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Panipat News: ओपीडी छोड़ बैठक में गए चिकित्सक, करीब 430 मरीज बिना इलाज लौटे

Tue, 03 Feb 2026 03:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत Updated Tue, 03 Feb 2026 03:44 AM IST
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Doctors left OPD and went to the meeting, about 430 patients returned without treatment
गीता। संवाद
पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में सोमवार को सामान्य सर्जन, मनोरोग विशेषज्ञ और चर्म रोग विशेषज्ञ न मिलने से मरीजों की परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसे में तीनों चिकित्सकों के करीब 430 मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। सामान्य सर्जन ओपीडी के दौरान ही बैठक में चले गए जबकि मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मोना नागपाल लंबी छुट्टी पर हैं और चर्म रोग विशेषज्ञ सोमवार को समालखा सामान्य अस्पताल में ड्यूटी पर रहे। मरीजों को इनके अलावा दूसरे चिकित्सकों की ओपीडी में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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सोमवार को सुबह नौ बजे ओपीडी शुरू की। मरीज करीब साढ़े आठ बजे ही अस्पताल में पहुंच गए थे। करीब 1800 लोग सोमवार को ओपीडी में पहुंचे। चिकित्सक 10 से साढ़े 10 बजे तक ओपीडी में पहुंचे। सामान्य सर्जन डॉ. संजीव आठ-दस मरीजों की जांच कर बैठक में चले गए। वे दोपहर बाद दो बजे तक ओपीडी में नहीं आए। ऐसे में मरीजों को ठंडे फर्श पर बैठना पड़ा। कुछ तो बिना इलाज व दवा के ही लौट गए। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. राघवेंद्र मंगलवार और शनिवार को जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में बैठते हैं। वे बाकी दिनों समालखा सामान्य अस्पताल की ओपीडी में बैठते हैं। ऐसे में उनके सोमवार को ओपीडी में नहीं मिले। मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मोना नागपाल लंबे अवकाश पर हैं। ऐसे में तीनों चिकित्सकों के करीब 430 मरीजों को अस्पताल में आने के बाद भी दवा नहीं मिल पाई। मरीज चिकित्सक के देरी से आने और जल्दी चले जाने से परेशान रहे। उनको बेंच तक नहीं मिल पाए। ऐसे में फर्श का सहारा लेना पड़ा। इन सबके चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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फोटो कोट्स-
भारत नगर की गीता ने बताया कि मेरे हाथ और पेट में दर्द है। मैं जिला नागरिक अस्पताल में सुबह आठ बजे आई थी। अस्पताल की ओपीडी नौ बजे शुरू हुई। मैंने 09:10 पर पंजीकरण करा लिया था। मैं सामान्य सर्जन के कक्ष के बाहर चिकित्सक का इंतजार करती रही। चिकित्सक अपने कक्ष में करीब 10:30 बजे आए और आठ-दस मरीज को देखकर कहीं चले गए। तब से करीब दोपहर एक बजे तक चिकित्सक कक्ष में नहीं लौटे। मैं इससे पहले भी दो बार अस्पताल आ चुकी हूं। पहले में 27 जनवरी और फिर 30 जनवरी को आई थी लेकिन चिकित्सक नहीं मिले। अब सोमवार को आई तो चिकित्सक बैठक होने की कहकर चले गए। मुझे कल फिर से अस्पताल आना पड़ेगा। ब्यूरो
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वर्जन :
अस्पताल में मनोचिकित्सक सप्ताह में दो दिन मंगलवार और वीरवार को बैठते हैं, चर्म रोग विशेषज्ञ मंगलवार और शनिवार को बैठते हैं। सामान्य सर्जन अस्पताल में रहे। कई बार चिकित्सक को राउंड पर जाना पड़ता है इसलिए कुछ समय मरीजों को इंतजार करना पड़ जाता है बाकी अस्पताल में पहुंचे प्रत्येक मरीज को इलाज व दवा दी जा रही है।
डॉ. विजय मलिक, पानीपत।

गीता। संवाद

गीता। संवाद

गीता। संवाद

गीता। संवाद

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