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अब बिजली चोरों को पकड़ने की बजाए उन्हें बचाने लगे निगम के अफसर
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बिजली निगम के कुछ अधिकारी बिजली चोरी पकड़ने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं, वहीं, कुछ अधिकारी बिजली चोरों को बचाने पर जुटे हैं। ऐसा ही एक अजीबोगरीब मामला गोहाना रोड बिजली निगम के मॉडल टाउन सब डिविजन में सामने आया है, जिसमें एक शिकायत पर बिजली चोरी के केस में अधिकारियों ने एलएलवन पर्चे को इस कदर भरा कि बिजली चोर को जुर्माना ही न भरना पड़ा। इस एलएलवन को कुछ जेई द्वारा कुछ ऐसे भरा गया है कि इसमें न बिजली चोर का नाम है, न समय, न मीटर उतारने का जिक्र है, न वाहन प्रयोग का ब्यौरा। इस एलएलवन के फर्जीवाड़े को सब डिविजन के ही सीए ने पकड़, इसकी शिकायत एसडीओ को भी दी, लेकिन इसके एक माह बाद भी भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाई।
एसडीओ ने भी मामले को बखूबी दबाने का प्रयास किया और एक माह बाद भी एलएलवन की जांच करने का बहाना बना दिया। वहीं जिस जेई ने इस एलएलवन को भरा उसने सीए पर इस पर चुप्पी साधने का दबाव बनाया। जब सीए चुप नहीं हुए तो सीए की टांग तोड़ने और जान से मारने तक धमकी तक दे डाली। सीए ने इसकी भी शिकायत एसडीओ से की, लेकिन एसडीओ की तरफ से कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। जिसके बाद अब सीए ने निगम के आला अधिकारियों को इसके बारे में सूचित करवाकर निगम में चल रहे फर्जीवाड़े से अवगत करवाया है।
ऐसे पकड़ में आया एलएलवन के फर्जीवाड़े का मामला : मॉडल टाउन सब डिविजन के सीए आरआर वर्मा ने एसडीओ को सौंपी अपनी शिकायत में बताया कि एक जागरूक नागरिक की बिजली चोरी की शिकायत पर सब डिविजन के ही एक जेई ने 27 जून 2020 को एक बिजली चोरी पकड़ी, लेकिन इसकी एलएलवन को नियमों को ताक पर ऐसे भरा कि जिससे बिजली चोर को इससे कोई फर्क ही न पड़ सके। इस एलएलवन का नंबर 20/936 दिया गया है, जिसमें चोरी का रेखा चित्र नहीं है, चोरी के तरीकों का विवरण नहीं है, चेकलिस्ट के सभी कॉलम खाली हैं, सीज किए गए उपकरणों का कॉलम खाली है, चोरी पकड़ने का समय तक अंकित नहीं है, मीटर तक नहीं उतारा गया, वीडियोग्राफी तक नहीं बनाई गई, चोरी में निगम के वाहन का जिक्र नहीं है, गिरफ्तारी से बचाने के लिए बिजली चोर का नाम तक एलएलवन में नहीं भरा गया है। जिसे सीए आरआर वर्मा ने पकड़ लिया था।
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चुप्पी साधने का बनाया दबाव, जान से मारने की धमकी भी दी : उन्होंने इस एलएलवन को देखा तो इसकी बार-बार लिखित और मौखिक शिकायत एसडीओ को की गई, लेकिन एक माह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। इसके बाद इस शिकायत पर चुप्पी साधने के लिए संबंधित जेई ने उन्हें कार्यालय में उनकी टांग तोड़ने के साथ उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। इसकी भी शिकायत सीए ने एसडीओ को दी, लेकिन इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।
निगम अधिकारियों पर फर्जीवाड़ा करने और कार्रवाई न करने के लगाए आरोप : मॉडल टाउन डिविजन के सीए आरआर वर्मा ने शिकायत पत्र में साफ कहा कि जेई द्वारा एलएलवन को इस प्रकार से भरा गया है कि बिजली चोर को गिरफ्तारी व जुर्माने से बचाया जा सके। इस फर्जीवाड़े का खुलासा उन्होंने खुद करते हुए इसकी शिकायत भी की, लेकिन बावजूद इसके उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई करने की बजाए इसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
