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Panipat News: यमुना का जलस्तर घटते ही तीन गांवों में कटाव तेज
Sat, 19 Sep 2026 02:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sat, 19 Sep 2026 02:50 AM IST
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शुभम।
संवाद न्यूज एजेंसी
सनौली। यमुना का जलस्तर घटते ही तटीय गांव पत्थरगढ़, नवादा-आर और खोजकीपुर में भूमि कटाव तेज हो गया है। पिछले कई दिनों से जारी कटाव के कारण किसानों की उपजाऊ जमीन और फसलें नदी में समा रही हैं। पत्थरगढ़ और नवादा-आर में करीब 12 एकड़
में खड़े पोपलर के पेड़ भी तेज बहाव
में बह गए।
दो दिनों से यमुना का जलस्तर घटकर 228.10 मीटर पर आ गया है। किसानों का आरोप है कि जलस्तर घटने के बाद सिंचाई विभाग ने बाढ़ बचाव कार्य बंद कर दिए हैं, जबकि कटाव की गति बढ़ गई है। नवादा-आर में कटाव वाले स्थान पर गहरी खाई में पानी भरा होने से ट्रैक्टर और बचाव उपकरण भी नहीं पहुंच पा रहे हैं।
पत्थरगढ़ के किसान रमेश कुमार ने बताया कि खेत में लगे पोपलर के दर्जनों पेड़ देखते ही देखते नदी में बह गए। नवादा-आर के सतपाल सिंह ने कहा कि रास्ते में पानी भरा होने के कारण ट्रैक्टर खेतों तक नहीं ले जा पा रहे हैं। बचाव कार्य बंद होने से बची जमीन पर भी खतरा मंडरा रहा है।
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खोजकीपुर के किसान जयपाल ने कहा कि जलस्तर घटने के बाद बचाव कार्य रोक दिए गए, जबकि इसी समय कटाव अधिक हो रहा है। उन्होंने जल्द स्थायी इंतजाम की मांग की। सिंचाई विभाग के एसडीओ सतीश कुमार ने कहा कि जलस्तर काफी कम हो चुका है और इस समय थोड़ा-बहुत कटाव स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी तरह के खतरे की बात नहीं है और विभाग किसानों के साथ खड़ा है।
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सनौली। यमुना का जलस्तर घटते ही तटीय गांव पत्थरगढ़, नवादा-आर और खोजकीपुर में भूमि कटाव तेज हो गया है। पिछले कई दिनों से जारी कटाव के कारण किसानों की उपजाऊ जमीन और फसलें नदी में समा रही हैं। पत्थरगढ़ और नवादा-आर में करीब 12 एकड़
में खड़े पोपलर के पेड़ भी तेज बहाव
में बह गए।
दो दिनों से यमुना का जलस्तर घटकर 228.10 मीटर पर आ गया है। किसानों का आरोप है कि जलस्तर घटने के बाद सिंचाई विभाग ने बाढ़ बचाव कार्य बंद कर दिए हैं, जबकि कटाव की गति बढ़ गई है। नवादा-आर में कटाव वाले स्थान पर गहरी खाई में पानी भरा होने से ट्रैक्टर और बचाव उपकरण भी नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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पत्थरगढ़ के किसान रमेश कुमार ने बताया कि खेत में लगे पोपलर के दर्जनों पेड़ देखते ही देखते नदी में बह गए। नवादा-आर के सतपाल सिंह ने कहा कि रास्ते में पानी भरा होने के कारण ट्रैक्टर खेतों तक नहीं ले जा पा रहे हैं। बचाव कार्य बंद होने से बची जमीन पर भी खतरा मंडरा रहा है।
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खोजकीपुर के किसान जयपाल ने कहा कि जलस्तर घटने के बाद बचाव कार्य रोक दिए गए, जबकि इसी समय कटाव अधिक हो रहा है। उन्होंने जल्द स्थायी इंतजाम की मांग की। सिंचाई विभाग के एसडीओ सतीश कुमार ने कहा कि जलस्तर काफी कम हो चुका है और इस समय थोड़ा-बहुत कटाव स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी तरह के खतरे की बात नहीं है और विभाग किसानों के साथ खड़ा है।

शुभम।