{"_id":"5e0f96f08ebc3e87a3595715","slug":"electricity-current-panipat-news-knl17447086","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेसीबी से बिजली का तार टूटकर हाईटेंशन तारों से टकराया, 5 बच्चे व 2 महिला झुलसीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेसीबी से बिजली का तार टूटकर हाईटेंशन तारों से टकराया, 5 बच्चे व 2 महिला झुलसीं
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बलजीत नगर में 132 केवी की हाईटेंशन तारों की चपेट में आने से शुक्रवार को छत पर धूप सेक रहे तीन परिवारों के 5 बच्चे व 2 महिलाएं गंभीर रुप से झुलस गई। एक बच्ची की हालात गंभीर होने पर उसे सिविल अस्पताल से पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। झुलसे बच्चों में ढ़ाई माह, 3 व 4 साल के बच्चे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के दौरान बम जैसे धमाका हुआ, घर के बाहर लगा बिजली मीटर भी दूर जा गिरा, इसके बाद घरों से महिलाओं व बच्चों की चीखें निकली। उन्होंने भागकर घुलसे बच्चों को संभाला और प्राथमिक उपचार के लिए चिकित्सक के पास ले गए। धमाका इतना भयंकर था कि इससे घर की छत, पौड़ियां तक टूट गई।
वहीं लोगों ने बताया कि इससे पहले भी इन हाइटेंशन लाइनों की वजह से कई बार बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनसे लोग गंभीर रूप से घायल तक हो चुके हैं, बावजूद इसके आज तक सैंकड़ों बार शिकायत करने से कोई हल नहीं निकल सका है। इस बारे में बिजली निगम के अधिकारियों से बातीचत की गई तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। वहीं दुर्घटना के बाद लोगों को बिजली निगम या पुलिस को भी शिकायत करने का समय नहीं लग पाया। कॉलोनी में भी भय का माहौल बरकार था। इस बारे में स्थानीय लोगों ने इक्ट्ठा होकर बिजली निगम प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन भी किया।
ऐसे हुआ हादसा
बलजीत नगर की मेन गली में घरों के उपर से 132 केवी हाईटेंशन तारें गुजरती हैं। हादसे वाले मकान की बिजली की तार सामने वाले पोल से निकलकर लगी हुई थी। दोपहर करीब साढ़े 11 बजे एक जेसीबी मशीन गली से गुजरी जो बिजली की तार से टकरा गई। इससे बिजली की तार टूट कर उपर हाईटेंशन तारों से जा टकराई। ठीक उसी समय आस-पास बने दोनों घरों के तीन परिवार छत पर धूप सेक रहे थे। बिजली की तार हाईटेंशन तारों से टकराते ही जोरदार धमाका हुआ, इससे घर की पूरी छत में करंट दौड़ गया। जिससे छत पर बैठी 5 बच्चे व 2 महिलाएं झुलस गए। धमाके में घर के उपर बने बाथरूम व पौड़ियां तक टूट गई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर घायलों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया। दुर्घटना में 10 वर्षीय लाडो गंभीर रुप से जख्मी हो गई, उसे उपचार के लिए सिविल से पीजीआई रेफर कर दिया गया, जबकि अन्य बच्चों को कम चोट आने की वजह से स्थानीय चिक्तिसकों से उपचार करवाया गया।
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बच्चे ने जो कपड़े पहने थे, वो तक जल गए
हादसा इतना खतरनाक था कि छोटी बच्ची फातिमा के कपड़े तक करंट की वजह से जल गए। गनीमत रही कि हादसे में बच्ची की जान बच गई। वहीं घर की केबलें फट गई। दूसरे घर का मीटर बुरी तरह से जल गया। ढ़ाई माह के छोटे से बच्चे सहतीम राजा के पेट व माथा भी झुलस गया।
