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Panipat News: चिकित्सक ने दो घंटे रखी पेन डाउन हड़ताल, ओपीडी में मरीज परेशान
Fri, 28 Nov 2025 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Fri, 28 Nov 2025 01:13 AM IST
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फर्श पर बैठकर नंबर का इंतजार करते मरीज। संवाद
पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल, समालखा सामान्य अस्पताल और सीएचसी में चिकित्सकों ने वीरवार को दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल रखी। सुबह नौ से 11 बजे तक कोई चिकित्सक ओपीडी में नहीं बैठा। चिकित्सकों ने धरने पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और एसएमओ की सीधी भर्ती को गलत करार दिया। चिकित्कों की हड़ताल के चलते मरीजों को घंटों लाइन में लगकर, फर्श पर बैठकर अपने नंबर का इंतजार करना पड़ा। करीब सौ लोगों को बिना इलाज व दवा के ही लौटना पड़ा। रेडियोलाॅजिस्ट न मिलने से ज्यादातर गर्भवतियों को बिना अल्ट्रासाउंड ही वापस आना पड़ा। हड़ताल में 50 चिकित्सक शामिल रहे। केवल दांतों के चिकित्सक हड़ताल के दौरान ओपीडी में रहे। ओपीडी करीब 1200 रही। सामान्य दिनों में 1800 तक रहती है।
जिला नागरिक अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर सुबह नौ से 11 बजे तक चिकित्सकों की पेन डाउन हड़ताल रहने से मरीजों को घंटों लाइनों में लगकर इलाज व दवा लेनी पड़ी। कुछ को घंटों लाइन में लगना पड़ा तो कुछ को फर्श पर बैठकर अपने नंबर का इंतजार करना पड़ा। नांगल खेड़ी से दवा लेने पहुंची सुमित्रा देवी ने बताया कि उसे चिकित्सकों की हड़ताल का पता नहीं था इसलिए वह सुबह नौ बजे अस्पताल में पहुंच गई थी लेकिन दो घंटे इंतजार को बाद ओपीडी पर्ची कटनी शुरू हुई। भीड़ बढ़ने से उसे 20 मिनट लाइन में लगकर पंजीकरण करवाया, फिर चिकित्सक जांच में उसे 15 मिनट लगी और दवा लेते समय उसे लगभग आधा घंटा लगा। चिकित्सकों की हड़ताल ने मरीजों के मर्ज को बढ़ा दिया है जिसका खामियाजा मरीजों को लाइनों में या ठंड के मौसम में फर्श पर बैठकर चुकाना पड़ रहा है। जिला प्रधान रिंकू सांगवान ने कहा कि यूनियन सरकार के सामने अपनी मांग रख चुकी है। अब उनकी मांगों पर काम नहीं किया जा रहा है। चिकित्सकों में सरकार की अनदेखी पर रोष बना हुआ है।
रेडियोलॉजिस्ट न मिलने से गर्भवती परेशान
अस्पताल में एक तरफ जहां चिकित्सकों की हड़ताल ने मरीजों की परेशानी बढ़ाई वहीं रेडियोलॉजिस्ट न मिलने से ज्यादातर गर्भवतियों को बिना अल्ट्रासाउंड करवाए ही लौटना पड़ा। चिकित्सकों की हड़ताल व चिकित्सकों का न मिलने मरीजों की परेशानी को बढ़ा रहा है। वहीं पिछले दस महीने से अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ न होने से मरीजों को निजी अस्पतालों या अन्य जिलों में जाकर इलाज करवाना पड़ रहा है जो उन्हें महंगा पड़ रहा है।
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चिकित्सकों ने वीरवार को हड़ताल की है लेकिन मरीजों को कोई परेशानी नहीं होने दी गई है। अस्पताल व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचे मरीजों को दवा व इलाज मिला है।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।
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जिला नागरिक अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर सुबह नौ से 11 बजे तक चिकित्सकों की पेन डाउन हड़ताल रहने से मरीजों को घंटों लाइनों में लगकर इलाज व दवा लेनी पड़ी। कुछ को घंटों लाइन में लगना पड़ा तो कुछ को फर्श पर बैठकर अपने नंबर का इंतजार करना पड़ा। नांगल खेड़ी से दवा लेने पहुंची सुमित्रा देवी ने बताया कि उसे चिकित्सकों की हड़ताल का पता नहीं था इसलिए वह सुबह नौ बजे अस्पताल में पहुंच गई थी लेकिन दो घंटे इंतजार को बाद ओपीडी पर्ची कटनी शुरू हुई। भीड़ बढ़ने से उसे 20 मिनट लाइन में लगकर पंजीकरण करवाया, फिर चिकित्सक जांच में उसे 15 मिनट लगी और दवा लेते समय उसे लगभग आधा घंटा लगा। चिकित्सकों की हड़ताल ने मरीजों के मर्ज को बढ़ा दिया है जिसका खामियाजा मरीजों को लाइनों में या ठंड के मौसम में फर्श पर बैठकर चुकाना पड़ रहा है। जिला प्रधान रिंकू सांगवान ने कहा कि यूनियन सरकार के सामने अपनी मांग रख चुकी है। अब उनकी मांगों पर काम नहीं किया जा रहा है। चिकित्सकों में सरकार की अनदेखी पर रोष बना हुआ है।
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रेडियोलॉजिस्ट न मिलने से गर्भवती परेशान
अस्पताल में एक तरफ जहां चिकित्सकों की हड़ताल ने मरीजों की परेशानी बढ़ाई वहीं रेडियोलॉजिस्ट न मिलने से ज्यादातर गर्भवतियों को बिना अल्ट्रासाउंड करवाए ही लौटना पड़ा। चिकित्सकों की हड़ताल व चिकित्सकों का न मिलने मरीजों की परेशानी को बढ़ा रहा है। वहीं पिछले दस महीने से अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ न होने से मरीजों को निजी अस्पतालों या अन्य जिलों में जाकर इलाज करवाना पड़ रहा है जो उन्हें महंगा पड़ रहा है।
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चिकित्सकों ने वीरवार को हड़ताल की है लेकिन मरीजों को कोई परेशानी नहीं होने दी गई है। अस्पताल व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचे मरीजों को दवा व इलाज मिला है।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।

फर्श पर बैठकर नंबर का इंतजार करते मरीज। संवाद