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Panipat News: टैबलेट न लौटाने पर जारी नहीं होगा परीक्षा परिणाम
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पानीपत। विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को ई-अधिगम योजना के तहत बांटे गए टैबलेट व डेटा सिम अब वापस करने होंगे। बोर्ड परीक्षाओं के समाप्त होने के पांच दिन तक विद्यार्थियों को टैब व उसका सामान वापस जमा करवाने होंगे।
स्कूल शिक्षा निदेशालय ने पत्र लिखकर जरूरी दिशा निर्देश भी जारी किए हैं। निदेशालय ने साफ लिखा है कि जो विद्यार्थी ऐसा नहीं करेगा, बोर्ड उनका परीक्षा परिणाम जारी नहीं करेगा। न ही परिणाम डीजी लाकर पर जारी होगा। निदेशालय के मुताबिक 12वीं की परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों के अलावा 10वीं व 11वीं कक्षा में अन्य स्कूलों में जाने वाले विद्यार्थियों को भी अपना टैबलेट वापस जमा करवाना होगा। डेटा सिम डि-एक्टिवेट कर दी जाएगी।
जिले में विभाग द्वारा करीब 23 हजार विद्यार्थियों को टैबलेट वितरित किए गए हैं। स्कूल मुखिया व कक्षा प्रभारी छात्र-छात्राओं को इसके बारे में सूचित करेंगे। स्कूल मैनेजमेंट कमेटी सुनिश्चित करेगी कि टैबलेट वापस जमा करवाए जाएं। टैबलेट वापस मिलने पर स्टाॅक रजिस्टर में एंट्री करना अनिवार्य है जिसमें टेबलेट का आईएमइआई नंबर तथा डाटा सिम का रिकार्ड दर्ज होगा।
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उल्लेखनीय है कि राज्य के राजकीय स्कूलों में 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को सरकार द्वारा ई-लर्निंग की सुविधा देने के तहत टैबलेट वितरण का कार्यक्रम 2022-2023 शैक्षणिक सत्र में चलाया गया था। उधर यदि विद्यार्थी के पास टैबलेट का डिब्बा नहीं है तो प्रधानाचार्य यह सुनिश्चित करेंगे कि टैबलेट के पीछे उसका आईएमईआई नंबर के साथ लिखा जाए। 10वीं कक्षा के प्रभारियों का जिम्मा होगा कि वे विद्यार्थियों से टैबलेट वापस लेने के बाद स्टॉक रजिस्टर इसे दर्ज कर कर कंप्यूटर लैब या पुस्तकालय में सुरक्षित रखने का प्रबंध करेंगे।
जिला गणित विशेषज्ञ एवं ई-अधिगम कार्यक्रम के नोडल अधिकारी देवेंद्र दत्त ने बताया कि ई-अधिगम के तहत जारी टैबलेट 12वीं पास करने वाले व 10वीं और 11वीं कक्षा के दौरान स्कूल बदलने वाले विद्यार्थियों को जमा कराने होंगे। उधर ऐसे विद्यार्थी जिनसे टैबलेट गुम हो गया है, वे इसकी एफआईआर दर्ज करवाकर स्कूल में जमा करवाएगा। ऐसे विद्यार्थियों की सूची अवसर पोर्टल पर अपलोड कर दी जाएगी। यदि किसी विद्यार्थी से टैब टूट गया है या खराब हो गया है तो उसी कंडीशन में टैबलेट जमा करवाकर सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा। उसे भी पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा। इसके अलावा यदि कोई बच्चा टैब, सिम या अन्य मिला हुआ सामान जमा नहीं करवाता तो उसका परिणाम बोर्ड द्वारा रोक दिया जाएगा। यदि गलती से फिर भी परिणाम जारी हो जाता है तो स्कूल प्रभारी ऐसे विद्यार्थियों को स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट, डीएमसी या चरित्र प्रमाणपत्र जारी नहीं करेंगे।
वर्जन-
विद्यार्थियों को टैबटेल, चार्जर, कवर को बॉक्स सहित परीक्षा समाप्त होने के पांच दिन के अंदर अपने स्कूल में जमा करवाने हैं। स्कूल मुखिया को टैबलेट संबंधित एक स्टाफ की ड्यूटी लगनी है, जो रजिस्टर में टैब संबंधित पूरी जानकारी दर्ज करेंगे। स्कूल के पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब या फिर अन्य स्थान पर टैब रखवाएं और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी स्कूल मुखिया की होगी। इस संबंध में सभी स्कूल मुखिया को निदेशालय की ओर से प्राप्त पत्र जारी कर दिया है।
