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दहेज प्रथा व भ्रूण हत्या सामाजिक बुराइयां : उपेंद्र मुनि
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संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। नई अनाज मंडी नई जैन स्थानक में उपेंद्र मुनि ने भ्रूण हत्या और दहेज प्रथा पर रोक लगाने का लोगों से आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा व भ्रूण हत्या सामाजिक बुराइयां है।
उन्होंने कहा कि जहां भ्रूण हत्या बेटियों के जन्म को रोकने का एक जघन्य अपराध है और दहेज प्रथा बेटियों के जीवन को और दूभर करती है। कन्या भ्रूण हत्या को समाप्त करने के लिए जागरूकता फैलाना, बेटियों को शिक्षित व सशक्त करना और दहेज प्रथा के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। भ्रूण हत्या यानी गर्भ में ही कन्या शिशु को मारना, मानवता और नारी जाति के विरुद्ध एक जघन्य अपराध है। समाज में बेटे की चाह और दहेज की प्रथा के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। जहां बेटियों का जन्म रोका जाता है। इस प्रथा को रोकने के लिए लोगों में जागरूकता फैलाना, बेटियों को शिक्षित करना और उन्हें परिवार में समान अधिकार देना आवश्यक है।
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समालखा। नई अनाज मंडी नई जैन स्थानक में उपेंद्र मुनि ने भ्रूण हत्या और दहेज प्रथा पर रोक लगाने का लोगों से आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा व भ्रूण हत्या सामाजिक बुराइयां है।
उन्होंने कहा कि जहां भ्रूण हत्या बेटियों के जन्म को रोकने का एक जघन्य अपराध है और दहेज प्रथा बेटियों के जीवन को और दूभर करती है। कन्या भ्रूण हत्या को समाप्त करने के लिए जागरूकता फैलाना, बेटियों को शिक्षित व सशक्त करना और दहेज प्रथा के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। भ्रूण हत्या यानी गर्भ में ही कन्या शिशु को मारना, मानवता और नारी जाति के विरुद्ध एक जघन्य अपराध है। समाज में बेटे की चाह और दहेज की प्रथा के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। जहां बेटियों का जन्म रोका जाता है। इस प्रथा को रोकने के लिए लोगों में जागरूकता फैलाना, बेटियों को शिक्षित करना और उन्हें परिवार में समान अधिकार देना आवश्यक है।
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