पानीपत में दुखद घटना: ताना फैक्टरी में लगी आग, मालिक की जलकर मौत, श्रमिकों ने भागकर बचाई जान
फैक्टरी में 15 श्रमिकों ने भागकर जान बचाई। बबैल रोड स्थित रामनगर में 200 वर्ग गज के प्लॉट में खड्डी मशीन लगाई थी।
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हरियाणा के पानीपत में बबैल रोड स्थित राम नगर में 200 वर्ग गज के प्लॉट में चल रही ताना फैक्टरी में शनिवार सुबह आग लग गई। वहां काम कर रहे 15 श्रमिकों ने किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई लेकिन फैक्टरी मालिक अंदर फंस गया। धागे के भरे बोरे के नीचे दबने से उनकी जलकर मौत हो गई। इस बीच लोगों ने अपने स्तर पर सबमर्सिबल चलाकर आधे घंटे में आग बुझाई। सूचना मिलने पर किला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर पोस्टमार्टम कराकर शव उन्हें सौंप दिया।
रामनगर निवासी (45) वर्षीय देवी सिंह करीब 20 साल से अपने मकान की बगल में 200 गज के प्लॉट में खड्डी चलाता था। खड्डी मशीन में ताना बुनकर धागे के लिए सप्लाई करता था। प्लॉट तीन ओर से मकानों से घिरा है। गली की तरफ से प्लॉट में जाने का एक ही रास्ता है। शुक्रवार शाम को फैक्टरी में एक ट्राली कच्चा माल आया था।
शनिवार सुबह देवी सिंह अपने श्रमिकों के साथ फैक्टरी में काम कर रहा था। श्रमिक प्लॉट में गली के पास काम कर रहे थे। देवी सिंह खड्डी चला रहा था। सुबह करीब साढ़े नौ बजे अचानक उसके पीछे पडे़ कच्चे माल से भरे बोरे में आग लग गई। उस वक्त उसे पता नहीं चला।
जब श्रमिकों ने शोर मचाया तो देवी सिंह ने निकलने का प्रयास किया लेकिन वे धुएं के कारण रास्ता नहीं खोज सके और वहीं गिर गए। इस बीच उस पर बोरा गिरने से वह उठ नहीं सके। अपने को बचाने के लिए वह चिल्लाते रहे लेकिन आग में 100 फीसद जल जाने से उनकी मौत हो गई।
करीब 10 मिनट तक मांगते रहे मदद
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, देवी सिंह करीब 10 मिनट तक बचने का प्रयास करने के साथ मदद मांगते रहे लेकिन वह रास्ता ढूंढ़ नहीं पाए। जहां भी लोगों को उसके होने का अहसास होता, वे वहीं पर पानी डालकर आग को बुझाने की कोशिश करते। लोगों ने एक तरफ से मकान की दीवार तोड़कर वहां से पानी डालकर आग पर काबू भी पाने का प्रयास किया लेकिन देवी सिंह की जान नहीं बच सकी।
घटना का चश्मदीद रियाजुदीन
रामनगर निवासी रियाजुदीन ने बताया कि देवी सिंह कई साल से यहां छोटी सी फैक्टरी चला रहा था। देवी सिंह की 17 वर्षीय बेटी प्रतिभा बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है। उससे छोटे आदित्य, अभिमन्यु व आयुष हैं। फैक्टरी में कच्चा व तैयार माल भी था। जैसे ही बोरों में आग लगी तो बच्चों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। प्लॉट में काम कर रहे लोग इधर से उधर भाग रहे थे। बेटे अभिमन्यु ने उन्हें बताया कि पापा अंदर फंसे हुए हैं। उन्होंने अंदर जाने का प्रयास तो किया लेकिन आग बहुत भड़क चुकी थी। उसी में देवी सिंह की जलकर मौत हो गई।
पुलिस भी कर रही मामले की जांच
फैक्टरी मालिक की आग की चपेट में आने से मौत हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। - जाकिर हुसैन, एसएचओ, किला थाना पुलिस