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Panipat News: टीबी से हर माह आठ लोग हार रहे जिंदगी का जंग
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पानीपत। टीबी से हर माह आठ लोग जिंदगी का जंग हार रहे हैं। हर माह टीबी के नए 200 से अधिक मरीज मिल रहे हैं। एक जनवरी से 31 मई तक टीबी के अब तक 1050 नए मरीज मिल चुके हैं। 45 लोगों की टीबी से मौत हो चुकी है। इन पांच माह में लगभग एक लाख लोगों की टीबी की जांच की गई है।
उल्लेखनीय है कि पिछले तीन साल में 4.90 लाख लोगों की टीबी की जांच की जा चुकी है। इन तीन साल में टीबी के लगभग नौ हजार नए मरीज मिले हैं। जिले में फिलहाल टीबी के चार हजार मरीज हैं। इनका सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय का 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने लक्ष्य निर्धारित है। इसके अनुरूप जिला स्तर पर काम भी चल रहा है, लेकिन जो स्थिति धरातल पर है वो चिंतनीय है।
गौरतलब है कि पिछले साढ़े छह साल में टीबी के 21991 मरीज मिल चुके हैं। पिछले साल टीबी के 4300 मरीज मिले थे। 95 लोग टीबी से जिंदगी का जंग हार गए थे। पिछले साढ़े छह साल में जिले में 904 लोग टीबी से मर चुके हैं। टीबी से मरने वालों में अधिकतर वे लोग थे, जिन्होंने टीबी इलाज बीच में छोड़ दिया। अब भी जिले में लगभग चार हजार टीबी के रोगियों का इलाज चल रहा है। पिछले डेढ़ साल में लगभग 1250 लोग टीबी से ठीक हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले तीन साल में कारखानों और कॉलोनियों में 4.90 लाख लोगों की टीबी जांच की है। इसमें नौ हजार टीबी के रोगी मिल चुके हैं। इनमें प्रवासी लोगों की संख्या अधिक है जो कारखानों में काम करते हैं। स्वास्थ्य विभाग उद्यमियों के साथ मिलकर कारखानों में टीबी मुक्त अभियान चला रहा है। फैक्ट्री में टीबी रोगी मिलने पर उनके ठीक होने तक उद्यमी राशन उपलब्ध करा रहे हैं।
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साल दर साल टीबी के मरीजों का ब्योरा-
वर्ष मरीज मौत
2018 2944 120
2019 3585 226
2020 3095 155
2021 3860 157
2022 - 4207 106
2023 4300 95
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2025 तक टीबी मुक्त करेंगे पानीपत : डिप्टी सिविल सर्जन
जिले में टीबी को लेकर गंभीरता से काम हो रहा है। कारखानों में जाकर टीबी के रोगियों को चिह्नित किया गया है। इसमें उद्यमियों का भी सहयोग लिया गया है। इस साल भी कारखानों में टीबी के रोगियों की जांच जारी रहेगी। रिफाइनरी से भी इस अभियान में मदद मिल रही है। उम्मीद है कि 2025 तक पानीपत टीबी मुक्त होगा।
डॉ. ललित वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल
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उल्लेखनीय है कि पिछले तीन साल में 4.90 लाख लोगों की टीबी की जांच की जा चुकी है। इन तीन साल में टीबी के लगभग नौ हजार नए मरीज मिले हैं। जिले में फिलहाल टीबी के चार हजार मरीज हैं। इनका सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय का 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने लक्ष्य निर्धारित है। इसके अनुरूप जिला स्तर पर काम भी चल रहा है, लेकिन जो स्थिति धरातल पर है वो चिंतनीय है।
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गौरतलब है कि पिछले साढ़े छह साल में टीबी के 21991 मरीज मिल चुके हैं। पिछले साल टीबी के 4300 मरीज मिले थे। 95 लोग टीबी से जिंदगी का जंग हार गए थे। पिछले साढ़े छह साल में जिले में 904 लोग टीबी से मर चुके हैं। टीबी से मरने वालों में अधिकतर वे लोग थे, जिन्होंने टीबी इलाज बीच में छोड़ दिया। अब भी जिले में लगभग चार हजार टीबी के रोगियों का इलाज चल रहा है। पिछले डेढ़ साल में लगभग 1250 लोग टीबी से ठीक हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले तीन साल में कारखानों और कॉलोनियों में 4.90 लाख लोगों की टीबी जांच की है। इसमें नौ हजार टीबी के रोगी मिल चुके हैं। इनमें प्रवासी लोगों की संख्या अधिक है जो कारखानों में काम करते हैं। स्वास्थ्य विभाग उद्यमियों के साथ मिलकर कारखानों में टीबी मुक्त अभियान चला रहा है। फैक्ट्री में टीबी रोगी मिलने पर उनके ठीक होने तक उद्यमी राशन उपलब्ध करा रहे हैं।
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साल दर साल टीबी के मरीजों का ब्योरा-
वर्ष मरीज मौत
2018 2944 120
2019 3585 226
2020 3095 155
2021 3860 157
2022 - 4207 106
2023 4300 95
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2025 तक टीबी मुक्त करेंगे पानीपत : डिप्टी सिविल सर्जन
जिले में टीबी को लेकर गंभीरता से काम हो रहा है। कारखानों में जाकर टीबी के रोगियों को चिह्नित किया गया है। इसमें उद्यमियों का भी सहयोग लिया गया है। इस साल भी कारखानों में टीबी के रोगियों की जांच जारी रहेगी। रिफाइनरी से भी इस अभियान में मदद मिल रही है। उम्मीद है कि 2025 तक पानीपत टीबी मुक्त होगा।
डॉ. ललित वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल