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जलभराव से सब बेहाल, फंसे रहे वाहन चालक, जीटी रोड जाम
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समालखा। समालखा में सर्विस लेन पर पानी से गुजरती स्कूल बस।
- फोटो : Panipat
पानीपत। मानसून ने बुधवार अलसुबह से हो रही बारिश ने एक बार फिर से शहर को बेहाल कर दिया। हालांकि बूंदाबांदी तो सुबह 4 से लेकर शाम 7 बजे तक होती रही, लेकिन सुबह 5 से लेकर 9 बजे और 10 से 11 बजे तक करीब चार घंटे झमाझम बारिश हुई। इससे शहर के जीटी रोड से लगते तकरीबन सभी मेन बाजार, संजय चौक, लाल बत्ती एरिया, अनाज मंडी में इतना पानी भर गया कि लोग और उनके वाहन पानी में फंसकर रह गए। लोगों को बरसाती पानी से गुजरकर जाना पड़ा। दूसरी ओर बरसाती पानी की निकासी न होने पर लोगों ने सोशल मीडिया पर जमकर चुटकी ली।
शहर के सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी निगम की तैयारियों का सोशल मीडिया पर मजाक उड़ाया। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि कोई भी शहरवासी बाइक या कार लेकर सड़कों पर न निकले, क्योंकि सड़कों पर इतना जलभराव है कि यहां केवल नाव का प्रयोग ही किया जा सकता है। इसके बाद लोगों ने निगम की निकासी व्यवस्था के बारे में सोशल मीडिया पर जमकर टिप्पणी की। हालांकि इसका अच्छा खासा असर निगम पर भी देखने को मिला, निगम ने 150 कर्मचारियों की नाला गैंग के साथ झाडू से सफाई करने वाले 500 कर्मचारियों को भी इसी काम पर लगा दिया। इससे शहर के कई एरिया की नालों व नालियों में फंसी पॉलिथीन या अन्य कबाड़ को निकाल कर निकासी करवाई गई।
दूसरों पर फोड़ा अपनी खामियों को ठीकरा
निगम ने ठप पड़ी निकासी व्यवस्था का ठीकरा शहर में चल रही अवैध डेयरियों पर फोड़ा है। निगम का कहना है कि इन डेयरियों से निकलने वाले वेस्ट की वजह से सीवर और नाले चोक होते हैं। जिसकी वजह से सफाई नहीं हो पाती। दूसरी खास बात ये है कि नगर निगम ने बरसाती सीजन को देखते हुए भी नाला गैंग के टेंडर को बढ़ाया था, इसके बाद भी शहर के नालों व सीवरों की सफाई नहीं हो पाई। इसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
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यहां रहा सबसे ज्यादा जलभराव
इसांर बाजार, चौड़ा बाजार, पालिका बाजार, जीटी रोड, एसडी कॉलेज रोड, अनाज मंडी, सब्जी मंडी, विकास नगर, संजय कॉलोनी, कृष्णपुरा, सेक्टर 25 पार्ट-1, सेक्टर 29 पार्ट- 2, विद्यानंद कॉलोनी, उग्रा खेड़ी रोड, सनौली रोड, जाटल रोड, राज नगर, आजाद नगर, संजय कॉलोनी, नूरवाला, बरसत रोड एरिया, वार्ड 10 की तरफ से सेक्टर 11-12, पुरानी सब्जी मंडी, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, नूरवाला, आदर्श नगर व वीवर्स कॉलोनी समेत कई जगहों पर में सबसे ज्यादा जलभराव हुआ।
जीटी रोड पर पानी की वजह से जाम फंसे वाहन
जीटी रोड पर करीब दो फीट तक पानी भर गया। इससे कई वाहन पानी में बंद हो गए और जाम लग गया। इसके बाद क्रेन की मदद से वाहनों को पानी से निकाला गया। शहर के जीटी रोड पर दोनों तरफ करीब डेढ़ घंटे का जाम लगा रहा। वहीं, आम तौर की तुलना में शहर की सड़कों पर गाड़ियों की संख्या भी कम रही, लेकिन लोगों की परेशानी बरकरार दिखाई दी। हालांकि कड़ी मशक्कत के बाद देर शाम तक केवल जीटी रोड पर जमा पानी की निकासी हो पाई।
निगम के 70 प्रतिशत काम पूरे के दावे फेल
शहर में नगर निगम के अधीन करीब 157 किलोमीटर लंबी नाले व नालियों हैं। इनकी सफाई के लिए निगम ने 150 कर्मचारियों की नाला गैंग व एक जेसीबी मशीन को लगाया है। निगम का दावा है कि उन्होंने मानसून की तैयारियां पहले ही कर ली थी। अब उनका काम 70 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। बाकी काम करीब दो सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा। शहर की इस बारिश ने फिर से निगम के इन दावों को फेल साबित कर दिया।
सफाई कर्मचारी भी सफाई पर लगाए
नाला गैंग के 150 कर्मचारियों के साथ निगम के पक्के झाड़ू वाले करीब 500 सफाई कर्मचारियों को भी नाले, नालियों की सफाई पर लगा दिया है। शहर में कई एरिया में पानी की निकासी भी करवाई गई है। बारिश पूरा दिन चलती रही, बावजूद इसके निगम अपने काम पर जुटा रहा है। - रिंकू शर्मा, एसआई, सफाई शाखा, नगर निगम, पानीपत।
आसमानी बिजली गिरी, मकान का लेंटर टूटा
थर्मल। क्षेत्र के गांव जाटल में सुबह करीब 11 बजे के समय आसमानी बिजली एक मकान पर गिर गई। इससे मकान का लेंटर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया । वहीं बिजली के कई उपकरण भी जल गए । मकान मालिक हरपाल सिंह ने बताया सुबह के समय जब बरसात हो रही थी तो अचानक तेज धमाका हुआ । नीचे बैठे मकान में उन्हें कुछ गिरने का एहसास हुआ। बरसात रुकने के बाद जब वह ऊपर की तरफ गए तो देखा कि ऊपर के लेंटर का कुछ हिस्सा गिर गया है । उन्होंने बताया कि बिजली गिरने के कारण बिजली के उपकरण भी फुंक गए, वहीं तेज धमाके के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया।
समालखा की सड़कों पर जलभराव से जनजीवन अस्तव्यस्त
समालखा। बारिश ने बुधवार को शहर में पानी ही पानी कर दिया। हर जगह जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी तो शहर की निकासी व्यवस्था की पोल भी खुल गई। करीब सप्ताह भर पहले एसडीएम समालखा के कार्यालय में निकासी को दुरुस्त करने का निर्देश जैक्सन कंपनी को दिया था, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका।
सबसे खराब हालात नई अनाजमंडी गेट-2 के पास सर्विस लेन और पावर हाउस मोड़ के पास हुए, जहां कई फीट पानी भर गया था। मंगलवार रात से शुरू हुई बारिश बुधवार को भी दिनभर चलती रही। बारिश ने पहले की तरह ही शहर को कहीं तालाब तो कहीं छोटी झीलों में तबदील कर दिया। पुराने बस अड्डे पर जलभराव के कारण लोगों को आने जाने में परेशानी हुई। निकासी के लिए अस्थायी रूप से खोदे गए नाले के पास रखवाए गए पत्थरों व मिट्टी से कूदते हुए जान जोखिम में डालकर लोग निकलते रहे। वहीं नई अनाजमंडी के गेट संख्या दो के पास सर्विस लेन पर कई फीट तक पानी जाम हो गया। लोगों का कहना था कि आज से पहले इतना पानी कभी भी नहीं भरा और वाहनों गुजरने से ऊंची लहरें बन रहीं थीं। वहां बने गड्डों के कारण कई वाहन भी पलट गए। जबकि कुछ बाइक सवारों ने तो स्थिति को देखते वापस जाना ही बेहतर समझा।
बाद में पुलिस प्रशासन ने बैरिकेडिंग से रास्ते को आधा बंद कर दिया। इसके साथ ही पावर हाउस मोड़ से आगे भी हाल बद से बदतर थे। शहर में आने वाले लोगों को मजबूरी में गंदे पानी से निकलना पड़ रहा था। भारी वाहनों के कारण उडने वाली छींटों ने लोगों को तरबतर कर दिया। शहर की आर्य समाज रोड, पुरानी गुड़मंडी, रेलवे रोड, भटनागर गली, मातापुली रोड भी जलभराव हो गया। नपा के सफाई निरीक्षक विकास नरवाल ने बताया कि शहर के नालों में पन्नी आदि भरने से समस्या हुई थी। जिसे दूर कर दिया गया था। वहीं सिटी ट्रैफिक इंचार्ज राजेश कुमार ने बताया कि जैक्सन कंपनी के पदाधिकारियों को निकासी दुरुस्त करने के लिए कहा है। पुराने बस अड्डे से गंदे पानी को पंप के जरिए निकलवाया गया।
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शहर के सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी निगम की तैयारियों का सोशल मीडिया पर मजाक उड़ाया। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि कोई भी शहरवासी बाइक या कार लेकर सड़कों पर न निकले, क्योंकि सड़कों पर इतना जलभराव है कि यहां केवल नाव का प्रयोग ही किया जा सकता है। इसके बाद लोगों ने निगम की निकासी व्यवस्था के बारे में सोशल मीडिया पर जमकर टिप्पणी की। हालांकि इसका अच्छा खासा असर निगम पर भी देखने को मिला, निगम ने 150 कर्मचारियों की नाला गैंग के साथ झाडू से सफाई करने वाले 500 कर्मचारियों को भी इसी काम पर लगा दिया। इससे शहर के कई एरिया की नालों व नालियों में फंसी पॉलिथीन या अन्य कबाड़ को निकाल कर निकासी करवाई गई।
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दूसरों पर फोड़ा अपनी खामियों को ठीकरा
निगम ने ठप पड़ी निकासी व्यवस्था का ठीकरा शहर में चल रही अवैध डेयरियों पर फोड़ा है। निगम का कहना है कि इन डेयरियों से निकलने वाले वेस्ट की वजह से सीवर और नाले चोक होते हैं। जिसकी वजह से सफाई नहीं हो पाती। दूसरी खास बात ये है कि नगर निगम ने बरसाती सीजन को देखते हुए भी नाला गैंग के टेंडर को बढ़ाया था, इसके बाद भी शहर के नालों व सीवरों की सफाई नहीं हो पाई। इसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
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यहां रहा सबसे ज्यादा जलभराव
इसांर बाजार, चौड़ा बाजार, पालिका बाजार, जीटी रोड, एसडी कॉलेज रोड, अनाज मंडी, सब्जी मंडी, विकास नगर, संजय कॉलोनी, कृष्णपुरा, सेक्टर 25 पार्ट-1, सेक्टर 29 पार्ट- 2, विद्यानंद कॉलोनी, उग्रा खेड़ी रोड, सनौली रोड, जाटल रोड, राज नगर, आजाद नगर, संजय कॉलोनी, नूरवाला, बरसत रोड एरिया, वार्ड 10 की तरफ से सेक्टर 11-12, पुरानी सब्जी मंडी, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, नूरवाला, आदर्श नगर व वीवर्स कॉलोनी समेत कई जगहों पर में सबसे ज्यादा जलभराव हुआ।
जीटी रोड पर पानी की वजह से जाम फंसे वाहन
जीटी रोड पर करीब दो फीट तक पानी भर गया। इससे कई वाहन पानी में बंद हो गए और जाम लग गया। इसके बाद क्रेन की मदद से वाहनों को पानी से निकाला गया। शहर के जीटी रोड पर दोनों तरफ करीब डेढ़ घंटे का जाम लगा रहा। वहीं, आम तौर की तुलना में शहर की सड़कों पर गाड़ियों की संख्या भी कम रही, लेकिन लोगों की परेशानी बरकरार दिखाई दी। हालांकि कड़ी मशक्कत के बाद देर शाम तक केवल जीटी रोड पर जमा पानी की निकासी हो पाई।
निगम के 70 प्रतिशत काम पूरे के दावे फेल
शहर में नगर निगम के अधीन करीब 157 किलोमीटर लंबी नाले व नालियों हैं। इनकी सफाई के लिए निगम ने 150 कर्मचारियों की नाला गैंग व एक जेसीबी मशीन को लगाया है। निगम का दावा है कि उन्होंने मानसून की तैयारियां पहले ही कर ली थी। अब उनका काम 70 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। बाकी काम करीब दो सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा। शहर की इस बारिश ने फिर से निगम के इन दावों को फेल साबित कर दिया।
