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पंचकूला से इखलाक पहुंचा पानीपत, रेलवे ट्रैक पर मिले हाथ से डीएनए मिलान को आज लेंगे सैंपल
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किशनपुरा में 23 अगस्त की रात को पार्क में विवाद के बाद इखलाक को प्रताड़ना देने और आरा मशीन से हाथ काटने के मामले में डीएनएन टेस्ट की रिपोर्ट अहम किरदार निभाएगी। वारदात से 15 दिन तक इखलाक का हाथ गायब था और पांच दिन पहले शनिवार को रेलवे ट्रैक पर कोहनी से कटा दाहिना हाथ मिला था। यह हाथ इखलाक का है या नहीं, इसकी जांच के लिए डीएनए टेस्ट होगा है। डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल देने के लिए इखलाक वीरवार को पंचकूला से अपने भाई के साथ पानीपत पहुंचा। वीरवार को एफएसएल की टीम हाथ और इखलाक के सैंपल लेकर जांच के लिए मधुबन लैब भेजेगी। अगर डीएनए मिलान हो गया तो इखलाक के हाथ की तलाश पूरी हो जाएगी।
बता दें कि सहारनपुर के गांव ननौता निवासी बार्बर इखलाक सलमानी के भाई इकराम सलमानी ने आरोप लगाया कि पानीपत पुलिस ने उनके साथ नाइंसाफी की है। वारदात को रेलवे हादसा दिखाया, जिसका पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के दौरान पता चला। जहां इलाज के नाम पर सिर्फ पट्टी बदली जा रही थी। जिसके बाद भाई को पंचकूला के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां लगातार कोरोना के केस बढ़ने की वजह से इखलाक को छुट्टी दे दी और कहा कि वह भी सिर्फ पट्टी ही बदल सकते हैं। जिसके बाद वह इखलाक को लेकर पानीपत आ गए।
मुंबई जाकर कराएंगे इखलाक का इलाज : भाई
इकराम सलमानी ने बताया कि पानीपत पुलिस को एक हाथ मिला है, जिसका उन्हें डीएनए से मिलान कराना है। उनके पास लगातार पानीपत पुलिस के कॉल आ रहे थे। वे डॉक्टरों को कॉल कर भी इकलाख की स्थिति जान रहे थे। ऐसे में सैंपल देने के बाद सामान्य अस्पताल पानीपत में डॉक्टरों को दिखाएंगे और उनकी सलाह के बाद मुंबई जाकर इखलाक का इलाज कराएंगे। फिलहाल इखलाक की हालत में नहीं सुधार नहीं हो रहा है।
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25 अगस्त से पांच दिन तक रेलवे ट्रैक पर खोजा था हाथ, तब नहीं मिला था
भाई इकराम सलमानी ने बताया कि दोस्त नदीम सलमानी के साथ तीन दिन और पुलिस के साथ दो दिन रेलवे ट्रैक के 10 किलोमीटर क्षेत्र में हाथ खोजा था, लेकिन तब कहीं भी मिला। गत शनिवार को अचानक अब हाथ मिला है।
वीरवार को इखलाक पानीपत आ गया है। शुक्रवार को इखलाक व जो हाथ मिला है, दोनों का सैंपल लेकर डीएनए टेस्ट लिए भेजा जाएगा। -अंकित कुमार, चांदनीबाग थाना प्रभारी।
इस वजह से इखलाक का हाथ होने की संभावना
पुलिस के मुताबिक इखलाक का दाहिना हाथ कोहनी से कटा है और रेलवे ट्रैक पर भी कोहनी से कटा दाहिना हाथ ही मिला है। इसके अलावा हाथ के पास से कुछ सूखा मास भी मिला है, जिसको भी एफएसएल की टीम ने अपनी जांच में शामिल किया है।
ये था मामला
