{"_id":"68c86641ee03acb8690efd47","slug":"entrepreneurs-said-centralization-of-economy-is-a-challenge-for-small-scale-industries-panipat-news-c-244-1-pnp1001-143806-2025-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: उद्यमी बोले- लघु उद्योग के सामने अर्थव्यवस्था का केंद्रीकरण चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: उद्यमी बोले- लघु उद्योग के सामने अर्थव्यवस्था का केंद्रीकरण चुनौती
Tue, 16 Sep 2025 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Tue, 16 Sep 2025 12:47 AM IST
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से बात करते लघु उद्योग भारती के प्रदेशाध्यक्ष शुभ आदेश मित्तल। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय उद्यमी सम्मेलन में देशभर से करीब 2500 उद्यमियों ने तीन दिन लघु और मध्यम उद्योग के सामने चुनौतियों और इनके समाधान पर चर्चा की। पहले दो दिन उद्यमियों ने इन पर गहराई से बात की और तीसरे दिन इनका प्रस्ताव अतिथियों को सौंपा। उद्यमियों ने इसमें साफ किया कि लघु उद्योग के सामने अर्थव्यवस्था का केंद्रीकरण बड़ी चुनौती है। उन्होंने इस प्रवृति को बदलने पर जोर दिया। लघु उद्योग भारती की ओर से तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन समालखा के पट्टीकल्याणा स्थित सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र में आयोजित किया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कहा कि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे राष्ट्रीय अभियानों की सफलता में लघु उद्योगों की भूमिका सर्वोपरि है। प्रदेश स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने में देशभर में सातवें स्थान पर आ चुका है। एचएसआईआईडीसी के इंडस्ट्री को-ऑर्डिनेटर सुनील शर्मा ने प्रदेश के उभरते औद्योगिक परिदृश्य पर इनवेस्ट इन हरियाणा इनवेस्ट इन फ्यूचर शीर्षक पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि 19 यूनिकॉर्न प्रदेश में नई पहचान बना रहे हैं। प्रदेश मेडिकल टूरिज्म का हब बनने जा रहा है। मौके पर लघु उद्योग भारती हरियाणा के अध्यक्ष शुभ आदेश मित्तल, महासचिव मनोज रुंगटा, पूर्व लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री प्रकाश चंद्र, राष्ट्रीय महासचिव ओमप्रकाश गुप्ता और भाजपा के प्रभारी सतीश पूनिया उपस्थित रहे।
दुनियाभर में कुछ ही घराने एस्टेट पर कब्जा कर रहे : डॉ. कृष्ण गोपाल
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह एवं लघु उद्योग भारती के पालक अधिकारी डॉ. कृष्ण गोपाल ने सम्मेलन के अंतिम दिन हर विषय के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि देश के केवल 20 शहरों के इन्फ्रास्ट्रक्चर और विकास के लिए सरकार अपने संसाधनों को झोंक रही है। जबकि सात लाख गांवों के विकास के बारे में कोई विजन नहीं है। केवल कुटीर और लघु उद्योगों के सहारे ही बेरोजगारी का सामना कर सकते हैं। उन्होंने पूंजी और उद्योगों के लगातार हो रहे केंद्रीकरण पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि दुनियाभर में कुछ ही घराने एस्टेट पर कब्जा कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति अच्छी नहीं है और इसे बदलने की जरूरत है। उन्होंने राष्ट्र चिंतक पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को साझा किया और कहा कि हर हाथ को काम और हर खेत को पानी मिलना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय उद्यमी सम्मेलन में देशभर से करीब 2500 उद्यमियों ने तीन दिन लघु और मध्यम उद्योग के सामने चुनौतियों और इनके समाधान पर चर्चा की। पहले दो दिन उद्यमियों ने इन पर गहराई से बात की और तीसरे दिन इनका प्रस्ताव अतिथियों को सौंपा। उद्यमियों ने इसमें साफ किया कि लघु उद्योग के सामने अर्थव्यवस्था का केंद्रीकरण बड़ी चुनौती है। उन्होंने इस प्रवृति को बदलने पर जोर दिया। लघु उद्योग भारती की ओर से तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन समालखा के पट्टीकल्याणा स्थित सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र में आयोजित किया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कहा कि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे राष्ट्रीय अभियानों की सफलता में लघु उद्योगों की भूमिका सर्वोपरि है। प्रदेश स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने में देशभर में सातवें स्थान पर आ चुका है। एचएसआईआईडीसी के इंडस्ट्री को-ऑर्डिनेटर सुनील शर्मा ने प्रदेश के उभरते औद्योगिक परिदृश्य पर इनवेस्ट इन हरियाणा इनवेस्ट इन फ्यूचर शीर्षक पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि 19 यूनिकॉर्न प्रदेश में नई पहचान बना रहे हैं। प्रदेश मेडिकल टूरिज्म का हब बनने जा रहा है। मौके पर लघु उद्योग भारती हरियाणा के अध्यक्ष शुभ आदेश मित्तल, महासचिव मनोज रुंगटा, पूर्व लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री प्रकाश चंद्र, राष्ट्रीय महासचिव ओमप्रकाश गुप्ता और भाजपा के प्रभारी सतीश पूनिया उपस्थित रहे।
विज्ञापन
दुनियाभर में कुछ ही घराने एस्टेट पर कब्जा कर रहे : डॉ. कृष्ण गोपाल
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह एवं लघु उद्योग भारती के पालक अधिकारी डॉ. कृष्ण गोपाल ने सम्मेलन के अंतिम दिन हर विषय के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि देश के केवल 20 शहरों के इन्फ्रास्ट्रक्चर और विकास के लिए सरकार अपने संसाधनों को झोंक रही है। जबकि सात लाख गांवों के विकास के बारे में कोई विजन नहीं है। केवल कुटीर और लघु उद्योगों के सहारे ही बेरोजगारी का सामना कर सकते हैं। उन्होंने पूंजी और उद्योगों के लगातार हो रहे केंद्रीकरण पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि दुनियाभर में कुछ ही घराने एस्टेट पर कब्जा कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति अच्छी नहीं है और इसे बदलने की जरूरत है। उन्होंने राष्ट्र चिंतक पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को साझा किया और कहा कि हर हाथ को काम और हर खेत को पानी मिलना चाहिए।
विज्ञापन

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से बात करते लघु उद्योग भारती के प्रदेशाध्यक्ष शुभ आदेश मित्तल। संवाद