पहले हादसे में 5 फीट का गड्ढ़ा तक हो चुका है
बलजीत नगर निवासी राजेश ने बताया कि करीब एक साल पहले हुए हादसे में उसकी पत्नि करीब 70 प्रतिशत जल गई थी। वहीं भारत नगर व बलजीत नगर में कई बार हाईटेंशन तारों की वजह से हादसे होते रहते हैं। एक साल पहले हुए हादसे में जमीन में 5 फीट तक का गड्ढ़ा भी हो चुका है। वहीं एक हादसे में एक बच्चे की मौत तक हो चुकी है।
बिजली निगम से नहीं ली किसी ने सुध
हादसें की सूचना शहर में आग की तरफ फैल गई, वहीं बिजली निगम के किसी भी अधिकारी व कर्मचारी ने देर शाम तक भी किसी भी घायल का हाल जानना तक मुनासिब नहीं समझा। इससे भी लोगों में बिजली निगम के प्रति खासी नाराजगी देखने को मिली है।
ये झुलसे ओर यहां लगी चोट
1- सरिअम खातून, उम्र 25 वर्ष- दोनों हाथ व शरीर के अन्य भाग झुलसे।
2.- फातिमा खातून, उम्र 4 वर्ष- दोनों हाथ झुलसे।
3.- गुलशन,श् उम्र 3 वर्ष- दायं हाथ झुलसा।
4.- सबाना उर्फ लाडो, उम्र 10 वर्ष- एक पैर व कमर से लेकर उपर तक का लगभग पूरा शरीर झुलसा।
5.- सहतीम राजा, उम्र ढ़ाई महीने- पेट व सिर पर चोटें आई।
6.- शबाना 32 वर्ष- गर्दन झुलसी।
7.- सानिया, उम्र 12 वर्ष- दोनों हाथों की उंगुलियां झुलसी।
अधिकारी टालते रहे एक दूसरे पर, लाइन तक नहीं हो पाई कंफर्म
इस बारे में छाजपुर एसडीओ अशोक शर्मा, एक्सईएन धर्मबीर छिक्कारा ने बताया कि संबंधित लाइन 132 केवी की है, जो उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आती, इसलिए वे इस मसले पर कुछ नहीं कह सकते। वहीं जब इस बारे में एक्सईएन विनय जैन से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि ये सूचना गलत है कि लाइन 132 केवी की है। क्योंकि अगर ऐसा हादसा होता तो उनके लाइन ट्रिप होती, जो नहीं हुई। ये लाइन 11 या 33 केवी की होगी। इसलिए संबंधित एसडीओ या एक्सईएन ही इसकी जानकारी दे सकते हैं। खास बात देखने में ये आई कि बिजली निगम का कोई भी अधिकारी मौके पर घायलों का हाल देखने या लाइन का मुआयना करने तक नहीं पहुुंचा। उन्हें या तो अपनी लाइन के वोल्टेज नहीं पता या वे इस मामले पर अपनी जिम्मेदारी लेने से बच रहे हैं।
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वहीं लोगों ने बताया कि इससे पहले भी इन हाइटेंशन लाइनों की वजह से कई बार बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनसे लोग गंभीर रूप से घायल तक हो चुके हैं, बावजूद इसके आज तक सैंकड़ों बार शिकायत करने से कोई हल नहीं निकल सका है। इस बारे में बिजली निगम के अधिकारियों से बातीचत की गई तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। वहीं दुर्घटना के बाद लोगों को बिजली निगम या पुलिस को भी शिकायत करने का समय नहीं लग पाया। कॉलोनी में भी भय का माहौल बरकार था। इस बारे में स्थानीय लोगों ने इक्ट्ठा होकर बिजली निगम प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन भी किया।
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ऐसे हुआ हादसा
बलजीत नगर की मेन गली में घरों के उपर से 132 केवी हाईटेंशन तारें गुजरती हैं। हादसे वाले मकान की बिजली की तार सामने वाले पोल से निकलकर लगी हुई थी। दोपहर करीब साढ़े 11 बजे एक जेसीबी मशीन गली से गुजरी जो बिजली की तार से टकरा गई। इससे बिजली की तार टूट कर उपर हाईटेंशन तारों से जा टकराई। ठीक उसी समय आस-पास बने दोनों घरों के तीन परिवार छत पर धूप सेक रहे थे। बिजली की तार हाईटेंशन तारों से टकराते ही जोरदार धमाका हुआ, इससे घर की पूरी छत में करंट दौड़ गया। जिससे छत पर बैठी 5 बच्चे व 2 महिलाएं झुलस गए। धमाके में घर के उपर बने बाथरूम व पौड़ियां तक टूट गई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर घायलों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया। दुर्घटना में 10 वर्षीय लाडो गंभीर रुप से जख्मी हो गई, उसे उपचार के लिए सिविल से पीजीआई रेफर कर दिया गया, जबकि अन्य बच्चों को कम चोट आने की वजह से स्थानीय चिक्तिसकों से उपचार करवाया गया।
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बच्चे ने जो कपड़े पहने थे, वो तक जल गए
हादसा इतना खतरनाक था कि छोटी बच्ची फातिमा के कपड़े तक करंट की वजह से जल गए। गनीमत रही कि हादसे में बच्ची की जान बच गई। वहीं घर की केबलें फट गई। दूसरे घर का मीटर बुरी तरह से जल गया। ढ़ाई माह के छोटे से बच्चे सहतीम राजा के पेट व माथा भी झुलस गया।
पहले हादसे में 5 फीट का गड्ढ़ा तक हो चुका है
बलजीत नगर निवासी राजेश ने बताया कि करीब एक साल पहले हुए हादसे में उसकी पत्नि करीब 70 प्रतिशत जल गई थी। वहीं भारत नगर व बलजीत नगर में कई बार हाईटेंशन तारों की वजह से हादसे होते रहते हैं। एक साल पहले हुए हादसे में जमीन में 5 फीट तक का गड्ढ़ा भी हो चुका है। वहीं एक हादसे में एक बच्चे की मौत तक हो चुकी है।
बिजली निगम से नहीं ली किसी ने सुध
हादसें की सूचना शहर में आग की तरफ फैल गई, वहीं बिजली निगम के किसी भी अधिकारी व कर्मचारी ने देर शाम तक भी किसी भी घायल का हाल जानना तक मुनासिब नहीं समझा। इससे भी लोगों में बिजली निगम के प्रति खासी नाराजगी देखने को मिली है।
ये झुलसे ओर यहां लगी चोट
1- सरिअम खातून, उम्र 25 वर्ष- दोनों हाथ व शरीर के अन्य भाग झुलसे।
2.- फातिमा खातून, उम्र 4 वर्ष- दोनों हाथ झुलसे।
3.- गुलशन,श् उम्र 3 वर्ष- दायं हाथ झुलसा।
4.- सबाना उर्फ लाडो, उम्र 10 वर्ष- एक पैर व कमर से लेकर उपर तक का लगभग पूरा शरीर झुलसा।
5.- सहतीम राजा, उम्र ढ़ाई महीने- पेट व सिर पर चोटें आई।
6.- शबाना 32 वर्ष- गर्दन झुलसी।
7.- सानिया, उम्र 12 वर्ष- दोनों हाथों की उंगुलियां झुलसी।
अधिकारी टालते रहे एक दूसरे पर, लाइन तक नहीं हो पाई कंफर्म
इस बारे में छाजपुर एसडीओ अशोक शर्मा, एक्सईएन धर्मबीर छिक्कारा ने बताया कि संबंधित लाइन 132 केवी की है, जो उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आती, इसलिए वे इस मसले पर कुछ नहीं कह सकते। वहीं जब इस बारे में एक्सईएन विनय जैन से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि ये सूचना गलत है कि लाइन 132 केवी की है। क्योंकि अगर ऐसा हादसा होता तो उनके लाइन ट्रिप होती, जो नहीं हुई। ये लाइन 11 या 33 केवी की होगी। इसलिए संबंधित एसडीओ या एक्सईएन ही इसकी जानकारी दे सकते हैं। खास बात देखने में ये आई कि बिजली निगम का कोई भी अधिकारी मौके पर घायलों का हाल देखने या लाइन का मुआयना करने तक नहीं पहुुंचा। उन्हें या तो अपनी लाइन के वोल्टेज नहीं पता या वे इस मामले पर अपनी जिम्मेदारी लेने से बच रहे हैं।