{"_id":"58bdafba4f1c1b5d73dc44f4","slug":"dristic-police-after-cid-inspector","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला पुलिस के बाद अब सीआईडी इंस्पेक्टर नपे, जिले से ही बाहर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला पुलिस के बाद अब सीआईडी इंस्पेक्टर नपे, जिले से ही बाहर
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Tue, 07 Mar 2017 12:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। पुलिस अधिकारियों पर कई दिन से चल रही कलम की कार्रवाई में अब सीआईडी इंस्पेक्टर भी नप गए। आला अधिकारियों ने इंस्पेक्टर योगेश कुमार का पानीपत से ही तबादला कर दिया। उनकी जगह कुरुक्षेत्र से सीआईडी इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार को पानीपत भेजा गया है। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान सीआईडी के इंस्पेक्टर का तबादला होने से चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
पुलिस के आला अधिकारी ने बताया कि पानीपत सीआईडी इंस्पेक्टर योगेश कुमार का तबादला कर दिया गया है। उनको पानीपत से कुरुक्षेत्र भेजा गया है। पानीपत में सीआईडी इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी नरेंद्र कुमार को दी है। नरेंद्र कुमार इससे पहले सीआईडी कुुरुक्षेत्र में इंस्पेक्टर थे। बता दें कि योगेश कुमार की जिला पुलिस से सीआईडी में पहली पोस्टिंग पानीपत में ही थी। वे इससे पहले पानीपत और घरौंडा में थाना प्रभारी रहे हैं। अधिकारियों ने इंस्पेक्टर योगेश कुमार का पानीपत से तबादला करने के कारण स्पष्ट नहीं किए हैं। सीआईडी के ही कुछ जानकारों का मानना है कि हाल में चल रहे जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान सीआईडी से कुछ गलत रिपोर्टिंग हुई है। ऐसा मानना है कि सीआईडी इंस्पेक्टर के तबादले का यही कारण है।
पिछले दिनों से पुलिस अधिकारियों पर लगातार हो रही है कार्रवाई
जिला पुलिस अधिकारियों पर पिछले एक सप्ताह से कार्रवाई हो रही है। इसके तहत सबसे बड़ी कार्रवाई रविवार को महिला थाना प्रभारी मीना कुमारी को लाइन हाजिर करने और अतिरिक्त प्रभारी सब-इंस्पेक्टर नीलम से उनका चार्ज वापस लेकर की गई थी। आरोप था कि महिला थाने में ब्लैकमेल करने के मामले में फंसी एक महिला ने थाने में ही फंदा लगाकर खुदकुशी की कोशिश की थी। मामले को दबाने के लिए दौरान मीडियाकर्मियों से भी बदसलूकी कर दी गई। इससे पहले तहसील कैंप में जमीन के एक विवाद में 30 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोपी एएसआई बृजपाल को बर्खास्त कर दिया गया था। 28 फरवरी को पानीपत-रोहतक हाईवे पर डाहर चौक पर भाजपा के हांसी नेता विक्रांत धमीजा के साथ थाना इसराना में तैनात हवलदार जसबीर को सस्पेंड कर दिया था। थाना मतलौडा पुलिस ने दो किलोग्राम चरस को 190 ग्राम दिखाने के मामले में मतलौडा थाना के तत्कालीन प्रभारी इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह का साथ देने वाले सिपाही जयबीर को 28 फरवरी को ही गिरफ्तार किया था। जयबीर ने आठ लाख रुपये की इस डील में बिचौलिए की भूमिका निभाई थी। इसके साथ ही एसपी ने गत दिनों सीआईए-वन प्रभारी इंस्पेक्टर दीपक के काम से नाराज होकर उन्हें एसपी कार्यालय में तलब कर लिया था। सीआईए-वन में जानलेवा हमला करने के एक आरोपी ने अपने दोनों हाथों की नशों को काटकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। पुलिस अधिकारियों पर कई दिन से चल रही कलम की कार्रवाई में अब सीआईडी इंस्पेक्टर भी नप गए। आला अधिकारियों ने इंस्पेक्टर योगेश कुमार का पानीपत से ही तबादला कर दिया। उनकी जगह कुरुक्षेत्र से सीआईडी इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार को पानीपत भेजा गया है। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान सीआईडी के इंस्पेक्टर का तबादला होने से चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
पुलिस के आला अधिकारी ने बताया कि पानीपत सीआईडी इंस्पेक्टर योगेश कुमार का तबादला कर दिया गया है। उनको पानीपत से कुरुक्षेत्र भेजा गया है। पानीपत में सीआईडी इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी नरेंद्र कुमार को दी है। नरेंद्र कुमार इससे पहले सीआईडी कुुरुक्षेत्र में इंस्पेक्टर थे। बता दें कि योगेश कुमार की जिला पुलिस से सीआईडी में पहली पोस्टिंग पानीपत में ही थी। वे इससे पहले पानीपत और घरौंडा में थाना प्रभारी रहे हैं। अधिकारियों ने इंस्पेक्टर योगेश कुमार का पानीपत से तबादला करने के कारण स्पष्ट नहीं किए हैं। सीआईडी के ही कुछ जानकारों का मानना है कि हाल में चल रहे जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान सीआईडी से कुछ गलत रिपोर्टिंग हुई है। ऐसा मानना है कि सीआईडी इंस्पेक्टर के तबादले का यही कारण है।
विज्ञापन
पिछले दिनों से पुलिस अधिकारियों पर लगातार हो रही है कार्रवाई
जिला पुलिस अधिकारियों पर पिछले एक सप्ताह से कार्रवाई हो रही है। इसके तहत सबसे बड़ी कार्रवाई रविवार को महिला थाना प्रभारी मीना कुमारी को लाइन हाजिर करने और अतिरिक्त प्रभारी सब-इंस्पेक्टर नीलम से उनका चार्ज वापस लेकर की गई थी। आरोप था कि महिला थाने में ब्लैकमेल करने के मामले में फंसी एक महिला ने थाने में ही फंदा लगाकर खुदकुशी की कोशिश की थी। मामले को दबाने के लिए दौरान मीडियाकर्मियों से भी बदसलूकी कर दी गई। इससे पहले तहसील कैंप में जमीन के एक विवाद में 30 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोपी एएसआई बृजपाल को बर्खास्त कर दिया गया था। 28 फरवरी को पानीपत-रोहतक हाईवे पर डाहर चौक पर भाजपा के हांसी नेता विक्रांत धमीजा के साथ थाना इसराना में तैनात हवलदार जसबीर को सस्पेंड कर दिया था। थाना मतलौडा पुलिस ने दो किलोग्राम चरस को 190 ग्राम दिखाने के मामले में मतलौडा थाना के तत्कालीन प्रभारी इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह का साथ देने वाले सिपाही जयबीर को 28 फरवरी को ही गिरफ्तार किया था। जयबीर ने आठ लाख रुपये की इस डील में बिचौलिए की भूमिका निभाई थी। इसके साथ ही एसपी ने गत दिनों सीआईए-वन प्रभारी इंस्पेक्टर दीपक के काम से नाराज होकर उन्हें एसपी कार्यालय में तलब कर लिया था। सीआईए-वन में जानलेवा हमला करने के एक आरोपी ने अपने दोनों हाथों की नशों को काटकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था।
विज्ञापन