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Panipat News: पाकिस्तान से आए परिवार ने बेटे के लिए मांगी भारत की नागरिकता
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पानीपत। लघु सचिवालय में मंगलवार को जनता समस्या समाधान शिविर लगाया गया। डीसी डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने यहां लोगों की समस्याओं को सुना। शिविर में डीसी ने समाधान शिविर में देरी से आने वाले अधिकारियों को कार्रवाई की चेतावनी भी दी। शिविर में लगातार फैमिली आईडी से संबंधित आ रहीं शिकायतों से डीसी भड़क गए। उन्होंने इससे संबंधित अधिकारियों पर सख्ती दिखाई और उन्हें कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
शिविर में बिजली, पुलिस, पेंशन, क्रीड समेत कुल 87 समस्याएं पहुंची। डीसी ने इनको सुनने के बाद इनके समाधान के निर्देश दिए। शिविर में पाकिस्तान से आए परिवार ने बेटे के लिए भारत की नागरिकता दिलाने की भी मांग की।
प्रार्थी सुमित्रा निवासी चड़ाउ मौहल्ला ने प्रशासन से निवेदन किया कि वे 2001 में अपने पति नंदलाल, बेटे राहुल व अन्य रिश्तेदारों के साथ अपनी जान बचाकर पाकिस्तान से आए थे।
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वे एलटीवी वीजा लेकर बच्चों सहित किराये के मकान में रह रहे है। उनके पति नंदलाल, देवर पंकज व ननद पिंकी को 2017 में भारत की नागरिकता मिल चुकी है। उनकी लड़की वर्षा जिसका जन्म 2006 में पानीपत में हुआ। उसका पाकिस्तान का पासपोर्ट बना हुआ है और बेटे राहुल को अभी तक भारत की नागरिकता नहीं मिली है।
उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि उन्हें भारत की नागरिकता दिलाई जाएं। उपायुक्त ने प्रार्थी को इस मामले को लेकर विचार विमर्श कर नियमानुसार कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। डीसी डॉ.विरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि समाधान शिविर का मतलब समस्याओं का समाधान है।
इसमें देरी के लिए वे अधिकारी जिम्मेदार होंगे जो शिविर में रूचि नहीं लेते या शिविर में नहीं पहुंचते। उल्लेखनीय है कि फैमिली आईडी में इनकम कम करवाने के मामले घटने की बजाय बढ़ रहे है।
इस पर गहनता से संज्ञान लेने की आवश्यकता महसूस होने लगी है। उपायुक्त ने क्रीड विभाग के मैनेजर डॉ.सोमपाल को निर्देश दिए कि वे शिविर में एक विशेषज्ञ का सहयोग लें ताकि फैमिली आईडी में आय को लेकर सभी प्रकार की शंकाएं दूर की जाए।
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शिविर में बिजली, पुलिस, पेंशन, क्रीड समेत कुल 87 समस्याएं पहुंची। डीसी ने इनको सुनने के बाद इनके समाधान के निर्देश दिए। शिविर में पाकिस्तान से आए परिवार ने बेटे के लिए भारत की नागरिकता दिलाने की भी मांग की।
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प्रार्थी सुमित्रा निवासी चड़ाउ मौहल्ला ने प्रशासन से निवेदन किया कि वे 2001 में अपने पति नंदलाल, बेटे राहुल व अन्य रिश्तेदारों के साथ अपनी जान बचाकर पाकिस्तान से आए थे।
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वे एलटीवी वीजा लेकर बच्चों सहित किराये के मकान में रह रहे है। उनके पति नंदलाल, देवर पंकज व ननद पिंकी को 2017 में भारत की नागरिकता मिल चुकी है। उनकी लड़की वर्षा जिसका जन्म 2006 में पानीपत में हुआ। उसका पाकिस्तान का पासपोर्ट बना हुआ है और बेटे राहुल को अभी तक भारत की नागरिकता नहीं मिली है।
उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि उन्हें भारत की नागरिकता दिलाई जाएं। उपायुक्त ने प्रार्थी को इस मामले को लेकर विचार विमर्श कर नियमानुसार कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। डीसी डॉ.विरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि समाधान शिविर का मतलब समस्याओं का समाधान है।
इसमें देरी के लिए वे अधिकारी जिम्मेदार होंगे जो शिविर में रूचि नहीं लेते या शिविर में नहीं पहुंचते। उल्लेखनीय है कि फैमिली आईडी में इनकम कम करवाने के मामले घटने की बजाय बढ़ रहे है।
इस पर गहनता से संज्ञान लेने की आवश्यकता महसूस होने लगी है। उपायुक्त ने क्रीड विभाग के मैनेजर डॉ.सोमपाल को निर्देश दिए कि वे शिविर में एक विशेषज्ञ का सहयोग लें ताकि फैमिली आईडी में आय को लेकर सभी प्रकार की शंकाएं दूर की जाए।