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गन्ना भुगतान न हुआ तो शुगर मिल गोदाम पर कब्जा करेंगे किसान

Sat, 07 May 2016 12:23 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला
ब्यूरो/ अमर उजाला Updated Sat, 07 May 2016 12:23 AM IST
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गोदाम पर कब्जा करेंगे किसान - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
 
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सरस्वती शुगर मिल द्वारा किसानों का लगभग 45 करोड़ रुपये पेमेंट रोकी हुई है। इसके लेकर किसानों ने शुक्रवार को किसान भवन में बैठक कर शुगर मिल व प्रशासन को 11 मई तक का अल्टीमेटम दिया है। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर 11 मई तक किसानों की पेमेंट का भुगतान नहीं किया गया तो किसान शुगर मिल के गोदाम पर कब्जा कर लेंगे और
मिल प्रबंधन को एक भी चीनी को बोरी उठाने नहीं देंगे।

इसके बाद किसानों ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन कर एसडीएम प्रेमचंद को ज्ञापन सौंपा।
गन्ने की रुकी हुई 45 करोड़ रुपये की पेमेंट को लेकर भारतीय किसान संघ की बैठक शुक्रवार को किसान भवन में प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह देवधर की अध्यक्षता में हुई। करीब दो घंटे तक चली बैठक में किसानों ने शुगर मिल के गोदाम पर कब्जा करने का निर्णय लिया। प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह ने कहा कि शुगर मिल शुरू होने से पहले सरकार ने भी उन्हें वादा किया था कि किसी भी किसान की पेमेंट नहीं रोकी जाएगी।
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प्रत्येक माह के बाद सभी किसानों की पेमेंट क्लीयर कर दी जाएगी। जिसके बाद किसानों ने शुगर मिल अपना गन्ना डाला। लेकिन अब शुगर मिल में गन्ना पिरोई का काम बंद हो गया है। शुगर मिल के पास किसानों का लगभग 45 करोड़ रुपये बकाया पड़ा हुआ है। इस बारे में वे शुगर मिल प्रबंधकों से कई बार मिल चुके है, लेकिन वह बार बार सरकार से बात करने की बात कहकर उन्हें टरका दिया जाता है। बैठक के अंत में किसानों ने प्रशासन और शुगर मिल को उनकी रुकी हुई पेमेंट दिलाने का 11 मई तक का समय दिया।
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वहीं चेतावनी दी कि अगर 11 मई तक किसानों का पेमेंट का भुगतान नहीं किया गया तो किसान शुगर मिल के चीनी के गोदाम पर भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में कब्जा कर लेंगे और जब तक किसानों का भुगतान नहीं किया जाएगा तब तक शुगर मिल को एक भी बोरी चीनी की नहीं उठाने दी जायेगी। बैठक में पंडित लक्ष्मीचंद, नीरज गोस्वामी, विश्वास शर्मा, मदन सिंह, सुरेंद्र, राजकुमार खजूरी, विकास राणा, सुरेश कनालसी, धूम सिंह राणा, सुरेश, हुकम सिंह, यशपाल सिंह सहित दर्जनों किसान मौजूद थे।


बैठक के बाद लघु सचिवालय में किया प्रदर्शन :
किसान भवन में बैठक करने के बाद भारतीय किसान संघ के बैनर तले सभी किसान जगाधरी अनाज मंडी गेट पर पहुंचे। यहां से किसान नारेबाजी करते हुए नेशनल हाईवे 73 से होते हुए लघु सचिवालय में पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद किसानों ने एसडीएम प्रेमचंद को डीसी के नाम दिया।  

आर्थिक तंगी का सामना कर रहे किसान :
किसानों ने कहा कि पेमेंट ना मिलने की वजह से उन्हें भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। उनके घर के खर्च तक नहीं चल रहे हैं। आगे धान की रोपाई, मक्का, ज्वार व अन्य फसलों की बिजाई भी करनी है। इसके लिये पैसा कहा से आएगा। एक तो फसल दो, ऊपर से पेमेंट के लिए दर दर की ठोकरें खाओ। लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। पेमेंट के लिए उन्हें कैसा भी आंदोलन करना पड़े व आंदोलन करने का तैयार है।


भाकियू ने भी दिया है एक सप्ताह का अल्टीमेटम
यमुनानगर। सरस्वती शुगर मिल की ओर गन्ना उत्पादक किसानों का लगभग 45 करोड़ रुपये भुगतान न करने पर जहां भाकिसं ने 11 मई को शुगर मिल गोदाम पर कब्जा करने की चेतावनी दी है। वहीं भारतीय किसान यूनियन ने भी एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। सप्ताह के भीतर पेमेंट न मिलने पर शुगर मिल गेट पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। भारतीय किसान यूनियन प्रदेश संयोजक बाबुराम ने कहा कि सरकार ने शुगर मिल से किसानों के गन्ने के भुगतान समय पर करवाने का किसानों से वायदा किया था। लेकिन शुगर मिल मालिक किसानों का भुगतान न करके उनका शोषण कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक सप्ताह बाद भुगतान न होने की सूरत में किसान शुगर मिल गेट, विधानसभा स्पीकर कंवरपाल गुर्जर व विधायक यमुनानगर घनश्यामदास अरोड़ा के निवास पर धरने प्रदर्शन करेंगे।
 
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