सफाई कर्मचारी भी सफाई पर लगाए
नाला गैंग के 150 कर्मचारियों के साथ निगम के पक्के झाड़ू वाले करीब 500 सफाई कर्मचारियों को भी नाले, नालियों की सफाई पर लगा दिया है। शहर में कई एरिया में पानी की निकासी भी करवाई गई है। बारिश पूरा दिन चलती रही, बावजूद इसके निगम अपने काम पर जुटा रहा है। - रिंकू शर्मा, एसआई, सफाई शाखा, नगर निगम, पानीपत।
आसमानी बिजली गिरी, मकान का लेंटर टूटा
थर्मल। क्षेत्र के गांव जाटल में सुबह करीब 11 बजे के समय आसमानी बिजली एक मकान पर गिर गई। इससे मकान का लेंटर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया । वहीं बिजली के कई उपकरण भी जल गए । मकान मालिक हरपाल सिंह ने बताया सुबह के समय जब बरसात हो रही थी तो अचानक तेज धमाका हुआ । नीचे बैठे मकान में उन्हें कुछ गिरने का एहसास हुआ। बरसात रुकने के बाद जब वह ऊपर की तरफ गए तो देखा कि ऊपर के लेंटर का कुछ हिस्सा गिर गया है । उन्होंने बताया कि बिजली गिरने के कारण बिजली के उपकरण भी फुंक गए, वहीं तेज धमाके के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया।
समालखा की सड़कों पर जलभराव से जनजीवन अस्तव्यस्त
समालखा। बारिश ने बुधवार को शहर में पानी ही पानी कर दिया। हर जगह जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी तो शहर की निकासी व्यवस्था की पोल भी खुल गई। करीब सप्ताह भर पहले एसडीएम समालखा के कार्यालय में निकासी को दुरुस्त करने का निर्देश जैक्सन कंपनी को दिया था, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका।
सबसे खराब हालात नई अनाजमंडी गेट-2 के पास सर्विस लेन और पावर हाउस मोड़ के पास हुए, जहां कई फीट पानी भर गया था। मंगलवार रात से शुरू हुई बारिश बुधवार को भी दिनभर चलती रही। बारिश ने पहले की तरह ही शहर को कहीं तालाब तो कहीं छोटी झीलों में तबदील कर दिया। पुराने बस अड्डे पर जलभराव के कारण लोगों को आने जाने में परेशानी हुई। निकासी के लिए अस्थायी रूप से खोदे गए नाले के पास रखवाए गए पत्थरों व मिट्टी से कूदते हुए जान जोखिम में डालकर लोग निकलते रहे। वहीं नई अनाजमंडी के गेट संख्या दो के पास सर्विस लेन पर कई फीट तक पानी जाम हो गया। लोगों का कहना था कि आज से पहले इतना पानी कभी भी नहीं भरा और वाहनों गुजरने से ऊंची लहरें बन रहीं थीं। वहां बने गड्डों के कारण कई वाहन भी पलट गए। जबकि कुछ बाइक सवारों ने तो स्थिति को देखते वापस जाना ही बेहतर समझा।
बाद में पुलिस प्रशासन ने बैरिकेडिंग से रास्ते को आधा बंद कर दिया। इसके साथ ही पावर हाउस मोड़ से आगे भी हाल बद से बदतर थे। शहर में आने वाले लोगों को मजबूरी में गंदे पानी से निकलना पड़ रहा था। भारी वाहनों के कारण उडने वाली छींटों ने लोगों को तरबतर कर दिया। शहर की आर्य समाज रोड, पुरानी गुड़मंडी, रेलवे रोड, भटनागर गली, मातापुली रोड भी जलभराव हो गया। नपा के सफाई निरीक्षक विकास नरवाल ने बताया कि शहर के नालों में पन्नी आदि भरने से समस्या हुई थी। जिसे दूर कर दिया गया था। वहीं सिटी ट्रैफिक इंचार्ज राजेश कुमार ने बताया कि जैक्सन कंपनी के पदाधिकारियों को निकासी दुरुस्त करने के लिए कहा है। पुराने बस अड्डे से गंदे पानी को पंप के जरिए निकलवाया गया।