इखलाक का काम लॉकडाउन के दौरान बंद हो गया था, जिस पर वह पानीपत निवासी जानकारों के पास काम की तलाश में आया था। उसके भाई के मुताबिक वह किशनपुरा में पार्क में बैठा था। रात करीब आठ बजे नशे में धुत दो लोग आए और उसके साथ गाली गलौज करने लगे। इखलाक ने इसका विरोध किया। दोनों युवक कुछ देर बाद पांच से छह लोगों के साथ दोबारा आए, उनमें दो महिलाएं भी थीं। वे इखलाक को घसीटकर अपनी डेयरी में ले गए, जहां आरा मशीन से उसका हाथ काट दिया। शरीर में लकड़ियां घुसाई, जिससे छेद हो गए। बेहोश होने पर मरा हुआ समझकर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया।
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बता दें कि सहारनपुर के गांव ननौता निवासी बार्बर इखलाक सलमानी के भाई इकराम सलमानी ने आरोप लगाया कि पानीपत पुलिस ने उनके साथ नाइंसाफी की है। वारदात को रेलवे हादसा दिखाया, जिसका पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के दौरान पता चला। जहां इलाज के नाम पर सिर्फ पट्टी बदली जा रही थी। जिसके बाद भाई को पंचकूला के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां लगातार कोरोना के केस बढ़ने की वजह से इखलाक को छुट्टी दे दी और कहा कि वह भी सिर्फ पट्टी ही बदल सकते हैं। जिसके बाद वह इखलाक को लेकर पानीपत आ गए।
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मुंबई जाकर कराएंगे इखलाक का इलाज : भाई
इकराम सलमानी ने बताया कि पानीपत पुलिस को एक हाथ मिला है, जिसका उन्हें डीएनए से मिलान कराना है। उनके पास लगातार पानीपत पुलिस के कॉल आ रहे थे। वे डॉक्टरों को कॉल कर भी इकलाख की स्थिति जान रहे थे। ऐसे में सैंपल देने के बाद सामान्य अस्पताल पानीपत में डॉक्टरों को दिखाएंगे और उनकी सलाह के बाद मुंबई जाकर इखलाक का इलाज कराएंगे। फिलहाल इखलाक की हालत में नहीं सुधार नहीं हो रहा है।
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25 अगस्त से पांच दिन तक रेलवे ट्रैक पर खोजा था हाथ, तब नहीं मिला था
भाई इकराम सलमानी ने बताया कि दोस्त नदीम सलमानी के साथ तीन दिन और पुलिस के साथ दो दिन रेलवे ट्रैक के 10 किलोमीटर क्षेत्र में हाथ खोजा था, लेकिन तब कहीं भी मिला। गत शनिवार को अचानक अब हाथ मिला है।
वीरवार को इखलाक पानीपत आ गया है। शुक्रवार को इखलाक व जो हाथ मिला है, दोनों का सैंपल लेकर डीएनए टेस्ट लिए भेजा जाएगा। -अंकित कुमार, चांदनीबाग थाना प्रभारी।
इस वजह से इखलाक का हाथ होने की संभावना
पुलिस के मुताबिक इखलाक का दाहिना हाथ कोहनी से कटा है और रेलवे ट्रैक पर भी कोहनी से कटा दाहिना हाथ ही मिला है। इसके अलावा हाथ के पास से कुछ सूखा मास भी मिला है, जिसको भी एफएसएल की टीम ने अपनी जांच में शामिल किया है।
ये था मामला
इखलाक का काम लॉकडाउन के दौरान बंद हो गया था, जिस पर वह पानीपत निवासी जानकारों के पास काम की तलाश में आया था। उसके भाई के मुताबिक वह किशनपुरा में पार्क में बैठा था। रात करीब आठ बजे नशे में धुत दो लोग आए और उसके साथ गाली गलौज करने लगे। इखलाक ने इसका विरोध किया। दोनों युवक कुछ देर बाद पांच से छह लोगों के साथ दोबारा आए, उनमें दो महिलाएं भी थीं। वे इखलाक को घसीटकर अपनी डेयरी में ले गए, जहां आरा मशीन से उसका हाथ काट दिया। शरीर में लकड़ियां घुसाई, जिससे छेद हो गए। बेहोश होने पर मरा हुआ समझकर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया।