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Panipat News: बुजुर्गों की बार-बार टूट रही नींद, बढ़ रहा मानसिक विकार
Fri, 16 Jan 2026 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Fri, 16 Jan 2026 01:45 AM IST
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जिला नागरिक अस्पताल में पंजीकरण के लिए लाइन में लगे मरीज। संवाद
पानीपत। बुजुर्गों की बार-बार नींद टूट रही है। रात को देर से सोना और सुबह जल्दी उठने से उनमें मानसिक विकार बढ़ रहे हैं। सामान्य बुजुर्गों में 50 वर्ष की आयु के बाद नींद की समस्या बढ़ रही है। इससे बुजुर्गों के सोचने की क्षमता और व्यवहार पर सीधा असर पड़ रहा है। जिला नागरिक अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ के पास सप्ताह में नींद की समस्या से परेशान तीन से चार मरीज पहुंचने लगे हैं। चिकित्सक काउंसलिंग कर उन्हें दवा के साथ घूमने-फिरने की सलाह दे रहे हैं।
बुजुर्गों में 50 वर्ष की आयु के बाद पर्याप्त नींद न ले पाने की समस्या बढ़ रही है। चिकित्सक इसका मुख्य कारण बुजुर्गों का शारीरिक गतिविधियों में कम भाग लेना और अकेलापन बता रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ के काउंसलर विनोद ने बताया कि जिला नागरिक अस्पताल में एक सप्ताह में तीन से चार मरीज नींद की समस्या के पहुंचने लगे हैं जिसमें 50 वर्ष से ज्यादा आयु के व्यक्ति ही शामिल हैं। बुजुर्ग अकेलेपन का शिकार होकर अवसाद के ग्रस्त हो रहे हैं जिससे उनमें नींद की समस्या बढ़ रही है या वो बुजुर्ग नींद की समस्या से ग्रस्त हो रहे हैं जो शारीरिक गतिविधियां कम कर रहे हैं। शारीरिक गतिविधियां कम करने से बुजुर्गों में थकावट कर होती है जिससे उन्हें पर्याप्त नींद नहीं मिल रही है। पर्याप्त नींद न लेने से बुजुर्गों में अवसाद, चिंता, घबराहट जैसी समस्या बढ़ रही हैं जिससे उनका दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है। बुजुर्गों को चाहिए कि वे अपनी क्षमतानुसार सुबह-शाम सैर और शारीरिक गतिविधियां करें।
50 वर्ष की आयु के बाद नींद की समस्या बढ़ जाती है क्योंकि इस उम्र में व्यक्ति शारीरिक गतिविधियां कम कर देता है। व्यक्ति को जब तक संभव हो शारीरिक गतिविधियां, सैर करना, घूमना-फिरना करते रहना चाहिए इससे व्यक्ति अकेलेपन का शिकार नहीं होगा और वह उम्र के अनुसार पर्याप्त नींद भी ले पाएगा।
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- डॉ. मोना नागपाल, मनोरोग विशेषज्ञ जिला नागरिक अस्पताल।
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बुजुर्गों में 50 वर्ष की आयु के बाद पर्याप्त नींद न ले पाने की समस्या बढ़ रही है। चिकित्सक इसका मुख्य कारण बुजुर्गों का शारीरिक गतिविधियों में कम भाग लेना और अकेलापन बता रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ के काउंसलर विनोद ने बताया कि जिला नागरिक अस्पताल में एक सप्ताह में तीन से चार मरीज नींद की समस्या के पहुंचने लगे हैं जिसमें 50 वर्ष से ज्यादा आयु के व्यक्ति ही शामिल हैं। बुजुर्ग अकेलेपन का शिकार होकर अवसाद के ग्रस्त हो रहे हैं जिससे उनमें नींद की समस्या बढ़ रही है या वो बुजुर्ग नींद की समस्या से ग्रस्त हो रहे हैं जो शारीरिक गतिविधियां कम कर रहे हैं। शारीरिक गतिविधियां कम करने से बुजुर्गों में थकावट कर होती है जिससे उन्हें पर्याप्त नींद नहीं मिल रही है। पर्याप्त नींद न लेने से बुजुर्गों में अवसाद, चिंता, घबराहट जैसी समस्या बढ़ रही हैं जिससे उनका दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है। बुजुर्गों को चाहिए कि वे अपनी क्षमतानुसार सुबह-शाम सैर और शारीरिक गतिविधियां करें।
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50 वर्ष की आयु के बाद नींद की समस्या बढ़ जाती है क्योंकि इस उम्र में व्यक्ति शारीरिक गतिविधियां कम कर देता है। व्यक्ति को जब तक संभव हो शारीरिक गतिविधियां, सैर करना, घूमना-फिरना करते रहना चाहिए इससे व्यक्ति अकेलेपन का शिकार नहीं होगा और वह उम्र के अनुसार पर्याप्त नींद भी ले पाएगा।
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- डॉ. मोना नागपाल, मनोरोग विशेषज्ञ जिला नागरिक अस्पताल।