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Panipat News: पारिवारिक कलह से बच्चे बन रहे मनोरोगी, एकल परिवार भी बड़ा कारण

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2026 02:48 AM IST
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Family conflicts are turning children into psychopaths, nuclear families are also a major reason.
डॉ. मोना नागपाल। स्रोत : स्वयं
पानीपत। घर के बड़ों का व्यवहार और कलह बच्चों की मनोस्थिति पर असर डाल रहा है। घर के विवाद और पिता के नशे की आदत के कारण बच्चे मनोरोगी बन रहे हैं। यहां तक कि बच्चे असंतुलित मनोस्थिति के कारण कई बार आत्महत्या तक का भी प्रयास कर रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में हाल ही में ऐसा मामला सामने आया है। बच्चा परिवार के कलह और पिता के नशे की लत के कारण कई बार घर को छोड़कर जा चुका है और कई बार आत्महत्या का प्रयास कर चुका है। मनोरोग विशेषज्ञ अभिभावकों को बच्चों के साथ समय बिताने और बच्चों के साथ उचित व्यवहार करने की सलाह दे रही है।
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मां ने काउंसिलिंग में बताई पूरी कहानी

एक कॉलोनी की एक महिला ने बताया कि उनका बेटा 11 वीं कक्षा में पढ़ता है। वह पहले बहुत चंचल था, लेकिन पिछले कुछ समय से गुमसुम रहने लगा था। वह इस दौरान कई बार घर से बिना बताए जा चुका है। यही नहीं वह कई बार आत्महत्या का भी प्रयास कर चुका है। उनको जिला नागरिक अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ के पास काउंसिलिंग में बच्चे की बीमारी के बारे में पता चलना। बच्चे पर उनके पिता के नशा करने और घर में विवाद, गाली-गलौज करने का बुरा असर पड़ रहा है। वह इस परिस्थिति से संतुलन स्थापित नहीं कर पा रहा है। उन्होंने अब खुद को समझाया और बच्चे में अब काफी सुधार देखने को मिल रहा है।
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एकल परिवार होना भी बड़ा कारण : विशेष

जिला नागरिक अस्पताल की मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मोना नागपाल ने बताया कि बदलते समय में ज्यादातर एकल परिवार हो गए हैं। ऐसे में बच्चे दादा-दादी के संस्कारों से भी दूर हो रहे हैं और वे मानसिक रूप से रोगी बन रहे हैं। एकल परिवार में अभिभावकों को चाहिए कि वे ज्यादा से ज्यादा समय अपने बच्चों के साथ बिताएं और समय के साथ बच्चों के अनुसार स्वयं में बदलाव करें। बच्चे के बदलते व्यवहार पर काउंसिलिंग करानी चाहिए।
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