{"_id":"5e10d2a28ebc3e87b368a065","slug":"electricity-current-electricity-teft-panipat-news-knl175455136","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिसंबर माह में पकड़े बिजली चोरी के सवा चार सौ केस, 1 करोड़ से अधिक का जुर्माना,","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिसंबर माह में पकड़े बिजली चोरी के सवा चार सौ केस, 1 करोड़ से अधिक का जुर्माना,
विज्ञापन
बिजली निगम ने जिले में दिसंबर माह में 428 बिजली चोरी के केस पकड़े, इन पर एक करोड़ 4 लाख से अधिक का जुर्माना भी लगाया, इनसे 84 लाख से भी ज्यादा रिकवरी भी कर ली है। जिले में सबसे ज्यादा बिजली चोरी के केस सब अर्बन डिविजन में सामने आए हैं, जबकि सबसे कम बिजली चोरी सिटी डिविजन में हुई है। निगम अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार अकेले दिसंबर माह में बिजली चोरों पर लगाए गए जुर्माने की रकम साल में सबसे ज्यादा प्रतिशत रिकवर की गई है। वहीं सर्दी की वजह से बिजली चोरी भी कम हो रही है। अधिकारियों की मानें तो बिजली की खपत गर्मी के मौसम में ज्यादा होती है। इसके बावजूद भी उन्होंने चैकिंग अभियान चलाते हुए महीने में चार सौ से भी ज्यादा बिजली चोरी के केस पकड़े, उन पर जुुर्माना किया ओर वसूल भी किया। वहीं बिजली चोरी के इस अभियान में छापेमारी का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
ग्रामीण एरिया में शहर की तुलना अधिक चोरी-
सब अर्बन डिविजन के अंतर्गत शहर के साथ लगता ग्रामीण एरिया आता है। वहीं कुछ ऑटर कॉलोनियां भी इस डिविजन के अधीन है। यहां दिसंबर में सबसे ज्यादा बिजली चोरी पकड़ी गई। यहां कुल 187 केस पकड़े गए, इन पर 46.69 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया व 54.71 लाख रुपये वसूल भी किए जा चुके हैं। तीनों डिविजन में सबसे ज्यादा चोरी व वसूली इस डिविजन के अंतर्गत हुई है।
वहीं समालखा डिविजन के अंतर्गत 124 केस सामने आए, इनपर 36.22 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया जबकि वसूली 18.93 लाख रुपये तक ही हो पाई है। इसके बाद सिटी डिविजन में जिले में सबसे कम चोरी हुई है। इसमें कुल 117 केस पकड़े गए, इनपर 21.58 लाख रुपये जुर्माना लगाकर 10.37 लाख रुपये वसूली की जा चुकी है।
विज्ञापन
जारी रहेगी छापामारी
बिजली चोरी को रोकने के लिए निगम टीम हमेशा तत्पर है। चोरी को रोकने के लिए टीम निरंतर छापेमारी करती आई है, जोकि आगे भी जारी रहेगी। दिसंबर माह में एक करोड़ रुपये से अधिक की चोरी पकड़ी जा चुकी है, वहीं इनसे 84 लाख रुपये की वसूली भी हो चुकी है।
-जेएस नारा, एसई, बिजली निगम, पानीपत।
विज्ञापन
ग्रामीण एरिया में शहर की तुलना अधिक चोरी-
सब अर्बन डिविजन के अंतर्गत शहर के साथ लगता ग्रामीण एरिया आता है। वहीं कुछ ऑटर कॉलोनियां भी इस डिविजन के अधीन है। यहां दिसंबर में सबसे ज्यादा बिजली चोरी पकड़ी गई। यहां कुल 187 केस पकड़े गए, इन पर 46.69 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया व 54.71 लाख रुपये वसूल भी किए जा चुके हैं। तीनों डिविजन में सबसे ज्यादा चोरी व वसूली इस डिविजन के अंतर्गत हुई है।
विज्ञापन
वहीं समालखा डिविजन के अंतर्गत 124 केस सामने आए, इनपर 36.22 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया जबकि वसूली 18.93 लाख रुपये तक ही हो पाई है। इसके बाद सिटी डिविजन में जिले में सबसे कम चोरी हुई है। इसमें कुल 117 केस पकड़े गए, इनपर 21.58 लाख रुपये जुर्माना लगाकर 10.37 लाख रुपये वसूली की जा चुकी है।
विज्ञापन
जारी रहेगी छापामारी
बिजली चोरी को रोकने के लिए निगम टीम हमेशा तत्पर है। चोरी को रोकने के लिए टीम निरंतर छापेमारी करती आई है, जोकि आगे भी जारी रहेगी। दिसंबर माह में एक करोड़ रुपये से अधिक की चोरी पकड़ी जा चुकी है, वहीं इनसे 84 लाख रुपये की वसूली भी हो चुकी है।
-जेएस नारा, एसई, बिजली निगम, पानीपत।