पहले किया मना, फिर बोले- जांच चल रही है : इस बारे में माडल टॉउन के एसडीओ परमिंद्र कौशल से बातचीत की गई तो उन्होंने इस मामले की जानकारी होने से ही साफ मना कर दिया। जब उन्हें बताया गया कि खुद सीए ने इसकी शिकायत उन्हें दी है तो उन्होंने कहा कि इसकी जांच चल रही है। वहीं इस संबंध में संबंधित जेई से भी बातचीत की गई तो उन्होंने इस मामले पर हैरानी भरे शब्दों में जानकारी होने से ही मना कर दिया।
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एसडीओ ने भी मामले को बखूबी दबाने का प्रयास किया और एक माह बाद भी एलएलवन की जांच करने का बहाना बना दिया। वहीं जिस जेई ने इस एलएलवन को भरा उसने सीए पर इस पर चुप्पी साधने का दबाव बनाया। जब सीए चुप नहीं हुए तो सीए की टांग तोड़ने और जान से मारने तक धमकी तक दे डाली। सीए ने इसकी भी शिकायत एसडीओ से की, लेकिन एसडीओ की तरफ से कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। जिसके बाद अब सीए ने निगम के आला अधिकारियों को इसके बारे में सूचित करवाकर निगम में चल रहे फर्जीवाड़े से अवगत करवाया है।
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ऐसे पकड़ में आया एलएलवन के फर्जीवाड़े का मामला : मॉडल टाउन सब डिविजन के सीए आरआर वर्मा ने एसडीओ को सौंपी अपनी शिकायत में बताया कि एक जागरूक नागरिक की बिजली चोरी की शिकायत पर सब डिविजन के ही एक जेई ने 27 जून 2020 को एक बिजली चोरी पकड़ी, लेकिन इसकी एलएलवन को नियमों को ताक पर ऐसे भरा कि जिससे बिजली चोर को इससे कोई फर्क ही न पड़ सके। इस एलएलवन का नंबर 20/936 दिया गया है, जिसमें चोरी का रेखा चित्र नहीं है, चोरी के तरीकों का विवरण नहीं है, चेकलिस्ट के सभी कॉलम खाली हैं, सीज किए गए उपकरणों का कॉलम खाली है, चोरी पकड़ने का समय तक अंकित नहीं है, मीटर तक नहीं उतारा गया, वीडियोग्राफी तक नहीं बनाई गई, चोरी में निगम के वाहन का जिक्र नहीं है, गिरफ्तारी से बचाने के लिए बिजली चोर का नाम तक एलएलवन में नहीं भरा गया है। जिसे सीए आरआर वर्मा ने पकड़ लिया था।
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चुप्पी साधने का बनाया दबाव, जान से मारने की धमकी भी दी : उन्होंने इस एलएलवन को देखा तो इसकी बार-बार लिखित और मौखिक शिकायत एसडीओ को की गई, लेकिन एक माह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। इसके बाद इस शिकायत पर चुप्पी साधने के लिए संबंधित जेई ने उन्हें कार्यालय में उनकी टांग तोड़ने के साथ उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। इसकी भी शिकायत सीए ने एसडीओ को दी, लेकिन इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।
निगम अधिकारियों पर फर्जीवाड़ा करने और कार्रवाई न करने के लगाए आरोप : मॉडल टाउन डिविजन के सीए आरआर वर्मा ने शिकायत पत्र में साफ कहा कि जेई द्वारा एलएलवन को इस प्रकार से भरा गया है कि बिजली चोर को गिरफ्तारी व जुर्माने से बचाया जा सके। इस फर्जीवाड़े का खुलासा उन्होंने खुद करते हुए इसकी शिकायत भी की, लेकिन बावजूद इसके उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई करने की बजाए इसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
पहले किया मना, फिर बोले- जांच चल रही है : इस बारे में माडल टॉउन के एसडीओ परमिंद्र कौशल से बातचीत की गई तो उन्होंने इस मामले की जानकारी होने से ही साफ मना कर दिया। जब उन्हें बताया गया कि खुद सीए ने इसकी शिकायत उन्हें दी है तो उन्होंने कहा कि इसकी जांच चल रही है। वहीं इस संबंध में संबंधित जेई से भी बातचीत की गई तो उन्होंने इस मामले पर हैरानी भरे शब्दों में जानकारी होने से ही मना कर दिया।