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Panipat News: अव्यवस्थाओं से लड़ कर प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे दिव्यांग
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। अव्यवस्थाओं से लड़कर दिव्यांग सामान्य अस्पताल में दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पहुंच रहे है। बुधवार को सामान्य अस्पताल में दिव्यांगों के लिए विशेष शिविर लगाया गया। इनमें दर्जन भर से अधिक दिव्यांगो ने अपना आवेदन किया। जिले भर से दिव्यांगों के आंकड़े की बात करे तो 9300 दिव्यांग प्रमाण पत्र बन चुके है, वही 1200 पत्र बनने बाकि है।
अब दिव्यांगों के लिए आवेदन प्रक्रिया भी ऑनलाइन कर दी गई है, जिसके चलते दिव्यांगों को अब उन्हें काफी फायदा हो रहा है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में अब दिव्यांग का आधार कार्ड और उसकी फेमिली आईडी को भी लिंक किया जा रहा है, ताकि भविष्य भी प्रमाण पत्र गुम होने पर भी आधार कार्ड नंबर से दिव्यांग प्रमाण पत्र को निकाला जा सके। वहीं बुधवार को पहुंच कुछ दिव्यांगों ने अस्पताल की सुविधाओं पर सवाल खड़े किए। पावटी से पहुंचे दिव्यांग रविंद्र ने बताया कि वह बचपन से दिव्यांग है।
वह पिछले चार बुधवार से अस्पताल के चक्कर काट चुका है, हर बार उसे आश्वासन दिया जाता है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। कभी डॉक्टर नहीं मिलता तो कभी सॉफ्टवेयर में दिक्कत आ जाती है, जिस वजह उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा महावटी निवासी संतोष ने बताया कि उसके हाथ- पैर व घुटने काम नहीं करते, जिसके लिए वह दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पिछले पांच बुधवार से अस्पताल आ रही है। उनका कहना है कि तीन बार उसे डॉक्टर नहीं मिले, दो बार में एक बार दस्तावेज तक नहीं लिए गए, इस बार दस्तावेज लिए है, लेकिन दोबारा आने के लिए कहा गया।
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पानीपत। अव्यवस्थाओं से लड़कर दिव्यांग सामान्य अस्पताल में दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पहुंच रहे है। बुधवार को सामान्य अस्पताल में दिव्यांगों के लिए विशेष शिविर लगाया गया। इनमें दर्जन भर से अधिक दिव्यांगो ने अपना आवेदन किया। जिले भर से दिव्यांगों के आंकड़े की बात करे तो 9300 दिव्यांग प्रमाण पत्र बन चुके है, वही 1200 पत्र बनने बाकि है।
अब दिव्यांगों के लिए आवेदन प्रक्रिया भी ऑनलाइन कर दी गई है, जिसके चलते दिव्यांगों को अब उन्हें काफी फायदा हो रहा है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में अब दिव्यांग का आधार कार्ड और उसकी फेमिली आईडी को भी लिंक किया जा रहा है, ताकि भविष्य भी प्रमाण पत्र गुम होने पर भी आधार कार्ड नंबर से दिव्यांग प्रमाण पत्र को निकाला जा सके। वहीं बुधवार को पहुंच कुछ दिव्यांगों ने अस्पताल की सुविधाओं पर सवाल खड़े किए। पावटी से पहुंचे दिव्यांग रविंद्र ने बताया कि वह बचपन से दिव्यांग है।
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वह पिछले चार बुधवार से अस्पताल के चक्कर काट चुका है, हर बार उसे आश्वासन दिया जाता है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। कभी डॉक्टर नहीं मिलता तो कभी सॉफ्टवेयर में दिक्कत आ जाती है, जिस वजह उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा महावटी निवासी संतोष ने बताया कि उसके हाथ- पैर व घुटने काम नहीं करते, जिसके लिए वह दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पिछले पांच बुधवार से अस्पताल आ रही है। उनका कहना है कि तीन बार उसे डॉक्टर नहीं मिले, दो बार में एक बार दस्तावेज तक नहीं लिए गए, इस बार दस्तावेज लिए है, लेकिन दोबारा आने के लिए कहा गया।
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