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डबल मर्डर में दंपति समेत तीन को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
Updated Fri, 17 Jul 2015 11:07 PM IST
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने बिहौली गांव में डबल मर्डर में पति-पत्नी समेत एक ही परिवार के तीन सदस्यों को उम्रकैद और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
तीनों ने यमुनानगर निवासी महिला के प्रेमी और उसके दोस्त ही हत्या कर शवों को खुर्दबुर्द कर दिया था। पुलिस को डबल मर्डर की गुत्थी सुलझाने में काफी मेहनत करनी पड़ी थी।
मामला थाना बापौली के अंतर्गत बिहौली गांव में 16 सितंबर 2013 का है। बिहौली गांव निवासी धुलिया के झट्टीपुर रोड स्थित खेतों में दो शव मिले थे। दोनों की शिनाख्त सुनील निवासी ठसका यमुनानगर और किरणपाल के रूप में हुई थी।
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यमुनानगर के लाडवा थाने में सुनील के अपहरण का 23 जनवरी 2014 को मुकदमा दर्ज कर लिया। बापौली थाना पुलिस ने दोहरे हत्याकांड में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने इसमें बिहौली निवासी कुलदीप, उसकी पत्नी भारती और उसके भाई जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।
तीनों पुलिस ने पूछताछ में सुनील और किरणपाल की हत्या कर शवों को खुर्दबुर्द करने के आरोपों को कबूल लिया। उन्होंने बताया कि सुनील का भारती के साथ प्रेम प्रसंग था। इसी बीच भारती की कुलदीप निवासी बिहौली के साथ शादी हो गई। वे दोनों शादी के बाद भी एक दूसरे से फोन पर बातें करते रहे।
कुलदीप को इसका पता लग गया। उसने अपनी पत्नी और भाई जितेंद्र के साथ मिलकर सुनील को साइड लगाने की योजना बनाई। मामले के अनुसार भारती ने सुनील को बिहौली गांव में मिलने को बुला लिया। उसके साथ उसका दोस्त किरणपाल भी आ गया।
उन्होंने दोनों को दूध में नींद की गोली पिला दी और फिर दोनों की गला दबाकर हत्या कर शवों को खेतों में फेंक दिया। पुलिस ने महिला भारती, उसके पति कुलदीप और देवर जितेंद्र को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. सुशील कुमार की कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए दोहरे हत्याकांड में उम्रकैद और 10-10 हजार रुपये का जुर्माना और शवों को खुर्द बुर्द करने में तीनों को सात-सात साल की कैद और ांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई। दोनों सजा साथ-साथ चलेंगी और पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना जमा न कराने पर तीनों को छह-छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी।
पुलिस को दोहरे हत्याकांड को सुलझाने में मोबाइल और कॉल डिटेल मददगार साबित हुई। बताया जा रहा है कि सुनील के फोन की कॉल डिटेल निकलवाई तो आखिरी कॉल में भारती से बात करना पाया। वहीं, पुलिस मृतक सुनील का फोन तलाशती रही, लेकिन उसका मोबाइल नहीं मिला।
इसी दौरान पुलिस में तैनात हवलदार जसबीर के रिश्तेदार अजीत के मोबाइल में भारती केप्रयुक्त मोबाइल की लोकेशन मिली। पुलिस ने अजीत से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह समालखा में शक्ति को मोबाइल ठीक करने को देकर आया था।
वहीं, शक्ति ने पुलिस पूछताछ में बताया कि अजीत और बिहौली निवासी जितेंद्र अपना-अपना मोबाइल ठीक कराने को देकर गए थे। दोनों की ईएमआई प्लेट एक दूसरे से बदली गई। पुलिस ने फिर 15 सितंबर 2013 की कॉल डिटेल निकलवाई। इसमें पूरी तस्वीर साफ हो गई।
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तीनों ने यमुनानगर निवासी महिला के प्रेमी और उसके दोस्त ही हत्या कर शवों को खुर्दबुर्द कर दिया था। पुलिस को डबल मर्डर की गुत्थी सुलझाने में काफी मेहनत करनी पड़ी थी।
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मामला थाना बापौली के अंतर्गत बिहौली गांव में 16 सितंबर 2013 का है। बिहौली गांव निवासी धुलिया के झट्टीपुर रोड स्थित खेतों में दो शव मिले थे। दोनों की शिनाख्त सुनील निवासी ठसका यमुनानगर और किरणपाल के रूप में हुई थी।
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यमुनानगर के लाडवा थाने में सुनील के अपहरण का 23 जनवरी 2014 को मुकदमा दर्ज कर लिया। बापौली थाना पुलिस ने दोहरे हत्याकांड में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने इसमें बिहौली निवासी कुलदीप, उसकी पत्नी भारती और उसके भाई जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।
तीनों पुलिस ने पूछताछ में सुनील और किरणपाल की हत्या कर शवों को खुर्दबुर्द करने के आरोपों को कबूल लिया। उन्होंने बताया कि सुनील का भारती के साथ प्रेम प्रसंग था। इसी बीच भारती की कुलदीप निवासी बिहौली के साथ शादी हो गई। वे दोनों शादी के बाद भी एक दूसरे से फोन पर बातें करते रहे।
कुलदीप को इसका पता लग गया। उसने अपनी पत्नी और भाई जितेंद्र के साथ मिलकर सुनील को साइड लगाने की योजना बनाई। मामले के अनुसार भारती ने सुनील को बिहौली गांव में मिलने को बुला लिया। उसके साथ उसका दोस्त किरणपाल भी आ गया।
उन्होंने दोनों को दूध में नींद की गोली पिला दी और फिर दोनों की गला दबाकर हत्या कर शवों को खेतों में फेंक दिया। पुलिस ने महिला भारती, उसके पति कुलदीप और देवर जितेंद्र को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. सुशील कुमार की कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए दोहरे हत्याकांड में उम्रकैद और 10-10 हजार रुपये का जुर्माना और शवों को खुर्द बुर्द करने में तीनों को सात-सात साल की कैद और ांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई। दोनों सजा साथ-साथ चलेंगी और पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना जमा न कराने पर तीनों को छह-छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी।
पुलिस को दोहरे हत्याकांड को सुलझाने में मोबाइल और कॉल डिटेल मददगार साबित हुई। बताया जा रहा है कि सुनील के फोन की कॉल डिटेल निकलवाई तो आखिरी कॉल में भारती से बात करना पाया। वहीं, पुलिस मृतक सुनील का फोन तलाशती रही, लेकिन उसका मोबाइल नहीं मिला।
इसी दौरान पुलिस में तैनात हवलदार जसबीर के रिश्तेदार अजीत के मोबाइल में भारती केप्रयुक्त मोबाइल की लोकेशन मिली। पुलिस ने अजीत से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह समालखा में शक्ति को मोबाइल ठीक करने को देकर आया था।
वहीं, शक्ति ने पुलिस पूछताछ में बताया कि अजीत और बिहौली निवासी जितेंद्र अपना-अपना मोबाइल ठीक कराने को देकर गए थे। दोनों की ईएमआई प्लेट एक दूसरे से बदली गई। पुलिस ने फिर 15 सितंबर 2013 की कॉल डिटेल निकलवाई। इसमें पूरी तस्वीर साफ हो गई।