरण कादियान, पूर्व प्रधान भाकियू
हमारा किसान आंदोलन जायज था, जिसकी वजह से हमारी मांग पूरी की हैं। हम किसान वापसी नहीं करेंगे, जब तक लिखित में एमएसपी गारंटी कानून और संसद में कानून वापस नहीं ले लिए जाते हैं। - सुधीर जाखड़, जिला प्रधान, भाकियू चढू़नी
तीन कृषि कानून वापस लेने से न केवल किसानों को लाभ मिलेगा बल्कि आम जनता को भी लाभ मिलेगा। जिले के किसान काफी खुश हैं, अब बस संसद में कानून वापस होने का इंतजार है। - सोनू मालपुरिया, जिला प्रधान, भाकियू
प्रधानमंत्री ने तीनों कृषि कानून वापस लेकर किसानों के आत्मसम्मान को बढ़ाया है और हम किसानों की जीत हुई है। संयुक्त किसान मोर्चा का जो भी आदेश आएगा, उनको माना जाएगा। - कुलदीप बलाना, पूर्व प्रधान, भाकियू
कानून वापस कराने के लिए हम किसानों ने काफी मुसीबतों का सामना किया। 26 नवंबर को दिल्ली कूच के दौरान मुझे पुलिस ने धरना स्थल से उठा लिया था और बलजीत नगर चौकी में नजरबंद कर दिया था। हमने हार नहीं मानी और अब जीत हुई। - बिंटू मलिक, पूर्व उपप्रधान, भाकियू
सरकार को काफी लंबे समय बाद समझ आया कि यह कानून किसानों के लिए ठीक नहीं है। सरकार के इस फैसले से हम सभी काफी खुश हैं। इस फैसले से किसानों को राहत मिली है। यदि पहले ही यह फैसला ले लिया होता तो इतनी परेशानी नहीं होती। - सुनील दत्त,सह संयोजक,सीटू