- कुलदीप दहिया, जिला शिक्षा अधिकारी,पानीपत।
संवाद
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स्कूल शिक्षा निदेशालय ने पत्र लिखकर जरूरी दिशा निर्देश भी जारी किए हैं। निदेशालय ने साफ लिखा है कि जो विद्यार्थी ऐसा नहीं करेगा, बोर्ड उनका परीक्षा परिणाम जारी नहीं करेगा। न ही परिणाम डीजी लाकर पर जारी होगा। निदेशालय के मुताबिक 12वीं की परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों के अलावा 10वीं व 11वीं कक्षा में अन्य स्कूलों में जाने वाले विद्यार्थियों को भी अपना टैबलेट वापस जमा करवाना होगा। डेटा सिम डि-एक्टिवेट कर दी जाएगी।
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जिले में विभाग द्वारा करीब 23 हजार विद्यार्थियों को टैबलेट वितरित किए गए हैं। स्कूल मुखिया व कक्षा प्रभारी छात्र-छात्राओं को इसके बारे में सूचित करेंगे। स्कूल मैनेजमेंट कमेटी सुनिश्चित करेगी कि टैबलेट वापस जमा करवाए जाएं। टैबलेट वापस मिलने पर स्टाॅक रजिस्टर में एंट्री करना अनिवार्य है जिसमें टेबलेट का आईएमइआई नंबर तथा डाटा सिम का रिकार्ड दर्ज होगा।
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उल्लेखनीय है कि राज्य के राजकीय स्कूलों में 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को सरकार द्वारा ई-लर्निंग की सुविधा देने के तहत टैबलेट वितरण का कार्यक्रम 2022-2023 शैक्षणिक सत्र में चलाया गया था। उधर यदि विद्यार्थी के पास टैबलेट का डिब्बा नहीं है तो प्रधानाचार्य यह सुनिश्चित करेंगे कि टैबलेट के पीछे उसका आईएमईआई नंबर के साथ लिखा जाए। 10वीं कक्षा के प्रभारियों का जिम्मा होगा कि वे विद्यार्थियों से टैबलेट वापस लेने के बाद स्टॉक रजिस्टर इसे दर्ज कर कर कंप्यूटर लैब या पुस्तकालय में सुरक्षित रखने का प्रबंध करेंगे।
जिला गणित विशेषज्ञ एवं ई-अधिगम कार्यक्रम के नोडल अधिकारी देवेंद्र दत्त ने बताया कि ई-अधिगम के तहत जारी टैबलेट 12वीं पास करने वाले व 10वीं और 11वीं कक्षा के दौरान स्कूल बदलने वाले विद्यार्थियों को जमा कराने होंगे। उधर ऐसे विद्यार्थी जिनसे टैबलेट गुम हो गया है, वे इसकी एफआईआर दर्ज करवाकर स्कूल में जमा करवाएगा। ऐसे विद्यार्थियों की सूची अवसर पोर्टल पर अपलोड कर दी जाएगी। यदि किसी विद्यार्थी से टैब टूट गया है या खराब हो गया है तो उसी कंडीशन में टैबलेट जमा करवाकर सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा। उसे भी पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा। इसके अलावा यदि कोई बच्चा टैब, सिम या अन्य मिला हुआ सामान जमा नहीं करवाता तो उसका परिणाम बोर्ड द्वारा रोक दिया जाएगा। यदि गलती से फिर भी परिणाम जारी हो जाता है तो स्कूल प्रभारी ऐसे विद्यार्थियों को स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट, डीएमसी या चरित्र प्रमाणपत्र जारी नहीं करेंगे।
वर्जन-
विद्यार्थियों को टैबटेल, चार्जर, कवर को बॉक्स सहित परीक्षा समाप्त होने के पांच दिन के अंदर अपने स्कूल में जमा करवाने हैं। स्कूल मुखिया को टैबलेट संबंधित एक स्टाफ की ड्यूटी लगनी है, जो रजिस्टर में टैब संबंधित पूरी जानकारी दर्ज करेंगे। स्कूल के पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब या फिर अन्य स्थान पर टैब रखवाएं और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी स्कूल मुखिया की होगी। इस संबंध में सभी स्कूल मुखिया को निदेशालय की ओर से प्राप्त पत्र जारी कर दिया है।
- कुलदीप दहिया, जिला शिक्षा अधिकारी,पानीपत।
संवाद